SI भर्ती रद्द होने के बाद संकट में था भविष्य, अब RAS परीक्षा में इन 8 अभ्यर्थियों ने लहराया सफलता का परचम
News In Short
- RAS 2024 में 8 चयनित ट्रेनी एसआई ने भी पास किया एग्जाम।
- एसआई भर्ती 2021 को राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द किया था।
- इन अभ्यर्थियों ने RAS परीक्षा में उच्च रैंक प्राप्त की।
- पेपर लीक के बावजूद, इन अभ्यर्थियों ने मेहनत से सफलता पाई।
- RAS से ये अभ्यर्थी प्रदेश के विकास में योगदान देंगे।
News In Detail
जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा घोषित राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के परिणामों ने प्रदेश को कई नए अधिकारी दिए हैं। लेकिन इस बार की सफलता की कहानी कुछ खास है।
इस परिणाम ने उन अभ्यर्थियों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटाई है, जिनका भविष्य पिछले कुछ समय से अधर में लटका हुआ था। आरएएस परीक्षा में चयनित होने वाले उम्मीदवारों में 8 ऐसे नाम शामिल हैं, जो विवादों के कारण रद्द हुई सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा 2021 में भी सफल हुए थे।
अनिश्चितता के बाद बड़ी उपलब्धि
राजस्थान की एसआई भर्ती 2021 पेपर लीक और डमी कैंडिडेट के बड़े खुलासे के बाद खासी सुर्खियों में रही थी। लंबे समय तक चली जांच और कानूनी पेचीदगियों के बाद अंततः हाई कोर्ट ने इस पूरी भर्ती को रद्द करने का फैसला सुनाया था। इस फैसले ने उन सैकड़ों ईमानदार अभ्यर्थियों के सामने संकट खड़ा कर दिया था, जिन्होंने अपनी मेहनत से चयन सूची में जगह बनाई थी और खाकी पहनने का सपना देख रहे थे।
लेकिन, इन 8 जुझारू अभ्यर्थियों ने हार नहीं मानी। एसआई भर्ती रद्द होने के झटके से उबरते हुए उन्होंने अपनी तैयारी को जारी रखा और प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित आरएएस परीक्षा में अपनी योग्यता साबित की।
सफलता की सूची में चमके ये नाम
आरएएस परीक्षा के ताज़ा परिणामों में इन 8 अभ्यर्थियों ने शानदार रैंक हासिल की है:
मोहम्मद राशिद: इन्होंने 37वीं रैंक प्राप्त कर टॉपर्स की सूची में जगह बनाई है।
दीपक सिंह: 118वीं रैंक के साथ सफलता प्राप्त की।
ओमप्रकाश: 167वीं रैंक हासिल करने में सफल रहे।
रामनिवास बिश्नोई: 193वीं रैंक पर अपना कब्जा जमाया।
इनके अलावा, अन्य चार अभ्यर्थियों ने भी अपनी मेहनत का लोहा मनवाया है:
पिरागा राम: 463वीं रैंक।
प्रियंका चौधरी: 585वीं रैंक।
आरजू ज्यानी: 717वीं रैंक।
ऋषभ रांका: 798वीं रैंक।
ये सभी अभ्यर्थी 2021 की एसआई भर्ती में चयनित हो चुके थे, लेकिन भर्ती रद्द होने के कारण इनके करियर पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे थे।
संघर्ष और न्याय की जीत
यह सफलता केवल एक परीक्षा पास करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह उन कठिन परिस्थितियों से लड़ने की कहानी है जो भर्ती परीक्षाओं में होने वाली धांधली के कारण उत्पन्न होती हैं। एसआई भर्ती रद्द होने के बाद इन अभ्यर्थियों के लिए मानसिक दबाव काफी अधिक था। एक तरफ समाज के ताने और दूसरी तरफ सिस्टम की खामियों के कारण छिनी हुई नौकरी। ऐसे में खुद को दोबारा पढ़ाई में झोंकना और प्रशासनिक अधिकारी की रैंक हासिल करना वाकई काबिले तारीफ है।
पेपर लीक के साये से बाहर निकलने की कोशिश
राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक और डमी कैंडिडेट की घटनाओं ने राज्य सरकार और चयन बोर्डों की साख पर सवाल खड़े किए थे। एसआई भर्ती 2021 इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनी। हालांकि, आरएएस के इस परिणाम ने यह संदेश दिया है कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थी विपरीत परिस्थितियों में भी अपना रास्ता बना लेते हैं।
इन अभ्यर्थियों का आरएएस में चयन इस बात का प्रमाण है कि भले ही सिस्टम की कमियों से किसी का हक कुछ समय के लिए रुक सकता है, लेकिन प्रतिभा को पूरी तरह दबाया नहीं जा सकता। अब ये अभ्यर्थी पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर बनने के बजाय, प्रशासनिक सेवाओं के जरिए प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाएंगे।
दरअसल, एसआई भर्ती 2021 को राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। इसके बाद से, चयनित ट्रेनी एसआई यह मांग कर रहे हैं कि केवल दोषी अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि सभी चयनित उम्मीदवारों के साथ अन्याय न हो। उनका कहना है कि ईमानदारी से पास किए गए अभ्यर्थियों को न्याय मिलना चाहिए और अन्यायपूर्ण निर्णय से बचना चाहिए। आखिरी निर्णय और एसआई उम्मीदवारों की अपेक्षाएँ
एसआई भर्ती 2021 के चयनित ट्रेनी एसआई
उम्मीदवारों ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और हाईकोर्ट से यह उम्मीद जताई है कि उनकी आवाज़ सुनी जाएगी और उन पर कोई अन्याय न हो। वे फर्जीवाड़े से प्रभावित हुए अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अपने चयनित उम्मीदवारों को पूरी तरह से मान्यता देने की मांग भी कर रहे हैं।
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