कनिष्ठ अभियंता भर्ती 2020: पीडब्ल्यूडी का इंजीनियर गिरफ्तार, पेपर खरीदकर पास की परीक्षा

Ashish Bhardwaj | Jan 29, 2026, 19:06 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान एसओजी ने कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती-2020 के फर्जीवाड़े में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी गणपत लाल वर्तमान में पीडब्ल्यूडी में नौकरी कर रहा है।

News In Short

  • एसओजी ने कनिष्ठ अभियंता भर्ती-2020 पेपर लीक मामले में गणपत लाल विश्नोई को गिरफ्तार किया।
  • पेपर लीक के कारण परीक्षा दोबारा हुई, लेकिन फिर से पेपर लीक हो गया।
  • मुख्य आरोपी जगदीश विश्नोई ने पेपर अभ्यर्थियों तक पहुंचाने की बात स्वीकार की।
  • गणपत ने पेपर खरीदकर परीक्षा पास की और सहायक अभियंता की नौकरी प्राप्त की।
  • आरोपी को रिमांड पर लेकर एसओजी गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

News In Detail

Jaipur: राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। एसओजी ने कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती-2020 के फर्जीवाड़े में एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने पेपर खरीदकर नौकरी हासिल कर ली थी। जालोर जिले के रहने वाले गणपत लाल विश्नोई की गिरफ्तारी माफिया से मिले सुराग के आधार पर की गई है।



​रद्द् परीक्षा के बाद दोबारा हुई परीक्षा

​अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल के अनुसार कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 को पेपर लीक के कारण रद्द कर दिया था। इसके बाद 12 सितंबर 2021 को दोबारा परीक्षा की गई थी। हालांकि, जांच में यह सामने आया है कि जिस पेपर माफिया ने पहली परीक्षा रद्द करवाई थी, वही गिरोह दोबारा सक्रिय हुआ और परीक्षा का पेपर लीक कर दिया।



​मुख्य आरोपी गिरफ्तार

एसओजी ने इस मामले में 19 जनवरी 2026 को सांगानेर थाने में नया मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने जालौर के जगदीश विश्नोई को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में जगदीश ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर परीक्षा से ठीक पहले प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों तक पहुंचाया था।



पूछताछ के बाद सहायक अभियंता को पकड़ा

एसओजी ने जगदीश विश्नोई से पूछताछ के बाद गणपत लाल को गिरफ्तार किया। वह बाड़मेर में पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता के रूप में काम कर रहा था। उसने पेपर माफिया से परीक्षा का पेपर खरीदा और परीक्षा पास कर ली। पेपर लीक की मदद से उसका मेरिट में 12वां स्थान आया। उसने नौकरी के आधार पर पदोन्नति भी पाई।



आरोपी को दिया रिमांड पर

फिलहाल, गिरफ्तार आरोपी इंजीनियर गणपत को न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने उसे एसओजी को रिमांड पर दिया है। एसओजी अब इस मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों और उन अभ्यर्थियों की तलाश कर रही है, जिन्होंने पैसे देकर पेपर प्राप्त किए थे।



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