खनिज वाले वाहनों पर GPS लगाना अनिवार्य, 10 जून के बाद नहीं कटेगा ट्रांजिट पास
News In Short
- राजस्थान में खनिज चोरी पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम।
- खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर अब लगेगा जीपीएस।
- प्रदेश में इसके लिए 10 जून की डेडलाइन तय की गई है।
- इस तिथि के बाद ऐसे वाहनों के लिए ऑनलाइन ट्रांजिट पास नहीं।
- 20 मई से सभी खनिज कार्यालयों पर लगेंगे विशेष कैंप।
News In Detail
राजस्थान सरकार ने खनिज चोरी पर लगाम लगाने और परिवहन में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। के खान एवं पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि खनिज परिवहन में लगे सभी वाहनों में जीपीएस (GPS) या आरएफआईडी (RFID) लगाना पूरी तरह अनिवार्य है। इसके लिए विभाग ने 10 जून 2026 की अंतिम समय-सीमा (डेडलाइन) तय की है।
यदि इस तिथि तक वाहनों में जीपीएस नहीं लगाया गया, तो ऐसे वाहनों के लिए ऑनलाइन ट्रांजिट पास यानी ई-रवन्ना (e-Ravanna) जारी करने की व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। विशिष्ट शासन सचिव नम्रता वृष्णि की ओर से जारी आदेश में प्रदेश के सभी अधीक्षण खनिज अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में इस नियम को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछली समय-सीमा बीतने पर सरकार सख्त
आदेश के अनुसार राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियम, 2017 में संशोधन करके नियम 73ए के तहत वाहनों में जीपीएस सिस्टम/आरएफआईडी लगाने का प्रावधान किया गया था।
इसके तहत सभी खानधारकों और डीलर्स को 2 जुलाई 2025 तक ही अपने वाहनों में यह सिस्टम लगवाना अनिवार्य था।
सरकार ने साफ किया है कि इस समय-सीमा को आगे नहीं बढ़ाया गया है। इसके बावजूद वर्तमान समय तक वाहनों में जीपीएस लगाए जाने की गति और कार्रवाई अत्यंत असंतोषजनक रही है। इसी ढिलाई को देखते हुए सरकार ने अब अंतिम चेतावनी के साथ नई तारीख का ऐलान किया है।
20 मई से लगेंगे विशेष कैंप
वाहन स्वामियों और ट्रांसपोर्टर्स की सुविधा और इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए विभाग ने विशेष रणनीति तैयार की है। आदेश के मुताबिक 20 मई 2026 से 5 जून 2026 की अवधि के बीच सभी खनिज अभियंता और सहायक खनिज अभियंता कार्यालयों में विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों के माध्यम से वाहनों में जीपीएस लगाने की कार्रवाई को सुनिश्चित किया जाएगा।
कैंप शुरू होने से पहले संबंधित खनिज अभियंताओं द्वारा खानधारकों, डीलर्स और ट्रांसपोर्टर्स के साथ बैठकें की जाएंगी, ताकि उन्हें इस नियम के प्रति जागरूक और प्रेरित किया जा सके। कैंप के दिनों में खनन पट्टाधारियों, स्टॉकिस्ट और ट्रांसपोर्टर्स की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
10 जून के बाद होगी कड़ी कार्रवाई, नहीं मिलेगा 'ई-रवन्ना'
आदेश में दो टूक शब्दों में कहा है कि 10 जून 2026 के बाद बिना जीपीएस वाले वाहनों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
ऐसे वाहनों का ई-रवाना पोर्टल ब्लॉक कर दिया जाएगा, जिससे वे कानूनी रूप से खनिज का परिवहन नहीं कर पाएंगे।
वाहनों की चेकिंग के दौरान यदि कोई भी वाहन बिना जीपीएस के खनिज परिवहन करते हुए पाया गया, तो नियमों के तहत भारी जुर्माना और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी
आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या लापरवाही को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा। विभाग का मुख्य उद्देश्य अवैध खनन और परिवहन पर पूरी तरह से डिजिटल निगरानी रखना है।
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