तस्कर पर 'चवन्नी' का इनाम, सोशल मीडिया पर पूछा- चलन में नहीं तो कैसे मिलेंगे पैसे? पुलिस ने बताया पूरा हिसाब
News In Short
- राजस्थान पुलिस का तस्कर की गिरफ्तारी पर 25 पैसे का इनाम घोषित।
- नशे का यह तस्कर लंबे समय से नागौर पुलिस के लिए सिरदर्द था।
- पुलिस में इनामी अर्जुन राम पर मादक पदार्थ की तस्करी के मामले हैं दर्ज।
- एसपी का तर्क, यह कदम अपराधियों की हवाबाजी खत्म करने के लिए।
- राजस्थान में पहले भी अपराधियों पर घोषित हो चुके हैं कम राशि के इनाम।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान की नागौर पुलिस एक अलग ही वजह से सुर्खियों में हैं। अमूमन जब किसी खूंखार अपराधी या तस्कर पर इनाम घोषित होता है, तो वह राशि हजारों या लाखों में होती है। लेकिन, नागौर एसपी मृदुल कच्छावा ने नशे के एक तस्कर को पकड़ने के लिए 25 पैसे यानी चवन्नी का इनाम रखा है। यह तस्कर जायल थाना क्षेत्र में पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
कौन है अर्जुन राम, क्या है उसका कच्चा चिट्ठा?
जायल के रोटू गांव का रहने वाला अर्जुन राम पुत्र जिसुखराम विश्नोई पुलिस की फाइलों में शातिर मादक पदार्थ तस्कर के रूप में दर्ज है। उस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कई संगीन मामले दर्ज हैं।
अर्जुन के खिालाफ पहला मामला 10 अक्टूबर 2025 को कुचेरा थाने में धारा 8/21 और 8/22 के तहत दर्ज हुआ। इसके बाद उसके खिलाफ 4 फरवरी 2026 को जायल थाने में धारा 8/29 के तहत दर्ज किया गया। तीसरा मामला 22 फरवरी 2026 को जायल थाने में ही धारा 8/20 के तहत रजिस्टर्ड हुआ।
तस्कर लंबे अरसे से फरार
पुलिस के अनुसार लगातार तीन गंभीर मामलों में नामजद होने के बावजूद अर्जुन राम पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा है। पुलिस का मानना है कि इस चवन्नी के इनाम के बाद आरोपी के लिए छिपना और मुश्किल होगा, क्योंकि अब वह खौफ नहीं बल्कि उपहास का केंद्र बन गया है।
प्रचलन में नहीं तो कैसे मिलेगा चवन्नी का इनाम
तस्कर अर्जुन राम पर 25 पैसे के इनाम को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चटकारे लिए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह पूछा जा रहा है कि जब चवन्नी प्रचलन में नहीं है तो पुलिस आखिर इनाम कैसे देगी।
इधर, नागौर एसपी मृदुल कच्छावा का कहना है कि अर्जुन राम पर महज चवन्नी का इनाम रख कर यह कड़ा संदेश दिया है कि कानून की नजर में उसकी औकात 25 पैसे से ज्यादा की नहीं है।
नागौर एसपी के अनुसार यह प्रयोग अपराधियों की उस 'सोशल हवाबाजी' को खत्म करने के लिए है, जिसके दम पर वे युवाओं को गुमराह करते हैं। यह इनाम अपराधियों के हौसले पस्त करने और उनकी सामाजिक साख को शून्य करने की एक मनोवैज्ञानिक रणनीति है।
झुंझुनूं में भी 1 रुपये का इनाम
राजस्थान में अपराधियों पर कम राशि का इनाम रखने का यह पहला मामला नहीं है। कुछ साल पहले झुंझुनूं पुलिस ने भी एक वांछित अपराधी पर 1 रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस का तर्क था कि इनाम राशि कम होने से अपराधी को यह अहसास होता है कि समाज और कानून में उसकी कोई इज्जत नहीं बची है।
हिस्ट्रीशीटरों का जुलूस
नागौर और जोधपुर पुलिस ने हाल के वर्षों में कई ऐसे तस्करों और बदमाशों का सरेआम पैदल जुलूस निकाला है, जो जेल से छूटने के बाद सोशल मीडिया पर रील बनाकर खुद को 'हीरो' दिखाते थे। तस्करों द्वारा काली कमाई से बनाए गए मकानों पर बुलडोजर भी चलाया जा रहा है।
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