राजस्थान के 304 निकायों से हटी आचार संहिता, 5 शहरों में अभी रहेगी लागू

Mukesh Sharma | Sept 22, 2026, 19:49 IST
304 निकायों से आचार संहिता हटी
राजस्थान में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद 304 निकायों से आदर्श आचार संहिता हटा दी गई। जयपुर, जोधपुर, कोटा, सुकेत और खाटूश्यामजी में 25 सितंबर को निकाय प्रमुख चुनाव के कारण आचार संहिता जारी रहेगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • 304 निकायों से हटी आदर्श आचार संहिता।
  • पांच निकायों में अभी जारी रहेगी पाबंदी।
  • 25 सितंबर को होंगे निकाय प्रमुख चुनाव।
  • भाजपा निकाय प्रमुख चुनाव में सबसे आगे।
  • पंचायत चुनाव के चलते कर्मचारियों पर पाबंदी।

जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव की प्रक्रिया लगभग पूरी होने के साथ ही 304 निकाय क्षेत्रों से आदर्श आचार संहिता हटा दी गई। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार, 22 सितंबर को इसके आदेश जारी कर दिए। इन निकायों में चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी। हालांकि जयपुर, जोधपुर, कोटा, सुकेत और खाटूश्यामजी में फिलहाल आचार संहिता लागू रहेगी। इन 5 निकायों में चुनाव प्रक्रिया अभी बाकी है। यहां 25 सितंबर को महापौर और सभापति के चुनाव होने हैं।



राजस्थान में निकाय चुनाव की ऐलान के साथ 19 अगस्त से आदर्श आचार संहिता लागू हुई थी। इसके बाद पार्षदों के चुनाव हुए और फिर महापौर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया शुरू हुई। जिन 304 निकायों में यह प्रक्रिया पूरी हो गई, वहां अब चुनाव से जुड़ी आचार संहिता की पाबंदियां खत्म हो गई हैं।



5 निकायों में जारी रहेगी पाबंदी

राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और सचिव राजेश वर्मा की ओर से जारी आदेश के मुताबिक जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के साथ सुकेत और खाटूश्यामजी में आचार संहिता अभी लागू रहेगी। इन पांच निकायों में 25 सितंबर को निकाय प्रमुख का चुनाव होना है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक इन क्षेत्रों में आचार संहिता से जुड़े नियम लागू रहेंगे।



कर्मचारियों पर पाबंदी रहेगी

304 निकायों में आचार संहिता खत्म होने के बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़ी एक अहम पाबंदी जारी रहेगी। प्रदेश में अब पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की तैयारी चल रही है। इसी वजह से सभी जिलों में चुनाव से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने और नया कार्यभार ग्रहण करवाने पर रोक जारी रहेगी। यानी निकाय चुनाव की आचार संहिता हटने का असर इस व्यवस्था पर नहीं पड़ेगा।



वार्ड चुनाव में भाजपा सबसे आगे

राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के कुल 10245 वार्ड हैं। इनमें 10244 वार्डों में चुनाव हुआ। टोंक नगर परिषद के वार्ड नंबर-2 में सभी उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के कारण चुनाव नहीं हो सका।



वार्ड चुनाव के नतीजों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी। भाजपा के 4182 पार्षद जीते। कांग्रेस ने 3619 वार्डों में जीत दर्ज की। सबसे अहम आंकड़ा निर्दलीयों का रहा। प्रदेशभर में 2273 निर्दलीय पार्षद चुनाव जीते।



छोटे दलों ने भी कई जगह अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। राष्टीय लोकतांत्रिक पार्टी ने 63, आम आदमी पार्टी ने 42 और सीपीएम ने 38 वार्ड जीते। बीएसपी के 19 और भारत आदिवासी पार्टी के 8 पार्षद चुने गए। कई निकायों में किसी एक पार्टी को साफ बहुमत नहीं मिलने के कारण बोर्ड बनाने में निर्दलीय निर्णायक बने।



निकाय प्रमुख में भाजपा ने बनाई बड़ी बढ़त

वार्ड चुनाव के बाद मेयर, सभापति और अध्यक्ष पदों के चुनाव में भाजपा की बढ़त और बड़ी हो गई। 22 सितंबर तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक 309 में से 303 निकाय प्रमुखों के नतीजे घोषित हो चुके। भाजपा के 198 अधिकृत प्रत्याशी जीते। इसके अलावा भाजपा समर्थित दो निर्दलीयों को जोड़ने पर पार्टी समर्थित निकाय प्रमुखों का आंकड़ा 200 हो गया। कांग्रेस ने 95 निकाय प्रमुख पद जीते। 6 जगह निर्दलीय जीते, जबकि आम आदमी पार्टी, CPM और RLP ने एक-एक निकाय में अपना अध्यक्ष बनाया।



नगर निगमों में भी BJP आगे रही। अब तक जिन सात नगर निगमों में मेयर का फैसला हुआ है, उनमें छह जगह BJP का मेयर बना। कांग्रेस सिर्फ बीकानेर में अपना मेयर बनाने में सफल रही।



अब जयपुर-जोधपुर-कोटा पर नजर

निकाय चुनाव का पूरा चैप्टर अभी बंद नहीं हुआ है। जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे तीन बड़े नगर निगमों में मेयर का फैसला होना बाकी है। इनके साथ सुकेत और खाटूश्यामजी में भी निकाय प्रमुख का चुनाव बचा है। इन पांचों जगह 25 सितंबर को चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसलिए यहां आदर्श आचार संहिता जारी रखी गई है। इन चुनावों के बाद प्रदेश में निकाय प्रमुखों की तस्वीर और साफ हो जाएगी।



जयपुर और कोटा में वार्ड चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बढ़त मिली है। जयपुर के 150 वार्डों में भाजपा ने 78 और कांग्रेस ने 57 सीटें जीतीं, जबकि 15 निर्दलीय जीते। कोटा में 100 में से भाजपा के 57 और कांग्रेस के 39 पार्षद हैं। चार निर्दलीय जीते। जोधपुर में मुकाबला ज्यादा करीबी रहा है।



अब 25 सितंबर के चुनाव के साथ इन पांच निकायों में प्रमुख पदों की तस्वीर साफ होगी। इसके बाद इन क्षेत्रों में भी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने पर आचार संहिता हटाने का रास्ता साफ होगा। दूसरी तरफ प्रदेश में पंचायती राज चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी। इसलिए चुनाव ड्यूटी से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों की आवाजाही पर लगी पाबंदी फिलहाल जारी रहेगी।



यह खबरें भी पढ़ें...



जोधपुर नगर निगम चुनाव 2026: महापौर प्रत्याशी नामांकन पर 'आपत्ति वॉर'!



निकाय प्रमुख चुनाव: जनता ने दिया वोट पर भाजपा ने लूट लिया कांग्रेस का बोर्ड!



पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, जयपुर में 23-24 सितंबर को होगी आरक्षण लॉटरी



जयपुर अग्निकांड: मानव अधिकार आयोग सख्त, कलेक्टर-कमिश्नर से 13 बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट



Tags:
  • राजस्थान
  • आचार संहिता
  • पंचायत चुनाव
  • राज्य निर्वाचन आयोग
  • निगम चुनाव