किरोड़ीलाल पड़े भाजपा में अलग-थलग, जानिए सियासत की पूरी कहानी?

Mukesh Sharma | Jun 12, 2026, 13:18 IST
किरोड़ीलाल मीणा
राजस्थान में बीज कंपनियों से 2.44 करोड़ की रिश्वत मामले के बाद कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा सरकार और संगठन में अकेले पड़ गए हैं। केवल मदन दिलावर, हनुमान बेनीवाल और रविंद्र भाटी उनके बचाव में आए हैं, जबकि भाजपा आलाकमान और बाकी विधायक पूरी तरह मौन हैं।

राजस्थान में खाद-बीज कंपनियों पर छापे के बाद 2.44 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने के मामले में कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा अकेले पड़ते दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति सरकार में उनके सहयोगी मंत्रियों और संगठन की ओर से कोई बचाव नहीं होने से सामने आ रही है।



रिश्वतखोरी के खुलासे को चार दिन हो गए हैं। अब तक सरकार में उनके साथी मंत्रियों में से मात्र एक मंत्री बचाव में आए हैं। इसके अतिरिक्त न तो किसी अन्य मंत्री ने और न ही पार्टी के किसी पदाधिकारी ने किरोड़ीलाल के पक्ष में बयान दिया है।



नेताओं का चुप्पी साधना आश्चर्यजनक

यह बेहद आश्चर्यजनक और संदेहजनक है कि जिस पार्टी में बेहद छोटे-छोटे आरोप के बचाव में पार्टी के दर्जनों पदाधिकारी, मंत्री और विधायक मैदान में उतर जाते हों, एक सीनियर नेता व मंत्री के बचाव में चुप्पी लगाए बैठे हैं।



यह आश्चर्य तब और बढ़ जाता है, जब यह नेता मीणा हों, जिन्होंने अकेले कांग्रेस सरकार के नाक में दम किया हुआ था। फिर चाहे वह पेपर लीक का मामला हो या डीओआईटी में भ्रष्टाचार का। पूरे पांच साल उन्होंने अकेले विपक्ष की भूमिका निभाई थी।



हालांकि पहले भाजपा सरकार में कम महत्व मिलने और फिर दौसा उप चुनाव में भाई की हार से नाराज होकर उन्होंने इस्तीफा भी दिया था। लेकिन,दिल्ली में बड़े नेताओं के समझाने के बाद उन्होंने मंत्री के रुप में सामान्य तौर पर काम करना शुरु कर दिया था।



सिर्फ ये आए बचाव में

पूरी कैबिनेट में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने ही अपने सहयोगी के बचाव में बयान दिया है। दिलावर ने कहा था कि वह विद्यार्थी जीवन से किरोड़ीलाल को जानते हैं। अगर वे बेईमान हैं तो फिर मदन दिलावर कभी ईमानदार हो ही नहीं सकता है। उनकी छवि हमेशा साफ-सुथरी और निष्पक्ष रही है।



उन्होंने कहा कि विपक्ष को दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। दिलावर किरोड़ी के पक्ष में कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा था कि जलजीवन मिशन घोटाले में अशोक गहलोत को कितने रुपए मिले थे। उन्होंने यह भी कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा भी महेश जोशी की तरह जेल जाएंगे।



मंत्री किरोड़ी के साथ छापे की कार्रवाई में साथ रहने वालों के ही खाद-बीज कंपनियों से वसूली में पकड़े जाने पर दिलावर ने किरोड़ीलाल का बचाव किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का किसी मंत्री या अधिकारी से मिलना-जुलना इस बात का प्रमाण नहीं हो सकता कि वह भ्रष्टाचार में भी शामिल है।



बेनीवाल और भाटी भी आए बचाव में

किरोड़ीलाल को टीवी पर सार्वजनिक रुप से खरी-खोटी सुनाने वाले सांसद हनुमान बेनीवाल ने अब उनका समर्थन किया है। बेनीवाल ने जयपुर में प्रेस काफ्रेंस करते हुए मुख्यमंत्री से कहा है कि यदि कार्रवाई करनी है तो बाकी 6 दागी मंत्रियों पर भी समान रूप से एक्शन लिया जाए।



बेनीवाल के अतिरिक्त निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी उनके बचाव में उतरे हैं। इसके बावजूद भाजपा के खेमे से अब तक उनके बचाव में कोई आवाज बुलंद नहीं हुई है।



चुप क्यों हैं 100 से ज्यादा पदाधिकारी 117 विधायक?

भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में 100 से ज्यादा पदाधिकारी और 60 से ज्यादा प्रवक्ता हैं। इनके अतिरिक्त विभिन्न प्रकोष्ठ,युवा मोर्चा,महिला मोर्चा आदि के प्रदेश स्तरीय सैकडों पदाधिकारी अलग हैं। इसके बावजूद अब तक किसी भी पदाधिकारी या प्रवक्ता की ओर से किरोड़ी के बचाव में कोई पुख्ता सुर नहीं उठा है।



भाजपा के किरोड़ी सहित 118 विधायक हैं। इनमें से 24 मंत्री और एक मुख्यमंत्री व एक विधानसभा अध्यक्ष हैं। लेकिन, मंत्रियों में मात्र एक ने उनका साथ दिया है, जबकि 93 विधायकों में से एक भी विधायक ने अब तक उनके पक्ष में कोई बयान नहीं दिया है।



कुछ जानकारों का कहना है कि किरोड़ीलाल के लिए यह मामला कोई नई बात नहीं है। अपने राजनीतिक जीवन में वह कई बार ऐसे हालात का सामना कर चुके हैं। हर बार उन्होंने वापसी की है। इस बार मुद्धा राजनीतिक नहीं बल्कि भ्रष्टाचार का है। इसलिए आने वाले दिनों में उनकी और सरकार की कार्यवाही पर करीब से नजर रखनी होगी।



हालांकि,​ किरोड़ीलाल ने आरोपों से उबरने के लिए फिर से खाद-बीज कंपनियों पर छापेमारी शुरू की है। उन्होंने गुरुवार को जयपुर के पास कानोता में एक खाद कंपनी पर छापा मारा। तब उन्होंने मीडिया के पूछे गए सवालों पर इतना ही कहा, हाथी चलता रहता है, पीछे...।



क्या था पूरा मामला?

किरोड़ीलाल कृषि मंत्री बनने के बाद से खाद-बीज कंपनियों पर लगातार छापेमारी करते रहे हैं। इसमें उनके साथ विभाग के अधिकारी भी रहे। पांच दिन पहले एसीबी ने एक इनपुट के आधार पर छापेमारी की थी।



इस छापे के दौरान राज्य बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई के घर से 1.59 करोड़ रुपए बरामद किए। इससे पहले एसीबी ने उनके भांजे स्वतंत्र विश्नोई से 85 लाख रुपए जब्त किए। पुलिस ने रिश्वतखोरी के इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया।



गिरफ्तार होने वाले लोगों में फलोदी विधायक पब्बराम विश्नोई के पीए गणपत भी थे। एसीबी के हाथ आए सबूत में यह जानकारी मिली कि उसे रिश्वत के 60 लाख रुपए दिए गए। यह रिश्वतखोरी गुजरात की मूंगफली बीज कंपनी गजराज से की गई, जिसका बीज सील किया गया था।



रिश्वत का यह मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने कृषि मंत्री किरोड़ीलाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उसका कहना था कि गिरफ्तार लोग छापेमारी के समय ​मंत्री के साथ रहते थे। ऐसे में भ्रष्टाचार में उनकी भागीदारी स्पष्ट दिखती है।



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