बड़ा जासूसी नेटवर्क ध्वस्त, पाकिस्तान भेजा जा रहा था सेना का लाइव फुटेज, छावनियों में लगाए थे सोलर कैमरे

thesootr Desk | Apr 16, 2026, 18:39 IST
Share
Ashish Bhardwaj (16)
Photograph: (the sootr)

दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के अलवर और बीकानेर सहित कई सैन्य ठिकानों के पास लगे सोलर सीसीटीवी कैमरों का खुलासा किया है। इनके माध्यम से सेना की मूवमेंट का लाइव फुटेज पाकिस्तान भेजा जा रहा था।

News In Short

  • दिल्ली पुलिस ने राजस्थान में सेना की जासूसी करने वाले सोलर सीसीटीवी कैमरों का किया भंडाफोड़।
  • ये कैमरे अलवर और बीकानेर छावनियों से सेना की मूवमेंट का लाइव फुटेज पाकिस्तान भेज रहे थे।
  • जासूसी नेटवर्क प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल और ISI से जुड़ा था।
  • स्पेशल सेल ने दिल्ली और पंजाब से कुल 11 जासूसों और आतंकियों को गिरफ्तार किया।
  • दिल्ली पुलिस का राजस्थान में सर्च ऑपरेशन जारी, एक संदिग्ध को अलवर से हिरासत में लिया।

News In Detail

भारतीय सेना की जासूसी का बड़ा मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजस्थान के अलवर और बीकानेर सहित देश के कई सैन्य ठिकानों के पास लगे सोलर सीसीटीवी कैमरों का खुलासा किया है। इन कैमरों के जरिए भारतीय सेना की मूवमेंट का लाइव फुटेज सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को भेजा जा रहा था।

पाकिस्तानी हैंडलर्स के हाथ में था रिमोट कंट्रोल

जांच में सामने आया कि यह कोई मामूली जासूसी नहीं थी। अलवर और बीकानेर छावनी के संवेदनशील इलाकों के बाहर विशेष सोलर कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों को पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ऑपरेट कर रहे थे। सोलर पावर होने के कारण इन कैमरों को बिजली के कनेक्शन की जरूरत नहीं थी, जिससे ये लंबे समय तक बिना किसी का ध्यान खींचे काम कर रहे थे।

इन कैमरों के माध्यम से सेना की आवाजाही, हथियारों का ट्रांसपोर्टेशन और छावनी की सुरक्षा व्यवस्था की पल-पल की जानकारी सीधे आईएसआई तक पहुंच रही थी।

बब्बर खालसा और ISI का गठजोड़

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की कार्रवाई में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क के तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और ISI से जुड़े हुए हैं। आतंकियों ने जासूसों को विशेष टास्क दिया था। इस विशेष टास्क में सैन्य और अर्धसैनिक बलों के ठिकानों की रेकी करना, संवेदनशील स्थानों के फोटो-वीडियो बनाना और छावनी के पास रणनीतिक जगहों पर सोलर सीसीटीवी कैमरे फिट करना शामिल था।

9 शहरों में फैला था जासूसी का जाल

स्पेशल सेल ने दिल्ली और पंजाब से कुल 11 जासूसों और आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर देश के विभिन्न हिस्सों से 9 सोलर कैमरे बरामद किए गए हैं। यह नेटवर्क राजस्थान के अलावा कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला, मोगा, अंबाला और कठुआ जैसे संवेदनशील सैन्य ठिकानों के पास सक्रिय था।

राजस्थान में सर्च ऑपरेशन जारी

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की टीम पिछले चार दिनों से राजस्थान में डेरा डाले हुए है। अलवर से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जबकि बीकानेर और अलवर के अन्य इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है। पकड़े गए जासूसों के मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस से सेना की लोकेशन, वीडियो और भारी मात्रा में संवेदनशील डेटा बरामद हुआ है।

ये भी पढ़ें:-

4 लाख मजदूर, 6500 फैक्ट्रियां, आखिर क्यों विरोध प्रदर्शन में सुलग रही राजस्थान की सबसे बड़ी उद्योग नगरी

जयपुर का मानसरोवर बनेगा नया सियासी केंद्र, कांग्रेस के बाद अब भाजपा ने भी मुख्यालय के लिए मांगी जमीन

जयपुर का मानसरोवर बनेगा नया सियासी केंद्र, कांग्रेस के बाद अब भाजपा ने भी मुख्यालय के लिए मांगी जमीन

एंटीबायोटिक 'Killmed 625 LB' जांच में फेल, पूरे प्रदेश में जारी किया अलर्ट

Tags:
  • बब्बर खालसा इंटरनेशनल
  • दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल
  • सर्च ऑपरेशन
  • सीसीटीवी
  • जासूसी
  • डिजिटल
  • आतंकी संगठन
MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2022: हाईकोर्ट ने एप्लाइड डिग्री को माना वैध, नियुक्ति का रास्ता साफ

By Neel Tiwari

MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2022: हाईकोर्ट ने एप्लाइड डिग्री को माना वैध, नियुक्ति का रास्ता साफ
कांग्रेस समाज में फूट डालकर सत्ता की लूट करना चाहती है, सुधांशु बोले, भूपेश बघेल को पंजाब से भगाकर गुवाहाटी में पटका

By Arun Tiwari

कांग्रेस समाज में फूट डालकर सत्ता की लूट करना चाहती है, सुधांशु बोले, भूपेश बघेल को पंजाब से भगाकर गुवाहाटी में पटका
मंत्रालय से बाहर फिर हो सकती है मोहन कैबिनेट की बैठक, गांधी सागर में 17 नवंबर की तारीख प्रस्तावित

By Amresh Kushwaha

मंत्रालय से बाहर फिर हो सकती है मोहन कैबिनेट की बैठक, गांधी सागर में 17 नवंबर की तारीख प्रस्तावित
अफसरों की गलती से मध्यप्रदेश के युवाओं की नौकरी पर संकट! कहीं मान्य, कहीं अमान्य जाति प्रमाणपत्र, आखिर जिम्मेदार कौन?

By Atul Dwivedi

अफसरों की गलती से मध्यप्रदेश के युवाओं की नौकरी पर संकट! कहीं मान्य, कहीं अमान्य जाति प्रमाणपत्र, आखिर जिम्मेदार कौन?
शिखर अग्रवाल मामले में गहलोत की CBI-ED जांच की मांग, CM भजनलाल से पूछा- चुप क्यों हैं?

By Mukesh Sharma

शिखर अग्रवाल मामले में गहलोत की CBI-ED जांच की मांग, CM भजनलाल से पूछा- चुप क्यों हैं?
बीजेपी विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन, हैदराबाद में चल रहा था इलाज, लंबे समय से थे बीमार

By Harrison Masih

बीजेपी विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन, हैदराबाद में चल रहा था इलाज, लंबे समय से थे बीमार
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण पर HC सख्त, केंद्र से MP सरकार तक पर लटकी अवमानना की तलवार

By Neel Tiwari

प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण पर HC सख्त, केंद्र से MP सरकार तक पर लटकी अवमानना की तलवार