राजस्थान में अब 45 नहीं 25 दिन में मिलेगा गैस सिलेंडर, ग्रामीण इलाकों को भी दी राहत
News In Short
- राजस्थान में अब ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर बुकिंग 25 दिन बाद होगी।
- पहले गैस सिलेंडर की बुकिंग की अवधि 45 दिन तक बढ़ा दी गई थी।
- शहरी क्षेत्रों में गैस सिलेंडर बुकिंग का समय अब भी 25 दिन है।
- 12 दिन पहले ही किया गया था यह बदलाव।
- तेल कंपनियों के सर्वरों में बढ़ी बुकिंग के कारण तकनीकी समस्याएं आ रही हैं।
News In Detail
राजस्थान में अब ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन बाद ही कर सकेंगे। पहले इस अवधि को बढ़ा कर 45 दिन कर दिया गया था। यह बदलाव ग्रामीण इलाकों में सिलेंडर की मांग और आपूर्ति के अंतर को देखते हुए किया गया है।
सिलेंडर बुकिंग की अवधि में बदलाव
करीब दस दिन पहले तेल कंपनियां गैस की किल्लत को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में बुकिंग अवधि बढ़ाकर 45 दिन कर दी थी। इससे उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की डिलीवरी में लंबा समय लग रहा था। संचालकों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर का उपयोग कम होता है। पहले भी बुकिंग आमतौर पर एक महीने या उससे अधिक समय के अंतराल में होती थी। अब, बुकिंग के समय को फिर से 25 दिन तक सीमित किया गया है, जिससे डिलीवरी का समय कम हो सके।
शहरी क्षेत्रों में स्थिति
वहीं, शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यहां बुकिंग 25 दिन बाद ही हो रही है, जैसा पहले था। शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर की मांग और आपूर्ति में कोई खास अंतर नहीं आया है, इसलिए बुकिंग अवधि में कोई बदलाव नहीं किया गया।
अचानक बढ़ी थी गैस सिलेंडर की डिमांड
एक अधिकारी ने बताया कि पहले ग्रामीण इलाकों में एक सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर 45 दिन बाद मिलता था। इस व्यवस्था से ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर की डिमांड अचानक बढ़ गई थी। इसके कारण कई उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
सर्वर में खराबी की शिकायतें
गैस की किल्लत और पैनिक बुकिंग के कारण तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के सर्वर में लगातार खराबी आ रही है। कभी बुकिंग नहीं हो पा रही है, तो कभी बुकिंग के बाद ओटीपी (OTP) नहीं मिल रहा। इस कारण उपभोक्ताओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शहरी क्षेत्रों में अब भी बुकिंग के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ देखी जा रही है।
कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति
राज्य में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी उपभोक्ताओं के लिए समस्या बनी हुई है। व्यापारियों (ढाबा, होटल, रेस्टोरेंट संचालक) को अब भी केवल 20% सिलेंडर ही दिए जा रहे हैं, जो उनकी कुल खपत का 20% होता है। इसके लिए एजेंसियों को लिखित रूप में कंपनियों को यह बताना पड़ता है कि किस उपभोक्ता को कितने सिलेंडर दिए गए हैं।
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