ओएमआर शीट फर्जीवाड़ा: उसी फर्म को काम दे दिया, जो यूपी में विवादों में रही

Ashish Bhardwaj | Jan 21, 2026, 13:26 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में उजागर हुए ओएमआर शीट फर्जीवाड़े का नेटवर्क उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने उसी आउटसोर्स कंपनी को काम दे दिया, जो उत्तर प्रदेश की भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सवालों में थी।

News In Short

  • राजस्थान की तीन बड़ी भर्तियों में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया, जिसका नेटवर्क उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है।
  • यूपी एसटीएफ ने 60 लाख रुपए, 18 अभ्यर्थियों के दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य के साथ शादान खान और विनोद कुमार गौड़ को गिरफ्तार किया। इन्हीं की भूमिका राजस्थान में भी पाई गई।
  • एसओजी की जांच में पाया गया कि ओएमआर शीट्स में अंक बढ़ाने वाले गैंग ने पैसे लेकर परिणामों में हेरफेर किया।
  • 42 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट्स में अंक बदले गए, जिनमें 38 के अंकों में अत्यधिक वृद्धि की गई।
  • मंत्री मदन दिलावर ने आरोप लगाया कि यह घोटाला कांग्रेस सरकार के दौरान 2018 में हुआ था।

News In Detail

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) ओएमआर शीट फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद कठघरे में है। बोर्ड उसी फर्म पर भरोसा करता रहा, जो उत्तर प्रदेश की भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी को लेकर विवादों में रही। उत्तर प्रदेश में 2018—19 के दौरान हुई एक बड़ी भर्ती परीक्षा में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी सामने आई थी। इस परीक्षा में आउटसोर्स कंपनी के मालिक की पत्नी का चयन हुआ था। गंभीर बात यह रही कि इसी फर्म को ही राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं की जिम्मेदारी दे दी गई।



आउटसोर्स कंपनी की मिलीभगत उजागर

राजस्थान एसओजी ने एक दिन पहले मंगलवार को आरएसएसबी की तीन बड़ी भर्तियों में फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। इसमें दिल्ली की आउटसोर्स फर्म राभव लिमिटेड की मिलीभगत पाई गई। इसी फर्म को 2018—19 में आयोजित हुई भर्तियों की परीक्षाओं के परिणाम तैयार करने के लिए ओएमआर शीट्स की स्कैनिंग और डाटा प्रोसेसिंग का जिम्मा सौंपा गया था। जांच में यह खुलासा हुआ कि फर्म के कर्मचारियों ने बोर्ड के तकनीकी अधिकारियों के साथ मिलकर ओएमआर शीट्स की स्कैनिंग के बाद फोटोशॉप के जरिए सही उत्तर भरकर अंक बढ़ाए। इससे वास्तविक अंकों में हेरफेर कर परीक्षा परिणामों में धोखाधड़ी की गई।



यूपी तक फैला था फर्जीवाड़े का नेटवर्क

जांच में यह सामने आया कि इस फर्जीवाड़े का नेटवर्क उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। सात साल पहले लखनऊ के गोमती नगर थाने में दर्ज एफआईआर के बाद यूपी एसटीएफ ने इस घोटाले में शामिल एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। यह नेटवर्क राजस्थान के अभ्यर्थियों से भी पैसे लेकर परीक्षा परिणामों में हेरफेरी कर रहा था। एसटीएफ ने भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े में राभव लिमिटेड से जुड़े शादान खान और विनोद कुमार गौड़ को भी गिरफ्तार किया था, जिनकी राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं के फर्जीवाड़ों में भी भूमिका पाई। राजस्थान एसओजी ने अब इन दोनों लोगों सहित पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।



60 लाख रुपये और डिजिटल साक्ष्य बरामद

यूपी एसटीएफ ने शादान खान और विनोद कुमार गौड़ से 60 लाख रुप नकद, 18 अभ्यर्थियों के दस्तावेज और कई डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं। फ़िलहाल इस मामले में जांच जारी है। अब तक इस मामलें में जो भी सबूत सामने आए हैं, उनसे यह स्पष्ट हो गया है कि ये लोगा एक बड़ा नेटवर्क चला रहे थ्रे। इसमें कई दलालों और फर्म के लोग शामिल थे।



ओएमआर शीट्स में हेराफेरी

बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश पुलिस से मिली जानकारी के बाद एसओजी ने जांच शुरू की। इसमें यह स्पष्ट हुआ कि मामला केवल दलालों या फर्म तक सीमित नहीं है। एसओजी की जांच में सामने आया कि एक गैंग भी सक्रिय थी, जो ओएमआर शीट्स में नंबर बढ़ाती थी। यह गैंग पैसे लेकर अभ्यर्थियों के अंकों में बदलाव करती थी, जिससे परीक्षा परिणामों में हेरफेर किया जाता था।



42 अभ्यर्थियों के बदले अंक

जांच में यह भी पाया गया कि 42 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट्स में सीधे अंक बदल दिए गए थे। इनमें से 38 अभ्यर्थियों के अंकों में अत्यधिक वृद्धि की गई थी। जो सामान्य प्रक्रिया में संभव नहीं थी। दिलचस्प बात यह है कि पैसे देने वाले अभ्यर्थियों ने अपनी ओएमआर शीट्स में कुछ भी नहीं भरा था। इसके बावजूद अंकों में बढ़ोत्तरी की गई।



घोटाला कांग्रेस सरकार की देन

स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आरोप लगाया कि यह ओएमआर शीट घोटाला कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 2018 में हुआ था। उन्होंने कहा कि अब एसओजी सभी दोषियों को पकड़ रही है और यह दिन दूर नहीं है जब सभी अपराधी जेल की सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा को चेतावनी दी कि वे पंचायत चुनाव की चिंता करने के बजाय भर्ती घोटाले में जेल जाने की तैयारी करें।



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