श्मशान पर कब्जों और विवादों का होगा अंत, ग्रामीण सेवा शिविर में होगा सीमांकन
समझें क्या है पूरा मामला
- प्रदेश में श्मशान घाटभूमियों के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होंगे नाम।
- ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत होगा सीमांकन।
- सरकार ने सभी जिला कलेक्टर्स को जारी किए निर्देश।
- भू-राजस्व अधिनियम 1956 के तहत आरक्षित होंगी भूमियां।
- इससे अवैध कब्जों और भूमि विवादों पर लगेगी लगाम।
राजस्थान सरकार के राजस्व (ग्रुप-3) विभाग ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। यह आदेश संयुक्त शासन सचिव रामनारायण बड़गूजर द्वारा 3 जुलाई 2026 को जारी किया गया है।
आदेश में समस्त जिला कलेक्टर्स को कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग में ली जा रही श्मशान भूमियों का भौतिक सत्यापन कर उन्हें राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) में दर्ज करें।
सरकार के संज्ञान में आया है कि कई गांवों में श्मशान भूमि परंपरागत रूप से उपयोग में है लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। इस कारण अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्यों में सामाजिक असुविधा, अतिक्रमण और भूमि विवाद उत्पन्न होते हैं।
क्या है समस्या?
राज्य के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान स्थल सदियों से उपयोग में हैं, लेकिन उनका विधिवत आरक्षण नहीं हुआ है। राजस्व रिकॉर्ड में उनका उल्लेख न होने से कई बार अन्य लोग इन जमीनों पर अतिक्रमण कर लेते हैं।
जब किसी परिवार में मृत्यु होती है और अंतिम संस्कार की जरूरत पड़ती है, तब जमीन विवाद खड़ा होने से स्थिति और दर्दनाक हो जाती है।
ग्रामीण सेवा शिविर 2026 में होगी कार्रवाई
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि वर्तमान में चल रहे जनकल्याण शिविरों के अंतर्गत ग्रामीण सेवा शिविर-2026 में ही यह कार्रवाई शुरू की जाए।
कलेक्टर्स को निर्देश है कि वे श्मशान भूमियों का भौतिक सत्यापन करें, सीमांकन करें और अतिक्रमण मुक्त कराएं। इसके साथ ही सुगम पहुंच मार्ग सुनिश्चित किए जाएं।
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 92 के तहत होगी कार्रवाई
सत्यापन और सीमांकन के बाद राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 92 के तहत इन भूमियों को आरक्षित किया जाएगा।
राजस्व विभाग की अधिसूचना दिनांक 8 अप्रैल 2022 के तहत संबंधित स्थानीय निकाय के अधीन किए जाने की विधिवत कार्रवाई होगी। इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में अमलदरामद की कार्रवाई की जाएगी।
नई श्मशान भूमि का भी होगा आरक्षण
सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जहां श्मशान भूमि की आवश्यकता है लेकिन अभी तक कोई स्थान नहीं है, वहां भी नियमानुसार भूमि आरक्षित की जाए। यह प्रक्रिया ग्रामीण सेवा शिविर-2026 की समाप्ति के बाद भी जारी रखी जाए।
FAQ
- राजस्थान सरकार ने श्मशान भूमि को लेकर क्या आदेश जारी किए हैं?
राजस्व विभाग ने सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों की श्मशान भूमियों का भौतिक सत्यापन, सीमांकन और अतिक्रमण मुक्ति की जाए। इन्हें राजस्व रिकॉर्ड यानी जमाबंदी में दर्ज कर राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 92 के तहत आरक्षित किया जाए।
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