राजस्थान के 18 RAS अधिकारी बनेंगे IAS, 54 अधिकारियों के नाम है पैनल में
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में 18 RAS अफसर बनेंगे IAS, 23 सितंबर को फैसला।
- 54 RAS अधिकारियों में से 18 नामों पर UPSC लगाएगा मुहर।
- RAS से IAS प्रमोशन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंची।
- UPSC बैठक में तय होंगे राजस्थान के नए IAS अधिकारी।
- ब्यूरोक्रेसी में बड़ा बदलाव, 18 वरिष्ठ अफसरों को मिलेगा प्रमोशन।
राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे और ब्यूरोक्रेसी में जल्द ही बड़ा बदलाव दिखने वाला है। राजस्थान प्रशासनिक सेवा के 18 वरिष्ठ अधिकारियों की भारतीय प्रशासनिक सेवा के पदों पर पदोन्नति होने जा रही है।
इस पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए संघ लोक सेवा आयोग ने 23 सितंबर को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्य से भेजे गए 54 RAS अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता और गोपनीय रिपोर्ट पर गहन मंथन किया जाएगा।
इस बैठक में शामिल होने के लिए राजस्थान के मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार की ओर से नामित एक वरिष्ठ अधिकारी और कार्मिक विभाग के सचिव खुद दिल्ली पहुंचेंगे, जहां आयोग के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर अंतिम 18 नामों पर मुहर लगाई जाएगी।
18 पद, 54 अधिकारियों का पैनल
नियमों के मुताबिक जितने पदों पर पदोन्नति होनी होती है, उससे तीन गुना अधिकारियों के नाम का पैनल UPSC को भेजा जाता है। राजस्थान सरकार ने 18 IAS पदों के सापेक्ष 54 वरिष्ठ RAS अफसरों का पूरा डोजियर संघ लोक सेवा आयोग को पहले ही जुलाई महीने में सौंप दिया था।
इस सूची में मुख्य रूप से वर्ष 2001 बैच और उसके बाद के वरिष्ठ RAS अधिकारियों के नाम शामिल हैं। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे इन अधिकारियों का सेवा रिकॉर्ड साफ-सुथरा होने पर उन्हें IAS कैडर आवंटित कर दिया जाएगा। 23 सितंबर की बैठक के बाद जल्द ही इसका नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है।
चयन समिति में कौन-कौन शामिल
दिल्ली स्थित संघ लोक सेवा आयोग के मुख्यालय में आयोजित होने वाली इस चयन समिति की बैठक में शामिल होने वाले अधिकारियों में UPSC के प्रतिनिधि या सदस्य, राजस्थान के मुख्य सचिव, राज्य सरकार द्वारा मनोनीत वरिष्ठ IAS अधिकारी और कार्मिक विभाग (DOP – Department of Personnel) राजस्थान के सचिव शामिल होंगे।
यह समिति 54 अधिकारियों के APR और विजिलेंस क्लीयरेंस की जांच कर 18 योग्य अधिकारियों के नाम की सिफारिश करेगी।
गैर-प्रशासनिक सेवा का प्रमोशन 9 महीने से अटका
एक तरफ जहां RAS से IAS बनने की राह आसान हो गई है, वहीं गैर-प्रशासनिक सेवा (Non-RAS) के अधिकारियों का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
गैर-प्रशासनिक सेवा से IAS के 4 पदों पर पदोन्नति को लेकर UPSC ने पिछले साल दिसंबर में ही मंथन पूरा कर लिया था। इसके बावजूद राज्य सरकार के स्तर पर अभी तक इस पर अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई है।
राज्य के विभिन्न विभागों, जैसे शिक्षा, वाणिज्यिक कर और सहकारिता आदि, के 20 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम इन पदों के लिए विचाराधीन थे। सरकार के स्तर पर अंतिम फैसला न होने से एक और पद पर होने वाली पदोन्नति की प्रक्रिया भी अधर में लटकी हुई है। इससे संबंधित विभागों के अधिकारियों में निराशा भी देखने को मिल रही है।
IAS अधिकारियों की कमी होगी दूर
राजस्थान में 18 नए IAS अधिकारियों के मिलने से राज्य सरकार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा संबल मिलेगा। पदोन्नत होने वाले इन अधिकारियों को राज्य के विभिन्न जिलों में कलेक्ट्रेट, संभागीय आयुक्त कार्यालयों या राज्य स्तरीय विभागों में प्रबंध निदेशक और सचिव स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि राजस्थान में नए जिलों के गठन और विकास योजनाओं को गति देने के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों की जरूरत है। ऐसे में RAS से IAS बनने वाले इन अधिकारियों का लंबा मैदानी अनुभव राज्य सरकार के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
FAQ
- राजस्थान में कितने RAS अधिकारी IAS बनेंगे?
राजस्थान के 18 वरिष्ठ RAS अधिकारियों की IAS पदों पर पदोन्नति होने जा रही है। इसके लिए UPSC ने 23 सितंबर को दिल्ली में समीक्षा बैठक बुलाई है। - UPSC पैनल मेंं चयन प्रक्रिया कैसे होगी?
राजस्थान सरकार ने 18 पदों के लिए 54 वरिष्ठ RAS अधिकारियों का पैनल UPSC को भेजा था। चयन समिति इनके सेवा रिकॉर्ड और विजिलेंस क्लीयरेंस की जांच कर 18 नामों की सिफारिश करेगी। - गैर-प्रशासनिक सेवा से IAS बनने की प्रक्रिया की क्या स्थिति है?
गैर-प्रशासनिक सेवा से IAS के 4 पदों पर पदोन्नति पिछले 9 महीनों से अटकी हुई है। UPSC ने दिसंबर में ही मंथन पूरा कर लिया था, लेकिन राज्य सरकार से अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।
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