अमूल ब्रांड के नाम पर 'जहर' परोसने की साजिश, 12 हजार कार्टन एक्सपायरी माल जब्त, सोशल मीडिया से सीखा तारीख बदलने का खेल
News In Short
- 'अमूल' ब्रांड के एक्सपायरी उत्पादों को बाजार में खपाने वाले नेटवर्क का खुलासा।
- सस्ते दामों पर एक्सपायरी माल खरीदकर उसे नई पैकिंग में खपाते थे बाजार में।
- छापेमारी में 12 हजार कार्टन से अधिक एक्सपायरी खाद्य सामग्री हुआ बरामद।
- एक्सपायरी उत्पादों से पुरानी तारीख मिटाकर नई तारीख प्रिंट करने का तरीका सोशल मीडिया से सीखा
- एक्सपायरी माल और अन्य सामान को 27 ट्रकों में भरकर कचरा डिपो में करवाया नष्ट।
News In Detail
जयपुर। राजस्थान के जयपुर में मिलावटखोरों और जालसाजों के एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जो नामी ब्रांड 'अमूल' के एक्सपायरी उत्पादों को री-पैकेजिंग कर जनता की सेहत से खिलवाड़ करने की तैयारी में था। जयपुर के खो नागोरियान क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 हजार कार्टन एक्सपायरी खाद्य सामग्री को नष्ट करवाया है। यह पूरा खेल एक्सपायरी डेट मिटाकर नई तारीख डालने और ऊंचे दामों पर बाज़ार में खपाने का था।
181 हेल्पलाइन पर शिकायत, फिर खुला मौत का गोदाम
इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब राजस्थान सरकार की 181 हेल्पलाइन पर एक जागरूक नागरिक ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि खो नागोरियान में एक गुप्त गोदाम में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं।
सूचना मिलते ही CMHO जयपुर द्वितीय की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से गोदाम पर छापा मारा। अंदर का नज़ारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। गोदाम में कायरा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर यूनियन (गुजरात) द्वारा उत्पादित अमूल ब्रांड के नॉन-डेयरी प्रोडक्ट्स का अंबार लगा था।
टीम को वहां नूडल्स, केचअप, म्योनीज और एनर्जी ड्रिंक जैसे उत्पादों के 12,000 कार्टन मिले, जो अपनी उपभोग की समय-सीमा (Expiry Date) पार कर चुके थे।
थिनर और केमिकल से मिटाई जा रही थी तारीख
जांच में सामने आया कि एथलीट डिस्ट्रीब्यूटर फर्म का संचालक गगन आहूजा इस पूरे काले कारोबार का मास्टरमाइंड है। गोदाम के अंदर 3000 से अधिक कार्टन ऐसे मिले, जिनमें से मूल एक्सपायरी डेट को केमिकल के जरिए मिटा दिया गया था।
मौके से बड़ी मात्रा में थिनर और एसीटोन (तारीख मिटाने के लिए), नई डेट प्रिंट करने वाली मशीनें और 4500 नए अमूल ब्रांड के खाली कार्टन बरामद किए गए। पड़ोसियों ने बताया कि गोदाम के कर्मचारी सुबह अंदर जाते ही शटर गिरा लेते थे और दिन भर अंदर गुप्त तरीके से 'डेटिंग' का खेल चलता था। किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह वर्जित था।
सोशल मीडिया बना जुर्म की पाठशाला
अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी गगन आहूजा ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने स्वीकार किया कि एक्सपायरी उत्पादों से पुरानी तारीख मिटाकर नई तारीख प्रिंट करने का तरीका उसने सोशल मीडिया यूट्यूब और इंस्टाग्राम (YouTube/Instagram) से सीखा था। वह सस्ते दामों पर एक्सपायरी माल खरीदकर उसे नई पैकिंग में भरकर मोटे मुनाफे पर बाज़ार में बेचने की फिराक में था।
27 ट्रकों में भरकर नष्ट हुआ माल
विभाग ने ज़ब्त किए गए उत्पादों को तुरंत नष्ट करने का निर्णय लिया। लगातार चार दिनों तक चली इस बड़ी कार्रवाई में बड़ी मात्रा में ज़हरीले उत्पाद ज़ब्त किए गए। इन उत्पादों को 27 ट्रकों में भरकर कचरा डिपो ले जाया गया। विभाग की निगरानी में पूरे माल को नष्ट कर ज़मीन में दफन किया गया ताकि कोई दोबारा इसे न निकाल सके।
कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर दिया है। गोदाम और मशीनों को सील कर दिया गया है। विभाग अब खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की विभिन्न धाराओं के तहत न्यायालय में परिवाद दायर करने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार अन्य शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी जांच जारी है।
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