जहां रिश्वतकांड में फंसीं, वहीं सहायक कलेक्टर बनीं आरएएस पिंकी मीणा
समझें क्या है पूरा मामला
- आरएएस अधिकारियों के तबादले में पिंकी मीणा के नाम की सबसे ज्यादा चर्चा।
- रिश्वत केस के बाद करीब 5 साल निलंबित रहीं पिंकी मीणा।
- हाईकोर्ट राहत के बाद मिली थी सेवा में दोबारा बहाली।
- दौसा में सहायक कलक्टर पद पर मिली नई जिम्मेदारी।
- पिंकी मीणा की पोस्टिंग को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू।
राजस्थान सरकार ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के 183 अधिकारियों का तबादला कर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस पूरी सूची में सबसे चर्चित नाम RAS अधिकारी पिंकी मीणा का है। करीब पांच साल बाद उनकी दौसा में वापसी हुई है। उन्हें वहां सहायक कलक्टर के पद पर लगाया गया है।
पहली पोस्टिंग भी दौसा से हुई थी शुरू
2017 बैच की आरएएस पिंकी मीणा की पहली पोस्टिंग भी दौसा जिले के बांदीकुई में एसडीएम (SDM) के रूप में हुई थी। वर्ष 2021 में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़े एक निर्माण कंपनी से जुड़े रिश्वत प्रकरण में वे सुर्खियों में आ गई थीं।
साढ़े पांच साल बाद हुई थी बहाली
एसीबी (ACB) ने पिंकी मीणा को 10 लाख रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें सेवा से निलंबन का भी सामना करना पड़ा था। वे करीब पांच साल तक निलंबित रहीं।
गत 21 मई को राजस्थान हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद उन्हें सेवा में बहाल किया गया। इसके बाद जून महीने में उन्हें सवाईमाधोपुर में जिम्मेदारी दी गई थी।
दौसा में मिली पहले से बड़ी जिम्मेदारी
अब दौसा में उन्हें पहले की तुलना में बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। खास बात यह है कि यह वही जिला है, जहां उनकी पहली पोस्टिंग के दौरान रिश्वत का मामला सामने आया था।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
पिंकी मीणा की दौसा में नई नियुक्ति के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग उनके पुराने रिश्वत प्रकरण और नई नियुक्ति को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि प्रशासनिक सेवा में बहाली और सरकार की ओर से नई जिम्मेदारी दिए जाने के बाद उनकी इस पोस्टिंग को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है।
राजस्थान में हुए थे 183 आरएएस अधिकारियों के तबादले
राजस्थान सरकार ने निकाय पंचायत चुनावों से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इसमें सरकार ने 183 आरएएस (RAS) अफसरों के तबादले किए गए थे। जो अधिकारी तीन साल से या उस से ज्यादा समय से एक ही जगह पर जमे हुए थे और जो अधिकारी अपने गृह जिले में तैनात थे उन अफसरों को भी इस बदलाव में शामिल किया गया है।
चुनाव आयोग के आदेश पर RAS के तबादले
पिछले दिनों राज्य निर्वाचन आयोग ने एक निर्देश जारी किया था। इसमें तीन साल से एक ही जगह पर जमे और गृह जिलों में तैनात राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अफसरों के तबादले करने को कहा गया था। इसी आदेश के आधार पर अब यह बड़ी तबादला सूची जारी की गई है।
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