अब 11वीं में स्टूडेंट्स खुद चुनेंगे अपना फेवरेट सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन, CBSE की तर्ज पर शुरू हुई नई व्यवस्था, जानें कैसे मिलेगा फायदा
News In Short
- RBSE ने 11वीं में छात्रों को अपना फेवरेट विषय चुनने की स्वतंत्रता दी।
- अब विद्यार्थी 4 ऐच्छिक विषय और 1 अनिवार्य विषय चुन सकते हैं।
- नई व्यवस्था के तहत चौथा ऐच्छिक विषय लेने पर हिंदी की अनिवार्यता से छूट मिलेगी।
- अर्थशास्त्र, गणित, जीव विज्ञान, हिंदी, कंप्यूटर विज्ञान, फिजिकल एजुकेशन हैं अन्य ऐच्छिक विषय।
- यह बदलाव छात्रों को यूनिवर्सिटी एडमिशन और प्रतियोगी परीक्षा में बढ़त दिलाएगा।
News In Detail
Ajmer: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) अजमेर के विद्यार्थियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब 11वीं कक्षा के छात्र अपनी रुचि के अनुसार विषयों का चयन करने के लिए स्वतंत्र होंगे। शिक्षा विभाग ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बड़ा बदलाव करते हुए अब 4 ऐच्छिक विषय (Optional Subjects) लेने की अनुमति दे दी है। यह कदम आरबीएसई को सीबीएसई के समकक्ष लाने और छात्रों को करियर के बेहतर विकल्प देने की दिशा में उठाया गया है।
क्या है नया नियम?
अब तक विद्यार्थियों को 3 ऐच्छिक और 2 अनिवार्य विषय (हिंदी और अंग्रेजी) पढ़ने होते थे। लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों के पास दो विकल्प होंगे। पहला पूर्व की व्यवस्था के सामान 3 ऐच्छिक विषय और 2 अनिवार्य विषय (हिंदी और अंग्रेजी) चुनना, दूसरा 4 ऐच्छिक विषय और केवल 1 अनिवार्य विषय (केवल अंग्रेजी) चुनना।
इसका मतलब है कि यदि कोई छात्र चौथा ऐच्छिक विषय चुनता है, तो उसे हिंदी की अनिवार्यता से छूट मिल जाएगी। यह नई व्यवस्था 2026 सत्र से लागू कर दी गई है।
किन विकल्पों में से कर सकेंगे चुनाव?
विद्यार्थी चौथे ऐच्छिक विषय के रूप में अर्थशास्त्र, गणित, जीव विज्ञान, हिन्दी (साहित्य), कंप्यूटर विज्ञान या फिजिकल एजुकेशन में से किसी एक को चुन सकेंगे। इससे उन छात्रों को बड़ा फायदा होगा जो प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ एक 'बैकअप' विषय भी रखना चाहते हैं।
शर्तें जो आपको जाननी जरूरी हैं
यह नई व्यवस्था स्कूल में उपलब्ध संसाधनों और स्टाफ पर निर्भर करेगी। जो भी विद्यार्थी चौथा विषय चुनेंगे, उस विषय के लिए स्कूल में संबंधित प्राध्यापक/शिक्षक का पद स्वीकृत होना चाहिए। जैसे अगर स्कूल में कंप्यूटर साइंस स्वीकृत नहीं है, तब भी विद्यार्थी चौथा विषय चुन सकते हैं, बशर्ते स्कूल में कंप्यूटर अनुदेशक या वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक का पद हो। इसी प्रकार अगर फिजिकल एजुकेशनविषय स्वीकृत नहीं है, फिर भी चुन सकते हैं, लेकिन स्कूल में शारीरिक शिक्षक (ग्रेड 1 या 2) का पद होना चाहिए।
विज्ञान संकाय वाले विद्यार्थी अधिकतम 2 विषय चौथे ऐच्छिक के रूप में चुन सकेंगे। कौन से दो विषय होंगे, यह संस्थाप्रधान तय करेंगे। कला और वाणिज्य संकाय वाले विद्यार्थी अधिकतम एक विषय ही चौथे ऐच्छिक के रूप में चुना जा सकेगा, जो संस्थाप्रधान तय करेंगे।
स्टूडेंट्स को क्या फायदा?
इस बदलाव से विद्यार्थियों को अपनी रुचि के विषय पढ़ने के ज्यादा अवसर मिलेंगे साथ ही छात्रों का 'लर्निंग स्कोप' बढ़ेगा। उदाहरण के तौर पर, विज्ञान का छात्र अब गणित के साथ अर्थशास्त्र भी पढ़ सकेगा, या कला वर्ग का छात्र फिजिकल एजुकेशन को मुख्य विषय के रूप में लेकर करियर बना सकेगा। यह लचीलापन छात्रों को यूनिवर्सिटी एडमिशन और कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में बढ़त दिलाएगा।
ये भी पढ़ें:-
RBSE 12th Result 2026: राजस्थान बोर्ड ने जारी किया 12वीं का रिजल्ट, यहां करें चेक
मोबाइल पर दिखाया सुनहरा कछुआ, फिर ठग लिए 12 लाख रुपये, ऐसे फंसाते थे ग्राहक
एफएसएल निदेशक डॉ. अजय शर्मा को हटाया, भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद सरकार का बड़ा एक्शन
जाम से किरकिरी के बाद जयपुर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव, ट्रैफिक पुलिस में कई फेरबदल