थानों की सीमाएं होंगी नए सिरे से तय, 5 सदस्यीय पुलिस समिति का होगा पुनर्गठन
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में पुलिस थानों के सीमांकन और पुनर्गठन की तैयारी शुरू।
- पुलिस मुख्यालय ने समीक्षा के लिए 5 सदस्यीय समिति बनाई।
- समिति थानों की सीमाएं, अपराध और जरूरतों का अध्ययन करेगी।
- 20 चयनित थानों में नई कार्य व्यवस्था लागू की जाएगी।
- थानों में जांच, कानून-व्यवस्था और प्रशासन के लिए अलग टीमें बनेंगी।
राजस्थान पुलिस में थानों के सीमांकन और पुनर्गठन की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए एक 5 सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति राज्यभर के पुलिस थानों की सीमाओं की समीक्षा करेगी। साथ ही नई चौकियों और पद सृजन की जरूरत का भी अध्ययन करेगी।
किसे मिली समिति की जिम्मेदारी
पुलिस थानों के सीमांकन और प्रशासनिक पुनर्गठन के अध्ययन के लिए बनी इस समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस IPS बीजू जॉर्ज जोसफ करेंगे। समिति में अजयपाल लांबा, कुंवर राष्ट्रदीप और शंकर दत्त शर्मा को सदस्य बनाया गया है।
उप महानिरीक्षक पुलिस राशि डोगरा को इस समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। यह समिति राज्य के पुलिस थानों की सीमाओं और प्रशासनिक ढांचे का विस्तृत अध्ययन करेगी।
किन आधारों पर होगी समीक्षा
समिति अपराध की स्थिति, कानून-व्यवस्था, बीट व्यवस्था और भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर थानों की सीमाओं की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही जनसंख्या, यातायात, औद्योगिक गतिविधियों और पर्यटन को भी समीक्षा का आधार बनाया जाएगा।
समिति यह भी आकलन करेगी कि दूरस्थ और दुर्गम इलाकों तक पुलिस की पहुंच किस स्तर की है। साथ ही किसी घटना पर पुलिस की प्रतिक्रिया में कितना समय लगता है, इसका भी अध्ययन किया जाएगा।
नई चौकियों और पदों पर भी सुझाव
समिति भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए थानों, पुलिस चौकियों और नए पदों के सृजन को लेकर भी सुझाव देगी। इसका मकसद प्रदेश में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाना है।
थानों में काम का होगा बंटवारा
इसके साथ पुलिस थानों में अब अलग-अलग जिम्मेदारियों के लिए अलग टीमें बनाई जाएंगी। कानून-व्यवस्था संभालने, मामलों की जांच करने, प्रशासनिक काम और प्रोटोकॉल ड्यूटी के लिए अलग-अलग पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी।
इस व्यवस्था में पुलिसकर्मी अपनी तय जिम्मेदारी के अलावा दूसरे काम नहीं करेंगे। इससे पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव कम होगा और कामकाज ज्यादा प्रभावी हो सकेगा।
राजस्थान पुलिस ने यह योजना केरल, पंजाब और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के बाद तैयार की है। इन राज्यों में पहले से ही थाने स्तर पर अलग-अलग कामों के लिए अलग टीमें काम कर रही हैं।
राजस्थान में शुरुआत में 20 चयनित पुलिस थानों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके सफल रहने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है।
नई व्यवस्था के तहत कानून-व्यवस्था और जांच से जुड़े पुलिसकर्मियों को चुनाव ड्यूटी, वीआईपी सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक कामों से अलग रखा जाएगा। इससे पुलिस जांच और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
FAQ
- राजस्थान पुलिस में थानों के पुनर्गठन के लिए किसे जिम्मेदारी दी गई है?
पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए 5 सदस्यीय समिति बनाई है, जिसके अध्यक्ष एडीजी बीजू जॉर्ज जोसेफ हैं। राशि डोगरा को सदस्य सचिव बनाया गया है। - राजस्थान में थानों की सीमाओं की समीक्षा किन आधारों पर होगी?
समीक्षा अपराध, कानून-व्यवस्था, भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, यातायात, औद्योगिक गतिविधियों और पर्यटन जैसे कारकों के आधार पर होगी।
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