15289 करोड़ में बिकी राजस्थान रॉयल्स, 18 साल में 24 गुना बढ़ी वैल्यू!
News In Short
- राजस्थान रॉयल्स हुई ग्लोबल, काल सोमानी ने खरीदी आईपीएल की सबसे महंगी फ्रेंचाइजी।
- टीम की कीमत में 24 गुना इजाफा, 1.63 बिलियन डॉलर में बिकी राजस्थान रॉयल्स।
- काल सोमानी मालिकाना हक हासिल करने से पहले राजस्थान रॉयल्स में थे निवेशक।
- राजस्थान रॉयल्स में अब काल सोमानी के नेतृत्व में देखने को मिल सकते हैं बदलाव।
- अमेरिकी बाजार में ब्रांडिंग को मिलेगा जोर, राजस्थान रॉयल्स की ग्लोबल फैन फॉलोइंग बढ़ेगी।
News In Detail
आईपीएल की पहली चैंपियन राजस्थान रॉयल्स (RR) मालिकाना हक के मामले में अब ग्लोबल हो गई है। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए अमेरिकी दिग्गज निवेशक और टेक्नोलॉजी उद्यमी काल सोमानी ने इस फ्रैंचाइजी को खरीद लिया है। यह सौदा क्रिकेट इतिहास के सबसे महंगे सौदों में से एक बनकर उभरा है।
1.63 बिलियन डॉलर की बोली
काल सोमानी और उनके कंसोर्टियम ने करीब 15,289 करोड़ रुपए ($1.63 बिलियन) की भारी-भरकम राशि लगाकर राजस्थान रॉयल्स का मालिकाना हक हासिल किया है। 2008 में जब आईपीएल शुरू हुआ था, तब इस टीम की कीमत महज 67 मिलियन डॉलर (करीब 270 करोड़ रुपए) थी।
यदि मुद्रास्फीति को भी समायोजित करते हैं तो इसकी वैल्यू 628 करोड़ थी। आज 2026 में इसकी वैल्यू में 24 गुना का इजाफा हुआ है, जो दिखाता है कि वैश्विक स्तर पर आईपीएल और उसकी टीमों ब्रांड की साख कितनी मजबूत हुई है।
कौन हैं काल सोमानी?
काल सोमानी मात्र एक निवेशक नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और निवेश की दुनिया का एक बड़ा नाम हैं। वे पहले से ही टीम में निवेशक थे और अब पूरी फ्रेंचाइजी अपने नाम कर ली है। टेक टाइकून के रूप में दुनियां उन्हें पहचानती है। उन्होंने AI गवर्नेंस, एड-टेक, डेटा प्राइवेसी और स्पोर्ट्स टेक जैसे क्षेत्रों में कई वैश्विक कंपनियां खड़ी की हैं।
उनका मानना है कि राजस्थान रॉयल्स में भविष्य की असीम संभावनाएं हैं और वे टीम को डेटा और आधुनिक टेक्नोलॉजी के जरिए नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं।
राजस्थान रॉयल्स के लिए क्या बदलाव आएंगे?
नए मालिकों के साथ राजस्थान रॉयल्स को अब और बेहतर वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी। टीम को उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेशनल कोचिंग और स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा, जो उनके प्रदर्शन को और भी बेहतर बनाएगी। इसके अलावा, टीम की ग्लोबल फैन फॉलोइंग भी बढ़ने की उम्मीद है, खासकर अमेरिकी बाजार में राजस्थान रॉयल्स की ब्रांडिंग मजबूत होगी।
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