भीम विधायक के बेटे रणजीत सिंह रावत पर महिला से यौन शोषण और प्रताड़ना के गंभीर आरोप, पुलिस ने की जांच शुरू
News In Short
- भीम विधायक के बेटे रणजीत सिंह रावत पर महिला ने यौन शोषण और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए।
- महिला ने रणजीत सिंह पर उसके जेवर, नकदी और बीमा राशि हड़पने का आरोप लगाया।
- एसपी हेमंत कलाल ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को जांच के आदेश दिए।
- रणजीत सिंह ने आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए नकारा, पुलिस जांच की बात की।
- पहले भी विवादों में रहे रणजीत सिंह, 2016 में भीम थाने में एक और शिकायत दर्ज की गई थी।
News In Detail
राजस्थान में भीम के भाजपा विधायक हरिसिंह रावत के पुत्र रणजीत सिंह रावत एक बार फिर विवादों में हैं। ब्यावर जिले की एक महिला ने राजसमंद के एसपी हेमंत कलाल को परिवाद देकर रणजीत सिंह पर यौन शोषण, प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने एसपी को ज्ञापन के साथ कुछ सबूत भी प्रस्तुत किए हैं।
शादी का वादा करके लिव-इन रिलेशनशिप में रखा
पीड़िता ने दावा किया कि 2014 में उसकी मुलाकात रणजीत सिंह से हुई थी। उस समय आरोपी की पत्नी जेल में थी और परिवार के सदस्यों ने विवाह का प्रस्ताव रखा था। पीड़िता का कहना है कि रणजीत सिंह ने उसे शादी का भरोसा दिलाकर 2014 से 2017 तक नंदावट स्थित मकान पर लिव-इन रिलेशनशिप में रखा। जब पीड़िता ने विधिवत शादी करने की बात की तो आरोपी ने उसे झांसा दिया की वह पहली पत्नी को तलाक देगा फिर उस से शादी कर लेगा। लेकिन जब पहली पत्नी आयी तो आरोपी ने पीड़ित महिला से दूरी बना ली। आपत्ति जताने पर आरोपी ने महिला के साथ मारपीट और बदसलूकी की।
हड़प ली राशि
महिला का आरोप है कि रणजीत सिंह ने उसके जेवर, नकदी और पति की मौत के बाद मिली बीमा राशि भी हड़प ली। जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हेमंत कलाल ने भीम थाना पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं।
रणजीत सिंह दी सफाई
भाजपा नेता रणजीत सिंह रावत ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं और राजनीतिक द्वेषता के कारण षड्यंत्र रचा गया है। उन्होंने दावा किया कि वह इस महिला को नहीं जानते और पुलिस जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
पहले भी विवादों में रहे विधायक के पुत्र
रणजीत सिंह रावत पहले भी विवादों में रह चुके हैं। इस साल 8 मार्च को भीम उपखंड के बरतु क्षेत्र में जेसीबी मशीन से तीन गरीब परिवारों के पक्के मकानों को ध्वस्त करने का मामला सामने आया था। इसके बाद पीड़ित परिवारों ने रणजीत सिंह के खिलाफ भीम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि रणजीत सिंह इन परिवारों को मकान खाली करने और जमीन बेचने के लिए धमका रहा था।
राजनीतिक रसूख का आरोप
वर्ष 2016 में भीम थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज की गई थी, लेकिन कथित राजनीतिक रसूख के चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। पीड़ित परिवारों ने जिला पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
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