राजस्थान: भाजपा 1401 वार्ड जीती, कांग्रेस को 1211; CM आवास पर रणनीति बनाने जुटे नेता
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान निकाय चुनाव नतीजों में भाजपा आगे, कांग्रेस पीछे।
- निकाय चुनाव के नतीजों में 703 वार्डों में निर्दलीयों ने मारी बाजी।
- सीएम भजनलाल शर्मा के घर पर बोर्ड गठन को लेकर हाई लेवल मीटिंग।
- भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि प्रदेश भर में कमल खिलेगा।
- निर्दलीयों को साथ जोड़ने की रणनीति पर भाजपा में मंथन शुरू।
राजस्थान की 309 नगर निकायों के चुनाव नतीजे सामने आ रहे हैं। शुरुआती नतीजों में भाजपा पूरे प्रदेश में बढ़त बनाते दिख रही। इससे पार्टी में उत्साह है। वहीं, बड़ी संख्या में निर्दलीयों की जीत ने बोर्ड बनाने का मुकाबला भी दिलचस्प कर दिया है।
सुबह 11 बजे तक भाजपा 1401 वार्ड जीत चुकी थी। कांग्रेस के खाते में 1211 वार्ड आए। आरएलपी ने 33, सीपीआईएम ने 5 और आम आदमी पार्टी ने 2 वार्ड जीते। वहीं, 703 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।
भाजपा की बढ़त के बीच सीएम भजनलाल के घर बैठक
शुरुआती नतीजे आने के बाद राजस्थान भाजपा में हलचल तेज हो गई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिलने सीएम आवास पहुंचे। प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार भी बैठक में मौजूद रहे। तीनों नेताओं के बीच निकाय चुनाव के नतीजों को लेकर चर्चा हुई। खास तौर पर उन निकायों पर फोकस है, जहां भाजपा बहुमत के करीब।
बहुमत से दूर निकायों में भाजपा की निर्दलीयों पर नजर
राजस्थान के कई नगर निकायों में किसी एक पार्टी को साफ बहुमत मिलता नहीं दिख रहा। ऐसे निकायों में निर्दलीय उम्मीदवार बोर्ड बनाने की चाबी बन सकते हैं। भाजपा की नजर भी ऐसे ही निर्दलीयों पर है। जिन निकायों में पार्टी बहुमत से कुछ सीट पीछे है, वहां निर्दलीयों का समर्थन लेकर बोर्ड बनाने की संभावनाओं पर मंथन किया जा रहा है।
मदन राठौड़ बोले- शुरुआती नतीजे अच्छे संकेत
राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने शुरुआती नतीजों पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अभी पूरे नतीजे नहीं आए हैं। इसलिए अंतिम तस्वीर का इंतजार करना होगा। राठौड़ ने कहा कि अब तक सामने आए नतीजे भाजपा के लिए अच्छे संकेत दे रहे। पार्टी को प्रदेशभर में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
भाजपा को ज्यादा निकायों में बोर्ड बनाने की उम्मीद
मदन राठौड़ ने दावा किया कि भाजपा बड़ी संख्या में नगर निकायों में अपना बोर्ड बनाएगी। उन्होंने चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत को भी इसका श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने पूरी ताकत से चुनाव लड़ा। शुरुआती नतीजों में इसका असर नजर आ रहा।
700 से अधिक निर्दलीयों की जीत ने बढ़ाई सियासी हलचल
निकाय चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी चर्चा में है। सुबह 11 बजे तक 703 निर्दलीय जीत दर्ज कर चुके थे। इससे कई निकायों में बोर्ड बनाने का गणित बदल सकता है। जहां भाजपा और कांग्रेस बहुमत से दूर रहेंगी, वहां निर्दलीयों की भूमिका अहम होगी। ऐसे में दोनों दलों की नजर निर्दलीय पार्षदों पर रहेगी।
भाजपा में इसे लेकर रणनीति बननी शुरू हो गई है। सीएम भजनलाल शर्मा, मदन राठौड़ और अजेय कुमार की बैठक को भी इसी सियासी गणित से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, सभी नतीजे आने के बाद ही साफ होगा कि प्रदेश के कितने निकायों में भाजपा, कांग्रेस या अन्य का बोर्ड बनेगा।
FAQ
- राजस्थान निकाय चुनाव में शुरुआती रुझान क्या बता रहे?
शुरुआती रुझानों में भाजपा 1401 वार्ड जीतकर सबसे आगे है, जबकि कांग्रेस को 1211 वार्ड में जीत मिली। RLP को 33, CPIM को 5 और आम आदमी पार्टी ने 2 वार्ड जीते हैं। 703 वार्डों में निर्दलीयों ने जीत हासिल की। - सीएम भजनलाल शर्मा के आवास पर हुई बैठक में क्या चर्चा हुई?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने सीएम भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर निगम बोर्ड गठन पर रणनीतिक चर्चा की। जहां बहुमत नहीं मिलेगा, वहां निर्दलीयों का सहयोग लेने पर विचार हो रहा। - निर्दलीयों की भूमिका राजस्थान निकाय चुनाव में क्यों अहम है?
703 वार्डों में निर्दलीयों की जीत के चलते कई निकायों में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलता दिख रहा। ऐसे में बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीयों का समर्थन जरूरी हो सकता है, जिसे लेकर भाजपा रणनीति बना रही है।
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