48 घंटे बाद शुभम रेवाड़ ने पिया पानी, छात्रसंघ चुनाव को लेकर अनशन पर है छात्र
समझें क्या है पूरा मामला
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने छात्र नेता शुभम रेवाड़ मुलाकात की।
- छात्र नेता राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग कर रहे है।
- छात्र नेता शुभम रेवाड़ 14 दिन से अनशन पर थे।
- तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें ICU में भर्ती किया गया।
राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाली और राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना की मांग और तेज हो गई है। अपनी मांगो को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ पिछले 15 दिन से आमरण अनशन कर रहे है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद अस्पताल पहुंचे और छात्र को पानी पिलाया।
राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल की मांग तेज
मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने चुनाव कराने की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर हुआ। यहां छात्रों ने पोस्टर लगाए और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया।
शुभम रेवाड़ की तबीयत बिगड़ी
छात्र नेता शुभम रेवाड़ पिछले 14 दिनों से अनशन कर रहे थे। अनशन के दौरान उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही थी। इसके बाद उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया। शुभम छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि चुनाव छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े हैं।
गहलोत ने की मुलाकात
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को शुभम रेवाड़ से मुलाकात की। उन्होंने अनशन कर रहे छात्र नेता को पानी पिलाया। इसके बाद उनकी स्थिति की जानकारी ली। गहलोत ने छात्रसंघ चुनाव और छात्रों की मांगों को लेकर सरकार से कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
20 अगस्त तक अल्टीमेटम
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता नीरज कीचड़ ने सरकार को अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि 20 अगस्त तक छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं किए गए तो आंदोलन तेज होगा। छात्र नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में सभी संगठनों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उनका दावा है कि छात्रसंघ चुनाव लंबे समय से छात्रों की प्रमुख मांग रही है।
मूक-बधिर विद्यार्थियों से मिले गहलोत
इसके बाद अशोक गहलोत ने जयपुर के आनंदीलाल पोद्दार मूक बधिर विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों से मुलाकात की। उन्होंने विद्यार्थियों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों की जानकारी ली। गहलोत ने कहा कि इन बच्चों को अपनी समस्याएं बताने के लिए प्रदर्शन करना दुखद स्थिति है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से विशेष टीम भेजकर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।
गहलोत ने सुनाया पुराना अनुभव
अशोक गहलोत ने कहा कि करीब 45 साल पहले जब वे जोधपुर से पहली बार सांसद बने थे, तब उन्होंने एक संस्था बनाकर गांधी मूक-बधिर स्कूल शुरू किया था। उन्होंने बताया कि यह संस्था अब कॉलेज बन चुकी है। गहलोत ने कहा कि वे मूक-बधिर विद्यार्थियों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं। उन्होंने सरकार से इन विद्यार्थियों की पढ़ाई और सुविधाओं पर ध्यान देने की अपील की।
छात्र आंदोलन पर नजर
छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा अब राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। छात्र संगठन लगातार चुनाव बहाली की मांग कर रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से इस मामले में अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में छात्र संगठनों की रणनीति पर सभी की नजर रहेगी।
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