CM का साला बताने वाले प्रमोद शर्मा पर नया केस, हड़पी 5 लग्जरी गाड़ियां
Jaipur: राजस्थान में खुद को सीएम भजनलाल शर्मा का साला बताने वाले प्रमोद शर्मा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रमोद के खिलाफ जयपुर के मानसरोवर थाने में एक और एफआईआर दर्ज की गई है। जमीन पर कब्जा करने के एक साल पुराने मामले में वह अभी अंडरग्राउंड है। उसे हाई कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है।
ताजा मामला वैशाली नगर के प्रॉपर्टी व्यवसायी से जुड़ा है। व्यवसायी ने प्रमोद शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, डराने-धमकाने और अवैध वसूली का गंभीर मामला दर्ज कराया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
प्रभाव का डर दिखाकर हड़पी गाड़ियां
पीड़ित प्रॉपर्टी व्यवसायी यशवर्धन विजयवर्गीय ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि प्रमोद शर्मा ने अपने रसूख, ऊंचे राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों का भय दिखाकर उसे जाल में फंसाया।
प्रमोद शर्मा ने पीड़ित पर दबाव बनाया कि वह अपने नाम पर महंगी गाड़ियां और वीआईपी नंबर खरीदे। इसके बाद गाड़ियों की किस्तें भरने के लिए उस पर लगातार दबाव बनाया गया, फिर धोखाधड़ी करते हुए इन वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया।
जब पीड़ित ने अपने वाहन वापस मांगे तो प्रमोद शर्मा ने गाड़ियां लौटाने से साफ इनकार कर दिया। साथ ही उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
विश्वास में लेकर की करोड़ों की धोखाधड़ी
एफआईआर के अनुसार पीड़ित प्रॉपर्टी व्यवसायी की मुलाकात कुछ समय पहले प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त के सिलसिले में प्रमोद शर्मा से हुई थी। मुलाकात के दौरान प्रमोद शर्मा ने खुद को शहर का एक बहुत बड़ा और रसूखदार कारोबारी बताया। उसने पीड़ित को झांसा दिया कि यदि वह उसके साथ मिलकर काम करेगा तो उसे व्यवसाय में बहुत फायदा होगा।
प्रमोद ने पीड़ित को पूरी तरह अपने विश्वास में ले लिया। इसी दौरान उसने अपने काफिले की शान बढ़ाने के लिए पीड़ित से एक फॉर्च्यूनर लीजेंड कार की मांग की और कहा कि वह इसका उपयोग अपना रसूख दिखाने के लिए अपने काफिले में करेगा।
वीआईपी नंबर के लिए खर्च करवाए 15 लाख
शिकायत के मुताबिक प्रमोद शर्मा के कहने पर पीड़ित ने भारी-भरकम रकम खर्च कर फॉर्च्यूनर कार खरीदी। प्रमोद शर्मा के कहने पर उस गाड़ी के लिए एक विशेष वीआईपी नंबर लेने करीब 15 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च किए गए। आरोप है कि जैसे ही वाहन खरीद लिया गया, प्रमोद शर्मा ने तुरंत उसे अपने कब्जे में ले लिया।
कुछ समय बीतने के बाद प्रमोद शर्मा की भूख और बढ़ गई। उसने पीड़ित से और अधिक वीआईपी नंबर वाली महंगी गाड़ियों की मांग शुरू कर दी। जब पीड़ित ने इस अनुचित मांग का विरोध किया, तो आरोपी ने उसे धमकी दी कि यदि उसने और गाड़ियां नहीं दीं तो पहले दी गई फॉर्च्यूनर गाड़ी भी उसे कभी वापस नहीं मिलेगी।
कर्ज लेकर खरीदीं चार और गाड़ियां
आरोपी के रसूख और धमकियों के आगे लाचार होकर पीड़ित ने भारी दबाव में आकर लोन लिया। इस कर्ज के पैसों से उसने चार और महंगी गाड़ियां खरीदीं और उन्हें भी वीआईपी नंबरों के साथ प्रमोद शर्मा को सौंपने पर मजबूर होना पड़ा।
इन सभी पांच वाहनों का उपयोग प्रमोद शर्मा और उसके करीबी सहयोगी खुलेआम अपने काफिले में करते रहे, जबकि इन गाड़ियों की बैंक किस्तें (EMI) भरने का भारी आर्थिक बोझ लगातार पीड़ित व्यवसायी पर ही डाला जाता रहा।
सोशल मीडिया पर काफिले का प्रदर्शन
बताया जाता है कि प्रमोद शर्मा इन वीआईपी नंबर वाली लग्जरी गाड़ियों के एक बड़े काफिले का प्रदर्शन करता था। वह और उसके साथी इस काफिले की वीडियो बनवाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड करते थे, जिससे उसका फर्जी दबदबा कायम रख सकें।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि प्रमोद शर्मा और उसके गुर्गों के डर के कारण वह इस कदर सहम गया था कि उसे अपनी जान बचाने के लिए देश छोड़कर फिलहाल विदेश में शरण लेनी पड़ी है। पीड़ित ने विदेश में रहते हुए ही ऑनलाइन माध्यम से पुलिस को यह शिकायत भेजी है।
उसने पुलिस से मांग की है कि उसकी गाड़ियां बरामद की जाएं, उसे सुरक्षा प्रदान की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच हो।
फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का आरोप
मानसरोवर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(2), 308(2) और 61(2) के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है।
रिपोर्ट में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि प्रमोद शर्मा ने पीड़ित को कई बार डरा-धमकाकर कुछ सादे और कुछ लिखित कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए थे। इनका उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। इन्हीं जाली दस्तावेजों के बल पर गाड़ियों और पीड़ित की धनराशि पर अवैध कब्जा बनाए रखा गया।
संपत्तियां हड़पने का आदी है प्रमोद शर्मा
पुलिस के अनुसार प्रमोद शर्मा के खिलाफ पहले से भी कई जमीनी विवाद और आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह अपने प्रभाव का भय दिखाकर सीधे-सादे लोगों से पैसे और संपत्तियां हड़पने का आदी है। पिछले साल 13 जुलाई 2025 को घनश्याम शर्मा ने प्रमोद शर्मा समेत 9 लोगों पर मानसरोवर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस एफआईआर में आरोप लगाया गया कि प्रमोद शर्मा और उनके साथियौं ने घनश्याम शर्मा की मानसरोवर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित कीमती जमीन पर कब्जा कर लिया है। इन्होंने जमीन के फर्जी कागजात तैयार किए। इसके बाद रसूख का इस्तेमाल कर जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर लिया। इस मामले में पुलिस प्रमोद की तलाश कर रही है। प्रमोद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने एफआईआर निरस्त करने से इनकार कर दिया है।
ये भी पढे़:-
राज्यसभा चुनाव में टली क्रॉस वोटिंग, तीनों चेहरों का निर्विरोध जीतना तय
अरावली में मिला प्राचीन काल का खजाना, चट्टानों पर हो रही खूबसूरत नक्काशी
नकली बीज में बड़ी रिश्वतखोरी, डायरेक्टर समेत 6 आरोपी का मिला 5 दिन का रिमांड
बच्चियों की तस्करी में लेडी डॉन गिरफ्तार, 3 करोड़ का बंगला और लग्जरी कारें जब्त