AI तय करेगा IAS और RAS अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग, सरकार यह करने जा रही बड़ा बदलाव
News In Short
- राजस्थान में अब AI तय करेगा IAS और RAS अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग।
- राजकाज सॉफ्टवेयर का एआई आधारित नया और आधुनिक वर्जन हो रहा तैयार।
- यह प्रोजेक्ट तीन साल में पूरा होगा। इसके लिए 3.46 करोड़ का बजट आवंटित।
- इस आधुनिक प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी स्टेट ई-मिशन टीम (सेम्ट) को सौंपी।
- मौजूदा राजकाज सिस्टम में बाहरी हस्तक्षेप की संभावनाएं अधिक रहती हैं।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पारंपरिक फाइलों और मैन्युअल सिस्टम की जगह जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लेगा। सरकार ने तय किया है कि आईएएस और आरएएस अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह से एआई आधारित बनाया जाएगा। इसके लिए राजकाज सॉफ्टवेयर का नया और आधुनिक वर्जन तैयार किया जा रहा है।
3 साल का प्रोजेक्ट, 3.46 करोड़ का बजट
इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य सरकार ने 3.46 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह तीन साल का प्रोजेक्ट है। इसे 2026-27 से 2028-29 तक चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी स्टेट ई-मिशन टीम (सेम्ट) को सौंपी गई है। यह डिजिटल गवर्नेंस के लिए तकनीकी सलाहकार के रूप में कार्य करेगी।
क्यों पड़ी अपडेट वर्जन की जरूरत
अभी प्रदेश में अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए राजकाज पोर्टल का उपयोग हो रहा है। इसमें प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों का पूर्ण समावेश नहीं है। पुरानी प्रणाली में हस्तक्षेप की संभावनाएं भी अधिक रहती हैं। नए सिस्टम को बनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता और कार्यप्रणाली को तेज करना है।
अपडेट वर्जन की ये हैं खासियत
नए सिस्टम में फिंगरप्रिंट और फेस अनलॉक जैसी बायोमेट्रिक सुरक्षा दी जाएगी। अधिकारियों को उनके आवेदनों या ट्रांसफर से जुड़ी सूचनाएं तुरंत रियल-टाइम पर मिलेंगी। इंटरनेट न होने की स्थिति में भी यह सिस्टम बुनियादी कार्य करने में सक्षम होगा। इसमें छुट्टी के आवेदन, अचल संपत्ति विवरण (आईपीआर), एसीआर और सैलरी मैनेजमेंट जैसे 8 प्रमुख कार्यों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।
भारी वर्कलोड के लिए बनेगा नया एआई डेटा सेंटर
एआई और मशीन लर्निंग के भारी वर्कलोड को संभालने के लिए राजस्थान स्टेट डेटा सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा। यहां एक अत्याधुनिक एआई आधारित डेटा सेंटर स्थापित होगा। यह सिस्टम न केवल ट्रांसफर-पोस्टिंग का प्रबंधन करेगा, बल्कि ई-वेबसाइटों में टेक्स्ट-टू-स्पीच और डिस्लेक्सिया फ्रेंडली व्यू जैसी सुविधाएं भी जोड़ेगा, जिससे सरकारी सेवाएं हर नागरिक के लिए सुलभ हो सकें।
केंद्रीय नियंत्रण से मिलेगी मुक्ति
अब तक राज्य की इस व्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा केंद्रीय डीओपी के कंट्रोल और रोल पर निर्भर रहता था। लेकिन राजकाज 2.0 का अपडेट वर्जन आने के बाद राजस्थान सरकार इस मामले में पूरी तरह स्वतंत्र हो जाएगी। राज्य स्तर पर ही स्वतंत्र रूप से सॉफ्टवेयर का विकास और संचालन किया जा सकेगा।
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