70 लाख में बिका मारवाड़ी घोड़ा गोल्डन किंग, विदाई पर रो पड़ा पूरा गांव!
ऐसे समझें पूरा मामला
- हनुमानगढ़ का एक घोड़ा इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बना।
- मारवाड़ी नस्ल का यह घोड़ा गोल्डन किंग 70 लाख रुपए में बिका।
- इस घोड़े का रंग कुदरती तौर पर चमकीला और सुनहरा है।
- रोचक यह कि इस घोड़े के माता-पिता दोनों ही काले रंग के हैं।
- गोल्डन किंग की विदाई के समय पूरा गांव भावुक होकर रो पड़ा।
Hanumangarh: राजस्थान में हनुमानगढ़ का मारवाड़ी नस्ल का एक घोड़ा इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस घोड़े का नाम है-गोल्डन किंग। अपने नाम की तरह ही सुनहरे रंग की चमक बिखेरने वाले इस नायाब घोड़े को गुजरात के एक अश्वपालक ने 70 लाख रुपए में खरीदा है।
जब इस जांबाज घोड़े की विदाई का वक्त आया तो उसे विदा करने के लिए हनुमानगढ़ के गुड़िया गांव समेत आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। दृश्य ऐसा था मानो किसी लाडले को पूरे मान-सम्मान के साथ विदा किया जा रहा हो।
क्या है गोल्डन किंग की खासियत?
गोल्डन किंग कोई आम घोड़ा नहीं है। यह मारवाड़ी नस्ल का एक अत्यंत दुर्लभ घोड़ा है जिसका रंग कुदरती तौर पर चमकीला और सुनहरा है। इसकी आकर्षक शारीरिक बनावट, राजसी कद-काठी, संतुलित चाल और अनोखे प्राकृतिक रंग के कारण ही इसका नाम गोल्डन किंग रखा गया था।
रोचक बात यह है कि इस सुनहरे घोड़े के माता-पिता दोनों ही काले रंग के मारवाड़ी घोड़े हैं। ऐसे में काले रंग के माता-पिता से इस तरह के चमकीले और दुर्लभ सुनहरे रंग के बच्चे का पैदा होना किसी कुदरती करिश्मे से कम नहीं माना जा रहा है। यही वजह है कि जो भी इस घोड़े को एक बार देखता, उसकी नजरें इस पर से नहीं हटती थीं।
हरियाणा से आया था राजस्थान
गोल्डन किंग के मालिक अल्ताफ उर्फ बाबू खान ने बताया कि इस घोड़े को मूल रूप से हरियाणा से लाया गया था। इसके बाद हनुमानगढ़ के गुड़िया गांव में इसकी पूरी देखभाल की गई, जहां इसने अपनी खूबसूरती से खूब सुर्खियां बटोरीं।
अब यह नायाब घोड़ा गुजरात की धरती की शान बढ़ाने के लिए रवाना हो चुका है। गुजरात के एक रईस अश्वपालक ने इसकी दुर्लभता और बेजोड़ नस्ल को देखते हुए 70 लाख की बड़ी बोली लगाई है।
ग्रामीणों की आंखें हुईं नम
गोल्डन किंग को जब नए मालिक के सुपुर्द कर गाड़ी में रवाना किया जा रहा था, तब माहौल काफी भावुक हो गया।
गांव के लोग अपने क्षेत्र की इस अनोखी शान को खोने पर थोड़े उदास भी थे। इस बात से गौरवान्वित भी कि उनके गांव के घोड़े की कीमत लाखों में लगी है।
सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने नम आंखों और पूरे उत्साह के साथ अपने चहेते गोल्डन किंग को विदा किया। अब यह सुनहरी चमक राजस्थान से निकलकर गुजरात के अस्तबलों में अपना जलवा बिखेरेगी।
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