BSTC परीक्षा में डमी अभ्यर्थियों से दिलवाई परीक्षा, SOG ने 12 आरोपियों को किया गिरफ्तार
News In Short
- एसओजी ने बीएसटीसी परीक्षा में डमी अभ्यर्थियों वाले 12 आरोपियों को किया गिरफ्तार।
- आरोपियों ने पैसे देकर डमी अभ्यर्थियों को असली परीक्षा में बैठाया था।
- एफएसएल जांच में हस्ताक्षरों का अंतर पाकर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
- गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 11 उदयपुर और 1 भरतपुर के निवासी हैं।
- एसओजी अब यह जांच कर रही है कि डमी अभ्यर्थी कौन थे और कितना बड़ा है नेटवर्क।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की धांधलियों की जांच कर रहे स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक और खुलासा किया है। इस बार मामला बीएसटीसी (प्री-डीएलएड) परीक्षा-2019 और 2020 से जुड़ा हैं इसमें मूल अभ्यर्थियों ने पैसे देकर अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बिठा लिए थे। एसओजी ने सोमवार को इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये सभी मूल अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने परीक्षा में धोखाधड़ी करवाई थी।
क्या है पूरा मामला?
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल के अनुसार इस फर्जीवाड़े की नींव 4 फरवरी 2021 को रखी गई थी, जब पाली जिले के रोहट में पुलिस ने अशोक सारण नामक एक संदिग्ध को पकड़ा था। अशोक की तलाशी के दौरान उसकी जेब से कुछ ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे यह खुलासा हुआ कि वह पैसों के बदले असली अभ्यर्थियों की जगह डमी परीक्षार्थी बिठाने का रैकेट चला रहा था।
इसके बाद एसओजी ने अशोक सारण से गहन पूछताछ की और एसओजी थाने में मुकदमा दर्ज किया। जांच आगे बढ़ाने पर पता चला कि यह धोखाधड़ी सिर्फ एक या दो लोगों तक सीमित नहीं थी, बल्कि कई मूल अभ्यर्थियों ने मिलकर यह साजिश रची थी।
एफएसएल जांच में हस्ताक्षर नहीं मिले
एसओजी ने इस मुकदमे में नामजद आरोपियों के बारे में बीकानेर में शिक्षा विभागीय परीक्षा पंजीयक से मूल दस्तावेज प्राप्त किए। संदिग्ध अभ्यर्थियों के नमूना हस्ताक्षर और लिखावट ली गई और उन्हें फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) जांच के लिए भेजा गया।
जांच में मूल अभ्यर्थियों की लिखावट और परीक्षा हॉल में किए गए हस्ताक्षरों में जमीन-आसमान का अंतर पाया गया। इससे पुष्टि हो गई कि परीक्षा केंद्र पर इन 12 लोगों की जगह कोई और डमी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी।
उदयपुर व भरतपुर के हैं आरोपी
एसओजी की उदयपुर यूनिट और स्थानीय पुलिस ने एक साझा अभियान चलाकर इस फर्जीवाड़े में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आमलिया (उदयपुर) निवासी जगदीश गमार, लक्ष्मी कुमारी और मन्नालाल भगौरा शामिल हैं। इसके अलावा चिकलवास (उदयपुर) से मुकेश गमार और जीवतराम मोडिया, खांडी ओबरी (उदयपुर) से लोकेश कुमार, अमरपुरा (उदयपुर) से प्रेम कुमारी, सारोली (उदयपुर) से राहुल बोडात और विशाल कुमार बोडात को पकड़ा गया है। गिरफ्तार लोगों में हिक्का सारोली (उदयपुर) के संजय कुमार डामोर, भैषाणा (उदयपुर) के विक्रम कुमार और भरतपुर के रहीमगढ़ निवासी रविंद्र सिंह का नाम भी है।
एसओजी के अनुसार 12 आरोपियों से पूछताछ जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि डमी अभ्यर्थी कौन थे और उन तक कैसे पहुंचा गया। इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल थे, इसकी भी जांच हो रही है।
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