नामी दवाओं की डुप्लीकेट पैकिंग, बिना बिल खरीदी, 3 राज्यों में फैला नेटवर्क
Jageshwar prasad | Jul 23, 2026, 12:25 IST
उत्तर प्रदेश में नकली दवा रैकेट का खुलासा, अलवर के भूपेंद्र शर्मा का नाम सामने
उत्तर प्रदेश में करोड़ों रुपए के नकली एलोपैथिक दवा रैकेट का खुलासा। जांच में राजस्थान के अलवर निवासी भूपेंद्र शर्मा का नाम आया सामने। आरोपी पहले भी नकली दवा मामले में जेल जा चुका है।
समझें क्या है पूरा मामला
- उत्तर प्रदेश में जांच में हुआ नकली दवा रैकेट का खुलासा।
- रैकेट में अलवर के निवासी भूपेंद्र शर्मा का नाम आया सामने।
- आरोपी नामी कंपनियों की दवाओं की डुप्लीकेट पैकिंग करते थे।
- उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक फैली सप्लाई चेन।
- राज्य में हाई अलर्ट, तीनों राज्यों की एजेंसियां मिलकर कर रही जांच।
Alwar: उत्तर प्रदेश में हाल ही में करोड़ों रुपए के नकली एलोपैथिक दवा रैकेट के खुलासे के बाद अब इसकी जांच की आंच राजस्थान तक पहुंच गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में राजस्थान के अलवर जिले के खेड़ली निवासी भूपेंद्र शर्मा का नाम सामने आया है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में दर्ज मामलों में उसे अन्य आरोपियों के साथ नामजद किया गया है। अब तीनों राज्यों की एजेंसियां मिलकर इस अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी नामी कंपनियों की ब्रांडेड दवाओं जैसी दिखने वाली डुप्लीकेट पैकिंग तैयार कर बाजार में सप्लाई करते थे। पैकेट पर जानबूझकर मामूली स्पेलिंग और प्रिंटिंग की गलतियां की जाती थीं, ताकि पहली नजर में दवा असली लगे लेकिन कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश की जा सके।
बिना बिल खरीदी, कई राज्यों में सप्लाई
जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इस नेटवर्क का संचालन राजस्थान से किस स्तर पर किया जा रहा था और इसकी सप्लाई चेन किन-किन राज्यों तक फैली हुई थी।
पहले भी नकली दवा मामले में जा चुका है जेल
इस प्रकरण में वह करीब पांच वर्ष जेल में रहा और वर्ष 2023 में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बाहर आया।
जांच में यह भी सामने आया है कि उसने रुड़की निवासी संदीप त्यागी से Losar-H नामक दवा की नकली खेप खरीदी थी। दिल्ली में गणपति एंटरप्राइजेज के नाम से फर्म बनाकर राजस्थान के कई जिलों में दवाओं की सप्लाई की जाती थी।
उस कार्रवाई के दौरान भी बड़ी मात्रा में नकली दवाएं बरामद हुई थी और कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए थे।
उत्तराखंड की कंपनी में भी मिला कनेक्शन
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ड्रग रेगुलेट से लगातार संपर्क किया जा रहा है और राजस्थान में भी उसके नेटवर्क तथा गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
पैकिंग में मिली कई गड़बड़ियां
अब यह पता लगाया जा रहा है कि नकली दवाएं कहां तैयार की जा रही थीं और किन माध्यमों से बाजार तक पहुंच रही थी।
राजस्थान में हाई अलर्ट
निर्देशों में कहा गया है कि यदि मेडिकल स्टोर, थोक बाजार या सप्लाई चेन में इन दवाओं को लेकर कोई भी संदिग्ध स्थिति मिले तो तुरंत जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही दवाओं के बैच नंबर, स्रोत और गुणवत्ता की भी गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं।
तीन राज्यों की संयुक्त जांच
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