SI भर्ती-2021 पेपर लीक में दो अभ्यर्थी गिरफ्तार: 7 और 20 लाख में किया था सॉल्व्ड पेपर का सौदा
समझें क्या है पूरा मामला
- SI भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक केस में दो और अभ्यर्थी गिरफ्तार।
- नरेंद्र प्रताप पर 7 लाख में लीक सॉल्व्ड पेपर लेने का आरोप।
- अनिल विश्नोई से जुड़े मामले में 20 लाख रुपए के सौदे का आरोप।
- दोनों लिखित परीक्षा में पास हुए, लेकिन SI पद पर अंतिम चयन नहीं हुआ।
- दोनों आरोपी 23 सितंबर तक SOG की पुलिस रिमांड पर हैं।
राजस्थान की सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में SOG ने दो और अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेंद्र प्रताप सिंह जाट और अनिल विश्नोई के रूप में हुई है। SOG की जांच में आरोप है कि दोनों ने परीक्षा से पहले पेपर लीक गिरोह से सॉल्व्ड पेपर हासिल किया और उसे पढ़कर लिखित परीक्षा दी।
SOG के मुताबिक नरेंद्र प्रताप सिंह जाट ने लीक पेपर के लिए 7 लाख रुपए, जबकि अनिल विश्नोई से जुड़े मामले में 20 लाख रुपए में सौदा किया गया था। दोनों लिखित परीक्षा में पास हुए, लेकिन आखिरकार सब इंस्पेक्टर के पद पर चयन नहीं हो सका।
7 लाख में पेपर का सौदा, लिखित परीक्षा में हुआ पास
SOG के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के मुताबिक जयपुर ग्रामीण के रेनवाल थाना क्षेत्र के डूंगरीकलां निवासी 28 वर्षीय नरेंद्र प्रताप सिंह जाट ने अपने गांव के पेपर लीक सरगना विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ से 7 लाख रुपए में सौदा किया था।
आरोप है कि नरेंद्र जाट ने गिरोह के हैंडलर के जरिए परीक्षा से पहले लीक सॉल्व्ड पेपर पढ़ा। इसके बाद उसने SI भर्ती की लिखित परीक्षा दी। नरेंद्र जाट को हिंदी में 200 में से 149.09 और सामान्य ज्ञान में 200 में से 124.71 अंक मिले। वह लिखित परीक्षा में पास हो गया, लेकिन मेरिट कम रहने के कारण अंतिम रूप से SI पद पर चयनित नहीं हो पाया।
SOG के अनुसार इस मामले में विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ को पहले ही 28 अगस्त 2025 को गिरफ्तार कर आरोप पत्र पेश किया जा चुका है।
अनिल के मामले में 20 लाख का सौदा
दूसरा गिरफ्तार आरोपी 25 वर्षीय अनिल विश्नोई जोधपुर के लूणी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। SOG की प्रेस नोट के मुताबिक अनिल के भाई तेजाराम विश्नोई और पेपर लीक गिरोह के सदस्य शैतानाराम के बीच परीक्षा से पहले लीक सॉल्व्ड पेपर उपलब्ध कराने के लिए 20 लाख रुपए में सौदा हुआ था।
SOG का आरोप है कि शैतानाराम और गणपतलाल विश्नोई के जरिए पेपर लीक सरगना भूपेंद्र सारण के हैंडलर से परीक्षा से पहले लीक सॉल्व्ड पेपर हासिल किया गया। अनिल ने इसी पेपर को पढ़ने के बाद परीक्षा दी।
लिखित परीक्षा में अच्छे अंक, फिजिकल में हुआ फेल
अनिल विश्नोई को लिखित परीक्षा में हिंदी में 200 में से 154.69 और सामान्य ज्ञान में 200 में से 157.38 अंक मिले थे। हालांकि वह शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल हो गया और अंतिम चयन से बाहर हो गया।
इस मामले में SOG पहले ही भूपेंद्र सारण को 16 मार्च 2024 और शैतानाराम विश्नोई को 22 अगस्त 2024 को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रेस नोट के मुताबिक तेजाराम विश्नोई और गणपतलाल अभी फरार हैं।
23 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर दोनों आरोपी
SOG के मुताबिक DIG भुवन भूषण यादव और SP कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में मामले की जांच की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजीलाल मीणा की टीम ने 20 सितंबर 2026 को दोनों अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया।
दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। अब SOG दोनों से पेपर लीक गिरोह से संपर्क, पैसों के लेन-देन और सॉल्व्ड पेपर पहुंचाने की पूरी चेन को लेकर पूछताछ कर रही है।
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