राजेंद्र राठौड़ ने किया कांग्रेस पर पलटवार, कहा-280 दिन तक प्रदेश को आचार संहिता में उलझाया
Jaipur: राजस्थान में निकाय चुनाव और ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। रविवार को जयपुर स्थित बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में वरिष्ठ बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आरोपों पर पलटवार किया। राठौड़ ने कहा कि राजस्थान देश का पहला राज्य होगा, जहां ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ की अवधारणा के तहत निकाय चुनाव एक साथ होंगे। इस बार प्रदेश के 309 निकायों में एक साथ चुनाव कराए जा रहे हैं।
गहलोत सरकार ने 18 महीने चुनाव चलाए: राठौड़
राठौड़ ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान करीब 18 महीने तक अलग-अलग चुनाव चलते रहे। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान करीब 280 दिन प्रदेश में आचार संहिता लागू रही। इससे विकास और सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ।
उन्होंने कहा कि बीजेपी की नीति स्पष्ट है कि चुनाव एक साथ हों, ताकि प्रदेश को बार-बार आचार संहिता का सामना नहीं करना पड़े। राठौड़ ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस ने जनता को बार-बार चुनाव और आचार संहिता में उलझाए रखा।
गहलोत की ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ वाली बात गलत: राठौड़
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए राठौड़ ने कहा कि गहलोत की हॉर्स ट्रेडिंग की बातें गलत हैं। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार पूरे पांच साल चुनाव करवाती रही और अब बीजेपी पर सवाल उठा रही है।
राठौड़ ने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर असंतोष ही इन आरोपों के पीछे की बड़ी वजह है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सरकार की चुनाव नीति को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
डोटासरा पर हमला, बोले- ‘पेपर लीक के पुरोधा’
राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने डोटासरा को ‘पेपर लीक के पुरोधा’ बताते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक के मामलों ने युवाओं को परेशान किया और अब वही नेता बीजेपी सरकार पर आरोप लगा रहे हैं।
राठौड़ ने कहा कि डोटासरा को बीजेपी सरकार पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए।
‘40 दिन में दोनों चुनाव संपन्न होंगे’
राठौड़ ने निकाय चुनावों को लेकर कहा कि करीब 40 दिन की आचार संहिता के बीच दोनों चुनाव संपन्न हो जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि इससे प्रदेश लंबे समय तक चुनावी प्रक्रिया और आचार संहिता में नहीं फंसेगा।
राठौड़ ने कहा कि ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ बीजेपी की प्राथमिकता है। एक साथ चुनाव होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर बार-बार चुनाव कराने का दबाव नहीं पड़ेगा और विकास कार्य भी लगातार जारी रह सकेंगे।
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