‘दो बालिग साथ रहना चाहते हैं तो…’, लिव-इन पर मंत्री जोगाराम पटेल ने कही बड़ी बात
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान UCC बिल में लिव-इन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।
- मंत्री जोगाराम पटेल बोले, नियमों की गलत व्याख्या हो रही।
- एक महीने के भीतर कराना होगा लिव-इन रजिस्ट्रेशन।
- दोनों पार्टनर की उम्र 21 साल से ज्यादा जरूरी।
- रजिस्ट्रेशन कैंसिल होने पर महा रजिस्ट्रार से अपील संभव।
राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पेश हो गया है। कानून बनने के बाद राज्य में पैदा हुए हर व्यक्ति पर लागू होगा। इसी बिल में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर नियम भी तय किए गए हैं। कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि इन नियमों की गलत व्याख्या हो रही। उनके मुताबिक बालिग साथ रह सकते, बस एक तय प्रक्रिया अपनानी होगी।
इस विधेयक में जाति और धर्म के आधार पर नागरिकों के अधिकारों में भेदभाव खत्म करने का प्रावधान किया गया है। मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि सरकार यह बिल विधानसभा में लाई है और आगामी सत्र में इस पर चर्चा होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य इसे पारित कराने में सहयोग करेंगे।
UCC बिल संविधान निर्माताओं की सोच के मुताबिक
राजस्थान के विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि UCC बिल संविधान निर्माताओं की सोच के मुताबिक है। उनके मुताबिक अनुच्छेद 44 के जरिए संविधान निर्माताओं को उम्मीद थी कि केंद्र और राज्य सरकारें अपने अधिकार क्षेत्र में सभी नागरिकों के लिए समान कानून बनाएंगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मानते हैं कि संविधान निर्माताओं की सोच का सम्मान होना चाहिए। पटेल के मुताबिक यह बिल किसी व्यक्ति, धर्म, जाति या पंथ के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी के हितों को ध्यान में रखकर लाया गया।
UCC बिल में लिव-इन नियमों को लेकर हो रहा विवाद
मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर नियमों की गलत व्याख्या की जा रही। उन्होंने कहा कि अगर कोई दो बालिग साथ रहना चाहते हैं तो इसके लिए एक तय प्रक्रिया बताई गई। इसमें नोटिस, रजिस्ट्रेशन और जांच का प्रावधान है, ताकि संवैधानिक स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल न हो।
लिव-इन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी
यूसीसी बिल में तय नियमों के मुताबिक लिव-इन में रहने के एक महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। दोनों पार्टनर की उम्र 21 साल से ज्यादा होनी चाहिए। सरकार इसके लिए रजिस्ट्रार जनरल, स्थानीय रजिस्ट्रार, इलेक्ट्रॉनिक रजिस्टर और ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था कर सकेगी।
रजिस्ट्रार आवेदन की जांच करेगा। इस दौरान वह दोनों पार्टनर को बुला भी सकेगा। सही पाए जाने पर प्रमाण पत्र जारी होगा। गलत या संदिग्ध पाए जाने पर रजिस्ट्रेशन कैंसिल भी हो सकता है, लेकिन इसका कारण लिखित में बताना होगा। रजिस्ट्रेशन कैंसिल से असंतुष्ट पार्टनर महा रजिस्ट्रार के पास अपील कर सकेंगे।
FAQ
- राजस्थान में UCC बिल में लिव-इन रिलेशनशिप के लिए क्या नियम बनाए गए?
लिव-इन में रहने के एक महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। दोनों पार्टनर की उम्र 21 साल से ज्यादा होनी चाहिए। रजिस्ट्रार जांच के बाद प्रमाण पत्र जारी करेगा। - विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने UCC बिल पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यह बिल संविधान निर्माताओं की सोच के अनुरूप है। यह किसी धर्म, जाति या व्यक्ति के खिलाफ नहीं। यह सभी नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर लाया गया। - लिव-इन का रजिस्ट्रेशन कैंसिल होने पर क्या किया जा सकता?
अगर लिव-इन पार्टनर रजिस्ट्रेशन कैंसिल होने से असंतुष्ट हैं तो वे महा रजिस्ट्रार के पास अपील कर सकते हैं। रजिस्ट्रार को कैंसिल का कारण लिखित में बताना होगा।
यह खबरें भी पढ़ें...
लिव-इन छिपाया तो अब हो सकती है 5 साल की जेल, क्या होंगे UCC बिल में नए प्रावधान
जयपुर में UCC के विरोध में मुस्लिम समाज का प्रदर्शन, पुलिस ने विधानसभा कूच रोका
खेजड़ी काटने पर 1 लाख जुर्माना, UCC में बहुविवाह पर बैन, कैबिनेट के 5 बड़े फैसले
राजस्थान सरकार का रक्षाबंधन को लेकर बड़ा फैसला, बहनों को मिलेगा डबल गिफ्ट