बिना डिवाइस लगाए ही जारी कर दिए VLTD सर्टिफिकेट, 9 कंपनियां हुई ब्लॉक
समझें क्या है पूरा मामला
- व्यावसायिक वाहनों में VLTD लगाने में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया।
- बिना डिवाइस लगाए 3,876 फर्जी प्रमाण पत्र जारी हुए।
- इन प्रमाण पत्रों से हजारों वाहनों के नेशनल परमिट बने।
- परिवहन विभाग ने 27 कंपनियों को नोटिस जारी किया।
- गंभीर गड़बड़ी वाली 9 कंपनियां पोर्टल से ब्लॉक हुईं।
व्यावसायिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस यानी वीएलटीडी (VLTD) लगाने में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इसके बाद राजस्थान परिवहन विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय जांच में पुष्टि हुई है कि कई अधिकृत कंपनियों ने वाहनों में डिवाइस लगाए बिना ही ऑनलाइन इंस्टॉलेशन प्रमाण पत्र जारी कर दिए।
इन्हीं फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर हजारों वाहनों के नेशनल परमिट भी जारी हो गए। प्रारंभिक जांच में 27 अधिकृत कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। सबसे ज्यादा गड़बड़ी करने वाली 9 कंपनियों को पोर्टल से ब्लॉक कर दिया गया है।
3,876 वाहनों के फर्जी सर्टिफिकेट
जांच में सामने आया कि 3,876 वाहनों के लिए बिना डिवाइस लगाए ही फर्जी इंस्टॉलेशन प्रमाण पत्र जारी किए गए। यह आंकड़ा फर्जीवाड़े की गंभीरता को साफ दिखाता है।
विभाग ने इस मामले में संबंधित कंपनियों से जवाब मांगा है। कंपनियों से पूछा गया है कि उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई क्यों न की जाए। इन 27 कंपनियों पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है और उनका जवाब आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
9 कंपनियां सेवा प्रदाताओं की सूची से बाहर
जांच में सबसे गंभीर अनियमितताएं करने वाली कंपनियों की भी पहचान हुई है। ऐसी 9 कंपनियां, जिन्होंने 100 से ज्यादा फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए थे, उन्हें VLTD पोर्टल से ऑफबोर्ड यानी ब्लॉक कर दिया गया है।
इन कंपनियों को अधिकृत सेवा प्रदाताओं की सूची से भी हटा दिया गया है। अब ये कंपनियां न तो नए VLTD उपकरण लगा सकेंगी और न ही इंस्टॉलेशन प्रमाण पत्र जारी कर पाएंगी।
ब्लॉक की गई कंपनियों में एक्ट-1, बुल, इंटे 4जी, लोक्ट-14ए, पीएसडीएन, रोडआरपीए, टी-नाउ-टीएन, ट्रैक्सिना और डब्ल्यू टेक्स शामिल हैं।
वाहन मालिकों से विभाग की अपील
परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों से साफ अपील की है कि वे केवल अधिकृत कंपनियों से ही VLTD लगवाएं। विभाग का कहना है कि इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
अब देखना यह है कि नोटिस पाई गई 27 कंपनियों के जवाब के बाद विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है। VLTD, वाहनों की सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए अनिवार्य किया गया एक अहम सिस्टम है, इसलिए इसमें हुई गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जा रहा है।
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