राजस्थान बोर्ड सिलेबस बदलाव 2026: कक्षा 9 से 12 तक की इतिहास और 'स्वर्णिम भारत' की 4 पुस्तकें हटाई गईं
thesootr Desk | Apr 17, 2026, 12:39 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 9-12 के पाठ्यक्रम से इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम की 4 पुस्तकें हटाईं। अब स्कूलों में इन चार किताबों का अध्ययन और मुफ्त वितरण नहीं किया जाएगा।
News In Short
- माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने कक्षा 9 से 12 तक की चार पुस्तकों को पाठ्यक्रम से हटाया।
- माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सुझाव पर सरकार ने इन पुस्तकों के विलोपन का आदेश दिया था।
- इन चार पुस्तकों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के पाठ्यक्रम से ही पूरी तरह हटा दिया जाएगा।
- सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने किताबों में वामपंथी विचारधारा पर आपत्ति जताई थी।
- रावत ने वामपंथी विचारधारा से प्रेरित तथ्यों पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा था।
News In Detail
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के समाज शिक्षा विभाग ने गुरुवार दोपहर 1 बजे इस आशय के आदेश जारी कर दिए। यह निर्णय इन पुस्तकों के विलोपन (डिस्कन्टीन्यू) किए जाने के कारण लिया गया है।
कौन सी पुस्तकें हुईं डिस्कन्टीन्यू?
कक्षा 9: राजस्थान का स्वतंत्रता आंदोलन एवं शौर्य परंपरा (हिंदी/अंग्रेजी)।
कक्षा 10: राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति (हिंदी/अंग्रेजी)।
कक्षा 11: आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत – भाग 1 (हिंदी/अंग्रेजी)।
कक्षा 12: आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत – भाग 2 (हिंदी/अंग्रेजी)।
स्कूलों को क्या निर्देश दिए गए?
किसकी सिफारिश पर हुआ यह फैसला?
राजस्थान में कौन तय करता है पाठ्यक्रम?
सांसद ने जताई थी आपत्ति
पुस्तक में 'बहुसांस्कृतिक राष्ट्र' और 'उपराष्ट्रीयताएँ' जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया, जिसे डॉ. रावत ने भारतीय राष्ट्रवादी भावना के विपरीत बताया। इसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा के आंदोलन की तुलना संत और समाज सुधारक गोविंद गुरु के स्वतंत्रता आंदोलन से की गई, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन आज़ादी के बाद हुआ।
बोर्ड ने तर्क दिया कि तथ्य इतिहासविद् डॉ. बृजकिशोर शर्मा के 2001 में प्रकाशित ग्रंथ से लिए गए हैं। डॉ. रावत ने कहा कि 2001 में राजस्थान में कांग्रेस सरकार थी, उसी दौरान जानबूझकर ऐसे तथ्य पाठ्यक्रम में डाले गए थे।
अब राजस्थान के स्कूलों में इन चार पुस्तकों के स्थान पर नया पाठ्यक्रम लागू होगा, जिसे बोर्ड जल्द ही जारी करेगा। फिलहाल, शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि सत्र 2026-27 में किसी भी स्कूल में ये पुस्तकें न पढ़ाई जाएँ।
ये भी पढ़ें:-
खुद को सीएम का साला बताने वाले प्रमोद शर्मा पर शिकंजा कसा, मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति का दिखा बड़ा असर
60 हजार की रिश्वत लेते एसडीएम काजल मीणा गिरफ्तार, क्लर्क के बैग से मिले 4 लाख कैश
बड़ा जासूसी नेटवर्क ध्वस्त, पाकिस्तान भेजा जा रहा था सेना का लाइव फुटेज, छावनियों में लगाए थे सोलर कैमरे
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari