डिग्री IIT की और नौकरी चपरासी की! जब दस्तावेज देख अफसरों के चकरा गए सिर
News In Short
- राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी भर्ती के दस्तावेज सत्यापन में चौकाने वाले मामले आए।
- अजमेर में एक अभ्यर्थी आईआईटी डिग्री होल्डर मिला, जिसे देखकर अफसर हैरान।
- दस्तावेज सत्यापन में एक अभ्यर्थी के आरएएस में चयनित होने का भी मामला आया।
- चतुर्थ श्रेणी के 53,750 पदों के लिए शिक्षा विभाग कर रहा दस्तावेज सत्यापन।
- पूरे प्रदेश में करीब 1.25 लाख अभ्यर्थियों का होना है दस्तावेज़ सत्यापन।
News In Detail
अजमेर। राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती के लिए हो रहे दस्तावेज सत्यापन में कई चौकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। अजमेर में दस्तावेज सत्यापन के दौरान एक अभ्यर्थी की डिग्री देखकर अधिकारी दंग रह गए। दस्तावेज सत्यापन के लिए एक अभ्यर्थी ऐसा आया, जिसकी फाइल में किसी सामान्य स्कूल की मार्कशीट नहीं, बल्कि आईआईटी रुड़की की डिग्री चमक रही थी।
अधिकारी रह गए अवाक
अजमेर के तोपदड़ा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में इन दिनों चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती के दस्तावेज सत्यापन का कार्य चल रहा है। सत्यापन के दौरान जैसे ही आईआईटी डिग्री होल्डर की फाइल खुली, अधिकारियों को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ।
एक आईआईटी ग्रेजुएट आमतौर पर लाखों-करोड़ों के पैकेज पर मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करता है। वह चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरी के लिए कतार में खड़ा था। जब अधिकारियों ने उससे पूछा कि इतनी उच्च शिक्षा के बाद वह इस पद पर क्यों काम करना चाहता है तो अभ्यर्थी का जवाब भावुक कर देने वाला था।
उसने बताया कि घर की परिस्थितियां ऐसी हैं कि वह इस जॉब को करने के लिए भी तैयार है। अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए उसने अधिकारियों से अपना नाम और पता सार्वजनिक नहीं करने का आग्रह भी किया।
क्यों है ऐसी मजबूरी?
अधिकारियों का मानना है कि संभवतः आईआईटी करने के बाद उसे किसी दूसरे राज्य या दूर-दराज के इलाके में नौकरी मिली होगी, लेकिन पारिवारिक जरूरतों के कारण उसे अपने गृह क्षेत्र में ही रहना अनिवार्य है। इस स्थिति ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या एक होम पोस्टिंग के लिए युवा अपनी बरसों की मेहनत और काबिलियत से इतना बड़ा समझौता करने को तैयार हैं?
एक अभ्यर्थी का चयन आरएएस में
हैरानी की बात यह है कि इस चतुर्थ श्रेणी भर्ती की सूची में ऐसे अभ्यर्थी सामने आ रहे हैं, जिनका चयन बड़े पदों पर हो चुका है। ऐसे ही एक मामले में एक अथ्यर्थी का चयन राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में हो चुका है। चूंकि उनका चयन उच्च पदों पर हो गया है, इसलिए वे अब इस भर्ती के सत्यापन के लिए नहीं आ रहे हैं। इसी तरह अन्य बड़ी भर्तियों के चयनित अभ्यर्थी भी दस्तावेज सत्यापन के लिए नहीं आ रहे हैं।
आंकड़ों में भर्ती का हाल
अजमेर में मंगलवार को बुलाए गए 900 अभ्यर्थियों में से केवल 721 ही सत्यापन के लिए पहुंचे। वहीं बुधवार को भी 900 में से 742 अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए। दो दिन में कुल 1800 अभ्यर्थियों में से 338 अनुपस्थित रहे हैं। प्रतिदिन करीब 20% अभ्यर्थी सत्यापन प्रक्रिया से दूरी बना रहे हैं।
सवा लाख अभ्यर्थियों को होगा दस्तावेज़ सत्यापन
राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा में दस्तावेज सत्यापन का कार्य 11 मार्च से प्रारंभ हुआ था। इस भर्ती के तहत कुल 53,750 पदों के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्रारंभिक परिणाम जारी किया था। इसमें पदों के मुकाबले दो गुना यानी करीब 1.25 लाख अभ्यर्थियों को दस्तावेज़ सत्यापन के लिए सूचीबद्ध किया गया है। अब शिक्षा विभाग इन अभ्यर्थियों के दस्तावेज़ों की जांच मंडल स्तर पर कर रहा था। यह पूरी प्रक्रिया 23 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी।
जयपुर में सबसे अधिक भीड़
दस्तावेज़ सत्यापन के लिए प्रदेश के 9 शिक्षा मंडलों में जिम्मेदारी सौंपी गई है। आंकड़ों के अनुसार जयपुर मंडल में सबसे अधिक 32,374 अभ्यर्थी सत्यापन के लिए पहुंचेंगे। इसके अलावा अजमेर में 24888, उदयपुर में 22611, चूरू में 18,012, भरतपुर में 17611, जोधपुर में 13918, बीकानेर में 13559, कोटा में 12,151 और पाली में 5625 अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन होना है।
बायोमेट्रिक सत्यापन से रुकेगी फर्जीवाड़े पर लगाम
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य किया है। प्रत्येक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक मिलान किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि जिस अभ्यर्थी ने परीक्षा दी थी, वही दस्तावेज़ सत्यापन के लिए आया है। यदि कोई डमी अभ्यर्थी किसी दूसरे के स्थान पर बैठता पाया जाता है तो उसे तुरंत पकड़कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हर मंडल में एक 4 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है जिसकी अध्यक्षता संयुक्त निदेशक कर रहे हैं। साथ ही हर मंडल में एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है
ये भी पढे़:-
एसीएस अखिल अरोड़ा सीएमओ ही देखेंगे, अजिताभ शर्मा सचिवालय से हुए बाहर
जोधपुर में वन भूमि पर बसी बस्ती पर एक्शन की तैयारी, 9,500 घरों पर चलेगा बुलडोजर
गेहूं के खेत में लहलहा रही थी अफीम, पुलिस ने बरामद किए 5050 पौधे
कूनो से निकला चीता डेढ़ महीने से राजस्थान में, अब कोटा में मूवमेंट मिला