शराब तस्करों को पुलिस की लोकेशन बताने वाला ASI बर्खास्त, विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित
समझें क्या है पूरा मामला
- शराब तस्करों से मिलीभगत का आरोप, राजस्थान पुलिस के ASI पर बड़ा एक्शन।
- पुलिस की लोकेशन लीक करने वाला एएसआई सेवा से बर्खास्त।
- एक साल निलंबन के बाद रणवीर सिंह की पुलिस सेवा से छुट्टी।
- दबिश से पहले तस्करों तक पहुंचती थी पुलिस की लोकेशन!
- विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित, आईजी ने जारी किए बर्खास्तगी के आदेश।
अजमेर। अंतरराज्यीय शराब तस्करों को पुलिस की लोकेशन बताने के आरोपी एएसआई रणवीर सिंह के खिलाफ राजस्थान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अजमेर रेंज आईजी डॉ. रवि ने रणवीर सिंह को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। एएसआई पिछले करीब एक साल से निलंबित चल रहा था।
प्रारंभिक जांच और बाद में हुई विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए। आईजी के अनुसार, जांच में एएसआई की भूमिका दोषपूर्ण पाई गई। उन्होंने कहा कि इस तरह के लोगों का राजस्थान पुलिस सेवा में रहना उचित नहीं है।
पुलिस टीम की लोकेशन तस्करों तक पहुंचाने का आरोप
जांच के दौरान सामने आया कि एएसआई रणवीर सिंह पंजाब और हरियाणा से जुड़े अंतरराज्यीय शराब तस्करों को पुलिस की दबिश से संबंधित जानकारी देता था। आरोप है कि वह कार्रवाई के लिए जा रही पुलिस टीम की लोकेशन पहले ही तस्करों तक पहुंचा देता था।
इससे पुलिस की कार्रवाई प्रभावित होने और आरोपियों को बच निकलने का मौका मिलने की आशंका जताई गई। मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू करवाई।
1 अगस्त 2024 को सामने आया था नाम
आईजी कार्यालय के अनुसार, 1 अगस्त 2024 को पाली जिला पुलिस ने पाली शहर के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके से नंदसिंह नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। आरोपी को वर्ष 2022 के शराब तस्करी से जुड़े पुराने मामले में पकड़ा गया था।
पूछताछ और जांच के दौरान साइबर सेल में तैनात एएसआई रणवीर सिंह का नाम सामने आया। इसके बाद तत्कालीन पाली पुलिस अधीक्षक ने मामले की जानकारी अजमेर की तत्कालीन पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा को दी।
प्रारंभिक जांच के बाद शुरू हुई विभागीय कार्रवाई
मामले में तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दीपक शर्मा को प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रारंभिक रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद वर्ष 2025 में एएसआई रणवीर सिंह के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई।
विभागीय जांच की जिम्मेदारी भीलवाड़ा के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय पारस को दी गई। जांच के दौरान एएसआई को निलंबित रखा गया। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपों को प्रमाणित माना गया और बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई।
आईजी ने सेवा से किया बर्खास्त
जांच रिपोर्ट के आधार पर अजमेर रेंज आईजी डॉ. रवि ने एएसआई रणवीर सिंह को पुलिस सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विभाग में अनुशासन और कार्रवाई से जुड़ी गोपनीय जानकारी की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।
पुलिस टीम की गतिविधियों और दबिश की जानकारी संदिग्ध लोगों तक पहुंचाने के आरोप को गंभीर कदाचार माना गया। इसी आधार पर विभागीय जांच के बाद सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
शराब तस्करी नेटवर्क की भी जांच
मामले में पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि एएसआई रणवीर सिंह का किन-किन शराब तस्करों से संपर्क था और कितनी बार पुलिस कार्रवाई से जुड़ी जानकारी साझा की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस की ओर से शराब तस्करी के नेटवर्क और उसमें संभावित मदद करने वाले लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
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