महिला वन रक्षक ने सीनियर अधिकारी पर लगाए सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप, विभागीय जांच के आदेश
News In Short
- महिला वन रक्षक ने सीनियर अधिकारी पर लगाए सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप।
- राजस्थान में कोटा के मुकुंदरा टाइगर हिल्स रिजर्व का है यह मामला।
- वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
- जांच के लिए पांच सदस्यीय आंतरिक शिकायत समिति का किया गया गठन।
- यह समिति इस मामले की गहराई से जांच कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान में कोटा (Kota) के मुकुंदरा टाइगर रिजर्व से कार्यस्थल पर महिला कर्मचारी से सेक्सुअल हैरेसमेंट का गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ कोलीपुरा रेंज में तैनात एक महिला वन रक्षक ने अपने ही रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर पर यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इस शिकायत के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। इसके चलते वन विभाग ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
अकेलेपन का फायदा उठाने का आरोप
पीड़ित महिला कर्मचारी ने उप वन संरक्षक (DCF) को सौंपी लिखित शिकायत में बताया कि अप्रैल 2025 में उनकी दो अन्य महिला सहकर्मियों का तबादला कर दिया गया था। इसके बाद से वह उस पूरी रेंज में काम करने वाली एकमात्र महिला अधिकारी बची थीं।
पीड़ित का आरोप है कि अन्य महिला कर्मियों के जाने के बाद से ही आरोपी रेंज ऑफिसर के व्यवहार में अचानक बड़ा और आपत्तिजनक बदलाव आ गया था। उन्हें जानबूझकर मामूली बातों पर प्रताड़ित और अपमानित किया जाने लगा।
आरोपी अधिकारी अक्सर उनके सामने आपत्तिजनक इशारे करते थे, अश्लील टिप्पणियां बातें करते थे। इससे कार्यस्थल का माहौल बेहद असुरक्षित और तनावपूर्ण हो गया था। उन्हें उनकी भूमिका से बाहर की जिम्मेदारियां सौंपी जा रही थीं, छुट्टियों के अनुरोधों को बिना वजह खारिज किया जा रहा था और देर रात तक काम पर बुलाया जा रहा था।
केबिन में जबरदस्ती करने का प्रयास
शिकायत के मुताबिक प्रताड़ना का यह सिलसिला जनवरी महीने में एक बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया। महिला ने बताया कि वह कार्यालय में रेंज ऑफिसर के साथ अकेली थीं, तभी अधिकारी ने उन्हें पीछे की तरफ बने एक सुनसान केबिन से फाइल लाने को कहा।
पीड़िता के अनुसार जब मैं केबिन में फाइल ढूंढ रही थी, तभी वह अचानक कमरे के अंदर आ गए। उन्होंने जबरन मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे चूमने की कोशिश की। खुद को बचाने के लिए मैंने अपनी चप्पल निकाल ली और मैं उन पर वार करने ही वाली थी कि तभी मेरी चीखें सुनकर एक अन्य वन रक्षक कमरे में आ गया। उसे देखते ही आरोपी अधिकारी तुरंत वहां से भाग खड़ा हुआ।
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने इस पूरी घटना और अपनी चिंताओं को विभाग के उच्च अधिकारियों के सामने भी रखा था और हस्तक्षेप की मांग की थी, लेकिन लंबे समय तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। मामले को लेकर अभी तक कोई पुलिस शिकायत (FIR) दर्ज नहीं कराई गई है।
पांच सदस्यीय समिति का गठन
कोलीपुरा के उप वन संरक्षक (DCF) मुथु सोमसुंदरम ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक पांच सदस्यीय आंतरिक शिकायत समिति का गठन कर दिया गया है। सोमसुंदरम के अनुसार, इस समिति में पांच महिला वन अधिकारियों को नियुक्त किया गया है, जो मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।
इसी बीच, आरोपी रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर का तबादला कोटा में मुख्य वन संरक्षक (CCF) कार्यालय में कर दिया गया है, ताकि वह जांच को प्रभावित न कर सकें। वहीं, पीड़ित महिला वन रक्षक की सुरक्षा और सहजता को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी दूसरी रेंज में स्थानांतरित कर दिया गया है।
विभाग का कहना है कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढे़:-
हाई कोर्ट ने आटा-साटा प्रथा को बताया अमानवीय और नैतिक रूप से दिवालिया, दी तलाक को मंजूरी
कर्मचारी के क्रेडिट कार्ड का बिल वसूलने के लिए रिकवरी एजेंटों ने वाइस चांसलर को दी धमकी
राजस्थान हाई कोर्ट: शादी से राज्य बदलने पर महिलाओं को EWS लाभ से नहीं कर सकते वंचित
राजस्थान विधानसभा ने लॉन्च किया नया LOGO, असेंबली ने पूरे किए 75 साल