आखिर क्यों विवाद में उलझ गए विधायक रविंद्र सिंह भाटी, जानिए थाने तक पहुंचे इस मामले की पूरी कहानी
योगेन्द्र योगी @ जयपुर
राजस्थान का रेगिस्तानी जिला बाड़मेर इन दिनों कुदरती गर्मी से ही नहीं, बल्कि सियासी तपिश से भी झुलस रहा है। इस सरहदी जिले का सियासी पारा उस मुकाम पर है, जहां '36 कौम' के समीकरण डगामगा रहे हैं। प्रदेश के सबसे चर्चित युवा चेहरों में से एक शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और विख्यात भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच छिड़ी जुबानी जंग अब थानों की दहलीज तक जा पहुंची है। इस विवाद में भाटी बुरी तरह फंसे हुए हैं।
विवाद के पीछे क्या दो साल पुराना वीडियो
इस पूरे संग्राम की पटकथा दो साल पुराने एक वीडियो से शुरू हुई। वीडियो एक कैंसर पीड़ित बच्चे की मदद से जुड़ा था। हाल ही में यह वीडियो दोबारा वायरल हुआ तो गायक छोटू सिंह रावणा ने इस पर एक तीखी टिप्पणी कर दी। रावणा ने लिखा था कि काश बेटा आप रील स्टार होते तो सारे नेता आपके पास होते।
इस कमेंट का सीधा निशाना उन राजनेताओं पर था जो सोशल मीडिया माइलेज के लिए काम करते हैं। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी को यह बात नागवार गुजरी। भाटी का तर्क था कि वह बच्चा अब स्वस्थ हो चुका है। बिना सच जाने इस तरह की टिप्पणी करना एक 'नैरेटिव' सेट करने की साजिश है।
भाटी का तर्क-मैंने सिर्फ आपत्ति दर्ज कराई
विवाद तब विस्फोटक हो गया जब छोटू सिंह रावणा ने आरोप लगाया कि विधायक भाटी ने उन्हें फोन पर धमकाया। रावणा के अनुसार रात करीब 11 बजे विधायक का फोन आया। रावणा का आरोप है कि भाटी ने बेहद सख्त और दबंग लहजे में बात की। उनसे फोन पर कहा गया कि दो बार तुम्हें छोड़ दिया, अब मुझे तुम्हें सीधा करना भी आता है। गायक का दावा है कि यह शब्द उन्हें जान से मारने की अप्रत्यक्ष धमकी जैसे लगे।
उधर, भाटी का कहना है कि बिना तहकीकात किए अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग करना अनुचित है। मैंने निश्चित रूप से आपत्ति दर्ज करवाई। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे आपत्ति दर्ज करानी भी चाहिए थी। यदि कोई जिम्मेदार व्यक्ति बिना सच जाने नैरेटिव बिल्ड करने के लिए कमेंट करता है, तो यह गलत है। भाटी के अनुसार उन्होंने गायक को केवल यह समझाया कि वे किसी राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा न बनें। मैं तो लोगों की जान बचाने वालों में हूं, जान लेने की धमकी कैसे दे सकता हूं?
भाटी की सफाई के बाद फिर नया वीडियो
विधायक भाटी की सफाई के कुछ ही घंटों बाद भजन गायक छोटू सिंह रावणा ने नया वीडियो जारी कर पलटवार किया। सबूतों की मांग कर रहे भाटी समर्थकों को जवाब देते हुए रावणा ने न केवल 'कॉल डिटेल्स' का स्क्रीनशॉट सार्वजनिक किया, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि उनके तरकश में अभी और भी कई तीर बाकी हैं।
भजन गायक छोटू सिंह रावणा ने विधायक रविंद्र सिंह भाटी के दावों को चुनौती दी। रावणा ने स्पष्ट किया कि उन्हें चुप कराने के लिए भारी 'दबाव' बनाया जा रहा है, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। गायक ने कहा कि यह तो अभी शुरुआत है, वक्त आने पर और भी पुख्ता सबूत जनता के सामने रखे जाएंगे।
दूसरे वीडियो में रावणा का भावुक संदेश
इस दूसरे वीडियो में छोटू सिंह ने कहा कि उनके लिए धमकियां मिलना कोई नई बात नहीं हैं। वीडियो के एक हिस्से में रावणा काफी भावुक दिखे। उन्होंने अपने समर्थकों और राजस्थान की '36 कौम' से कहा, मेरी मौत की चिंता करना अलग बात है, लेकिन मेरी मौत के बाद 'चिंतन' जरूर कर लेना कि मेरी गलती क्या थी। 10 साल से गा रहा हूं, कभी किसी समाज को ठेस नहीं पहुंचाई। फिर ये लोग मुझे पिछले 2-3 साल से क्यों डरा-धमका रहे हैं? रावणा ने कहा कि उन्होंने पहला वीडियो इसलिए बनाया, ताकि जनता जान सके कि जो नेता सामने 'जान बचाने' की बातें करते हैं, वे पर्दे के पीछे एक छोटे से कमेंट पर कैसे धमकाते हैं।
रावणा का आरोप, समझौते का दबाव
गायक रावणा ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले वीडियो के वायरल होने के बाद से ही उन पर समझौता करने या चुप रहने का भारी दबाव डाला जा रहा है। गायक का दावा है कि दिन भर उनके पास कई प्रभावशाली लोगों के फोन आए हैं, जिनका मकसद इस मामले को रफा-दफा करना है। उन्हें डराने और मानसिक दबाव में लेने की कोशिश की जा रही है।
रावणा ने कहा, दो-तीन साल से मुझे लगातार धमकियां मिल रही हैं, लेकिन आज तक मेरे पास कोई सिक्योरिटी नहीं है। मैं इतनी धमकियां सुन चुका हूं कि अब मुझे डर नहीं लगता। रावणा ने न केवल विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर जातिवाद फैलाने का आरोप लगाया, बल्कि जाट, एससी-एसटी और भील समाज की बेरुखी का जिक्र कर भाटी की राजनीतिक घेराबंदी भी की।
भाटी ने भ्रामक नैरेटिव से किया सतर्क
विधायक रविंद्र सिंह भाटी का मानना है कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता से कुछ लोग जानबूझकर इस तरह के विवाद खड़े कर रहे हैं, जिससे वे चर्चा में बने रह सकें। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक नैरेटिव से सावधान रहें। विधायक ने रावणा के वीडियो और आरोपों को सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का जरिया बताया। भाटी ने कहा, मैंने निश्चित रूप से आपत्ति दर्ज करवाई। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे आपत्ति दर्ज करानी भी चाहिए थी। यदि कोई जिम्मेदार व्यक्ति बिना सच जाने नैरेटिव बिल्ड करने के लिए कमेंट करता है, तो यह गलत है।
रावणा का कारों से 'शिव' कूच
विवाद सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। छोटू सिंह रावणा सैकड़ों समर्थकों और लग्जरी कारों के काफिले के साथ बाड़मेर से शिव पहुंचे। सड़क पर एसयूवी गाड़ियों की लंबी कतारों ने किसी चुनावी रैली जैसा अहसास कराया।
यह शक्ति प्रदर्शन सीधे तौर पर विधायक भाटी को चुनौती देने के लिए था। रावणा ने बाड़मेर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अपनी जान को खतरा बताया और सुरक्षा की मांग की।
भाटी के खिलाफ मामला दर्ज
गायक रावणा की शिकायत पर शिव थाने में विधायक रविंद्र सिंह भाटी और उनके पांच करीबियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, इस मामले की जांच सीआईडी सीबी को सौंपी गई है। नियम के मुताबिक किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के खिलाफ दर्ज मामले की जांच सीआईडी सीबी करती है।
भाटी समर्थक व रावणा समाज आमने-सामने
भाटी समर्थकों का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक षड्यंत्र है ताकि विधायक की बढ़ती लोकप्रियता को रोका जा सके। बाड़मेर के रावणा राजपूत समाज ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। समाज के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है। यदि विधायक पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। समाज ने प्रशासन से कलाकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पड़ सकता है सियासी समीकरणों पर असर
मारवाड़ के युवा इस वक्त दो धड़ों में बंटे हुए हैं। भाटी के प्रशंसक इसे अनुशासन और गलत के खिलाफ आवाज बता रहे हैं, जबकि रावणा के समर्थक इसे 'सत्ता का अहंकार' करार दे रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद बाड़मेर की राजनीति के लिए 'टर्निंग पॉइंट' साबित हो सकता है। यदि यह गतिरोध बना रहा, तो आगामी चुनावों में वोट बैंक का ध्रुवीकरण तय है। मूंछों की यह लड़ाई अब व्यक्तिगत से सामाजिक और फिर राजनीतिक मोड पर आ गई है। सवाल यही है कि यह विवाद शांत होगा या बाड़मेर की राजनीति में किसी बड़े बदलाव का सबब बनेगा? फिलहाल, सबकी नजरें दोनों पक्षों के अगले कदम पर टिकी हैं।
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