साइबर ठगों से 'सेटिंग' का ऑडियो वायरल, एसपी ने दिए जांच के आदेश, जानिए पूरा मामला
News In Short
- खैरथल-तिजारा जिले में कांस्टेबल और दलाल के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल।
- ऑडियो में लाखों रुपये की डील और अवैध वसूली की बात सुनाई दे रही है।
- ऑडियो में वसूली के लिए अपराधी को ट्रैप करने की योजना भी बन रही है।
- मामला सामने आने के बाद खैरथल-तिजारा जिले के एसपी ने दिए जांच के आदेश।
- जांच की जिम्मेदारी किशनगढ़बास के डीएसपी लाल सिंह को सौंपी।
News In Detail
सुनील जैन@अलवर
राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास थाने से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। एक पुलिस कांस्टेबल और एक दलाल के बीच हुई बातचीत का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस ऑडियो में साइबर ठगों को पकड़ने के नाम पर लाखों रुपये की डील और अवैध वसूली की बात सुनाई दे रही है। मामला सामने आने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक (SP) मनीष चौधरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
क्या है वायरल ऑडियो में
वायरल ऑडियो किशनगढ़ बास थाने के सिपाही डिलफुल और उसके एक मुखबिर (दलाल) के बीच का बताया जा रहा है। ऑडियो की शुरुआत एक कार्रवाई को लेकर होती है, जिसमें दलाल पुलिसकर्मी को एक बड़े 'शिकार' का लालच देता है।
दलाल कहता है, एक मुर्गी है जिसने करीब 1.75 लाख का टटलू काटा (ठगी की) है। इसमें एक सिंधी बीच में है। हमें करीब 3 लाख रुपये की सेटिंग करनी है, इससे कम में बात नहीं करनी। चौंकाने वाली बात यह है कि दलाल सिपाही को डांटते हुए यह भी कहता है कि वह अक्सर छोटी रकम के चक्कर में फंस जाता है, जबकि इस बार मोटा हाथ मारना है।
'घर से नहीं, रोड से उठाएंगे'
ऑडियो में केवल पैसों के लेनदेन की ही बात नहीं है, बल्कि एक अपराधी को ट्रैप करने की पूरी योजना भी बनाई गई है। जब सिपाही यह कहता है कि थानेदार इतने आदमी (जाब्ता) नहीं देगा और घर से उठाना मुश्किल होगा तो दलाल पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले लेता है।
दलाल कहता है, घर से निकालने का काम मेरा है, मैं उसे बाहर ले आऊंगा। तुम बस मोटरसाइकिल लेकर आ जाना, हम उसे सड़क से उठा लेंगे और जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर ले चलेंगे। इस बातचीत से यह साफ होता है कि अपराधियों को पकड़ने का मकसद कानून का राज स्थापित करना नहीं, बल्कि उनसे मोटी रकम ऐंठना था।
साइबर ठगी का गढ़ और मिलीभगत
ऑडियो में साइबर ठग का ठिकाना झरनडिया बताया गया है, जबकि दलाल का गांव खेड़ला बताया जा रहा है। यह ऑडियो इस कड़वे सच को उजागर करता है कि राजस्थान के मेवात क्षेत्र में पैर पसार चुके साइबर फ्रॉड के नेटवर्क में किस तरह पुलिस के कुछ कारिंदे और दलाल मिलकर वसूली उद्योग चला रहे हैं। ऑडियो में अन्य लोगों से भी पैसे उगाहने का जिक्र है, लेकिन सिपाही बड़ी मछली (बड़े ठग) पर हाथ डालने में अधिक रुचि दिखाता है।
पुलिस विभाग में हड़कंप, जांच शुरू
जैसे ही यह ऑडियो वायरल हुआ, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी मनीष चौधरी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए किशनगढ़बास के डीएसपी लाल सिंह को मामले की जांच सौंपी है।
डीएसपी लाल सिंह का कहना है कि हमें एसपी कार्यालय से एक परिवाद प्राप्त हुआ है। वायरल ऑडियो को सुना गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से पैसों के लेनदेन व अनैतिक बातचीत सुनाई दे रही है। फिलहाल मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी सिपाही और दलाल के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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