34 अफसरों ने उठाया गलत हैंडसेट अलाउंस, अब होगी 6.63 लाख की रिकवरी

Ashish Bhardwaj | Jul 23, 2026, 12:46 IST
गलत हैंडसेट अलाउंस
राजस्थान की लाइसेंसिंग सर्विस ऑथोरिटी में 34 अफसरों ने नियम तोड़कर बार-बार हैंडसेट अलाउंस लिया। ऑडिट में 6.63 लाख की अनियमितता सामने आई है, अब रिकवरी की तैयारी हो रही है।

समझें क्या है पूरा मामला

राजस्थान LSA में हैंडसेट अलाउंस की गड़बड़ी सामने आई।


34 अफसरों ने नियम तोड़कर बार-बार भत्ता लिया।


ऑडिट में 6.63 लाख रुपए की अनियमितता पकड़ी गई।


नियम के मुताबिक यह अलाउंस सेवा में सिर्फ एक बार मिलता है।


अब संबंधित अफसरों से राशि की रिकवरी की तैयारी है।



राजस्थान की लाइसेंसिंग सर्विस ऑथोरिटी में हैंडसेट अलाउंस से जुड़ी गड़बड़ी सामने आई है। 34 अफसरों ने नियम तोड़कर बार-बार हैंडसेट अलाउंस उठाया है। सालाना ऑडिट में करीब 6.63 लाख रुपए की अनियमितता पकड़ी गई है। नियम के अनुसार पूरी सर्विस में सिर्फ एक बार अलाउंस मिल सकता है। अब आपत्ति के बाद अफसरों से राशि की रिकवरी की तैयारी हो रही है।



क्या है हैंडसेट अलाउंस का नियम

फाइनेंस डिपार्टमेंट यानी एक्सपेंडिचर विभाग के नियम बिल्कुल साफ हैं। इसके तहत कोई भी अधिकारी पूरी सर्विस के दौरान सिर्फ एक बार ही मोबाइल हैंडसेट अलाउंस ले सकता है।



साल 2018 में इस नियम को और सख्त बनाने के लिए रिवाइज्ड ऑर्डर जारी किया गया था। बावजूद इसके, LSA के कई अफसरों ने इस नियम को नजरअंदाज कर दिया।



2012 से 2026 तक उठाते रहे अलाउंस

ऑडिट में सामने आया है कि यह अफसर साल 2012 से 2026 तक लगातार नया हैंडसेट अलाउंस उठाते रहे। हर तीन साल में उन्हें नया अलाउंस मिल जाता था।



जिन अफसरों की सूची बनाई गई है, उन्हें हर बार करीब 22,500 रुपए का अलाउंस मिलता रहा। इस तरह सरकारी खजाना को कुल मिलाकर करीब 6.63 लाख रुपए का नुकसान हुआ।



ऑडिट टीम ने इसे एक्सपेंडिचर विभाग के आदेशों की खुली अवहेलना और गंभीर वित्तीय लापरवाही करार दिया है।



रिटायर अफसर भी सूची में शामिल

इस मामले का एक दिलचस्प पहलू भी सामने आया है। जिन अफसरों की सूची बनी है, उनमें से एक अधिकारी पहले ही रिटायर हो चुके हैं।



बताया जा रहा है कि आरोपी अफसर पे-मैट्रिक्स लेवल-12 से लेवल-15 तक के हैं। इन अफसरों की मासिक सैलरी करीब 2 से 3 लाख रुपए के बीच बताई जा रही है।



LSA का क्या कहना है

इस मामले पर जब LSA का पक्ष लिया गया तो एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हेडक्वार्टर के नियमों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई होगी।



वहीं ऑडिट टीम का मानना है कि एक्सपेंडिचर विभाग के आदेशों की अवहेलना करना भी एक गंभीर अनियमितता है। अब देखना यह है कि विभाग अफसरों से पूरी राशि की रिकवरी कब तक करता है।



FAQ

  1. हैंडसेट अलाउंस का नियम क्या कहता है?
    नियम के अनुसार कोई भी अधिकारी पूरी सर्विस में सिर्फ एक बार यह अलाउंस ले सकता है। 2018 में इस नियम को और सख्त बनाया गया था। इसके बावजूद कई अफसरों ने इसे नजरअंदाज किया।

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