राजस्थान में अब 24 घंटे मिलेगी बिजली, थर्मल पावर खरीद को मिली हरी झंडी

Ashish Bhardwaj | May 19, 2026, 17:34 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में RERC ने डिस्कॉम्स को थर्मल पावर खरीदने की मंजूरी दे दी है। इससे राज्य में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए अब सोलर-विंड के साथ कोयला आधारित बिजली पर निर्भर नहीं रहना होगा।

News In Short

  • RERC ने राजस्थान में थर्मल पावर खरीद की मंजूरी दी।
  • आदेश से राज्य अब सिर्फ सोलर और विंड पर निर्भर नहीं रहेगा।
  • थर्मल पावर प्लांट 24 घंटे स्थिर बिजली उपलब्ध कराएंगे।
  • राजस्थान में बिजली खरीद के लिए MoU, ज्वॉइंट वेंचर और TBCB मॉडल विकल्प उपलब्ध।
  • आदेश से राजस्थान की ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता मजबूत होगी।

News In Detail

राज्य ने अब पावर संकट से निपटने के लिए बिजली खरीदने को तैयार है। राजस्थान राज्य विद्युत विनियामक आयोग (RERC) ने 15 मई को थर्मल पावर खरीद की मंजूरी दे दी है।



इसका मतलब है कि राज्य अब केवल सोलर और विंड ऊर्जा पर निर्भर नहीं रहेगा। विद्युत थर्मल पावर प्लांट 24 घंटे स्थिर बिजली उपलब्ध कराएंगे। इससे ग्रिड की स्थिरता बनी रहेगी।



क्यों जरूरी है थर्मल पावर

राजस्थान में बड़े स्तर पर सोलर और विंड प्रोजेक्ट विकसित हो रहे हैं। लेकिन सोलर बिजली रात में उपलब्ध नहीं रहती और विंड एनर्जी उत्पादन हवा की कमी से प्रभावित होता है। ऐसे में स्थायी और लगातार बिजली आपूर्ति के लिए बेसलोड पावर की जरूरत है, जिसे थर्मल पावर प्लांट पूरी करते हैं।



ऊर्जा विशेषज्ञों की राय और भविष्य

ऊर्जा विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में राजस्थान में बिजली की मांग तेजी से बढ़ेगी। औद्योगिक विस्तार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, डेटा सेंटर, शहरीकरण और कृषि क्षेत्र में बढ़ती बिजली जरूरतों के कारण राज्य को स्थायी बिजली स्रोतों की आवश्यकता है।



बिजली खरीद के लिए विकल्प

RERC ने कहा कि राज्य की डिस्कॉम्स थर्मल पावर की खरीद कर सकती हैं। राज्य सरकार और कंपनियां MoU, ज्वॉइंट वेंचर या बोली के जरिए बिजली खरीद सकती हैं।



बोली का टीबीसीबी ऑप्शन

बोली के लिए टैरिफ बेस्ड कम्पेटिटिव बिडिंग (TBCB) मॉडल अपनाया जा सकता है। इसमें अलग-अलग कंपनियां बिजली सप्लाई के लिए बोली लगाएंगी। सबसे कम दर व बेहतर शर्तों वाली कंपनी को टेंडर मिलेगा। इससे बिजली खरीद की लागत कम और पारदर्शिता बढ़ेगी।



फायदा और राज्य की ऊर्जा नीति

इस आदेश से राजस्थान आने वाले दशक में हाइब्रिड पावर मॉडल की दिशा में बढ़ सकता है। इसका लाभ राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा, ग्रिड स्थिरता और चौबीस घंटे बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करना है।



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