आरसीए में बैटिंग करेंगे नेताओं के लाड़ले, एडहॉक कमेटी में सभी 5 पदों पर 'सत्ता पुत्र' काबिज

Jinesh Jain | Mar 29, 2026, 21:25 IST
Photograph: (the sootr)
आरसीए की कमान फिर नेता पुत्रों के हाथ में आ गई है। मजेदार बात यह है कि नई एडहॉक कमेटी के सभी पांच पदों पर नेता पुत्र काबिज हो गए हैं। इससे सियासी गलियारों से लेकर क्रिकेट मैदान तक हलचल तेज हो गई है।

News In Short

  • आरसीए की नई तदर्थ समिति के सभी 5 पदों पर नेता पुत्र काबिज।
  • तदर्थ समिति के संयोजक बनाए विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित।
  • मंत्री पुत्र धनंजय और सांसद पुत्र आशीष तिवाड़ी को रखा बरकरार।
  • तदर्थ समिति को कराने होंगे तीन महीने में आरसीए के चुनाव।
  • राजस्थान की क्रिकेट राजनीति पर नेता पुत्रों का ही दबदबा रहा।

News In Detail

राजस्थान में नेता पुत्रों की हनक इस बार सियासी गलियारों से निकल कर खेल के मैदान तक जा पहुंची है। विवादों और गुटबाजी में फंसा राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) एक बार फिर सुर्खियों में है। इसकी वजह आरसीए की नई एडहॉक (तदर्थ) कार्यकारिणी समिति का पुनर्गठन है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसके सभी पांच पदों पर प्रदेश के दिग्गज नेताओं के बेटों और पोतों ने कब्जा जमा लिया है।



रजिस्ट्रार के आदेश पर बनी कमेटी

सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार डॉ समित शर्मा ने आदेश जारी कर आरसीए की एडहॉक कार्यकारिणी समिति भंग कर नई कमेटी गठित की है। इसमें डीडी कुमावत को जगह नहीं मिल पाई, लेकिन नई एडहॉक कमेटी के सभी पदों पर नेता पुत्र काबिज हो गए हैं। कमेटी का संयोजक मोहित यादव को बनाया है, जिन्हें समय पर चुनाव कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बहरोड़ के भाजपा विधायक डॉ. जसवंत यादव के बेटे मोहित अलवर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।



तय समय पर नहीं हो पाए आरसीए के चुनाव

आरसीए के तय समय सीमा के भीतर चुनाव नहीं कराए जा सके हैं। ऐसे में एडहॉक कमेटी का पुनर्गठन जरूरी हो गया। मौजूदा हालात में नई एडहॉक कमेटी का गठन किया गया है, जिससे आरसीए की आगे की प्रक्रिया चल सके। यह फैसला राजस्थान क्रीड़ा (संघों का रजिस्ट्रेशन, मान्यता और विनियमन) अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत लिया गया है।



ऐसे संभालेंगे नेता पुत्र आरसीए

आरसीए में पिछले काफी समय से अस्थिरता का दौर है। पुरानी कमेटी को भंग कर जब नई एडहॉक कमेटी की घोषणा हुई तो खेल प्रेमियों से ज्यादा राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। कमेटी के संयोजक (कन्वीनर) से लेकर चार अन्य सदस्य का नाम किसी न किसी रसूखदार नेता से जुड़ा है।



​1. मोहित यादव (संयोजक): बहरोड़ से भाजपा विधायक डॉ. जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव को इस कमेटी की कमान सौंपी गई है। मोहित वर्तमान में अलवर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। उन्हें अनुभवी डीडी कुमावत की जगह संयोजक बनाया गया है।



​2. धनंजय सिंह (सदस्य): प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र धनंजय सिंह को कमेटी में बरकरार रखा गया है। जोधपुर की क्रिकेट राजनीति में उनका पहले से ही खासा प्रभाव है। वे जोधपुर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं।



​3. आशीष तिवाड़ी (सदस्य): राज्यसभा सांसद और भाजपा के दिग्गज नेता घनश्याम तिवाड़ी के पुत्र आशीष तिवाड़ी भी इस पावरफुल टीम का हिस्सा हैं। वे सीकर जिला क्रिकेट संघ के कोषाध्यक्ष हैं।



​4. अर्जुन बेनीवाल (सदस्य): हनुमानगढ़ से भाजपा विधायक संजीव बेनीवाल के बेटे अर्जुन बेनीवाल को पहली बार इस कमेटी में शामिल किया गया है। वे हनुमानगढ़ जिला क्रिकेट संघ में सचिव हैं।



​5. अरिष्ट सिंघवी (सदस्य): पूर्व मंत्री और प्रदेश की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले चंद्रराज सिंघवी के पोते अरिष्ट सिंघवी को भी सदस्य बनाया गया है। वे जोधपुर जिला क्रिकेट संघ में सचिव हैं।



इस ​अधिनियम के तहत बनी कमेटी

​आरसीए में नई कमेटी का गठन राजस्थान क्रीड़ा (संघों का रजिस्ट्रेशन, मान्यता और विनियमन) अधिनियम 2005 के तहत किया गया है। नियमों के अनुसार यदि तय समय सीमा में चुनाव नहीं होते हैं तो रजिस्ट्रार को एडहॉक कमेटी गठित करने का अधिकार है। पिछले दो साल से आरसीए में चुनाव की तारीखें आगे बढ़ती रहीं। इससे प्रशासनिक कामकाज ठप है। नई कमेटी को तीन महीने के भीतर चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई है।



विवादों में रहे हैं धनंजय

मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह 9वीं बार कमेटी में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। उनका विवादों से नाता रहा। उनका जयदीप बिहाणी और डीडी कुमावत से भी विवाद बना रहा। उन पर नागौर और जोधपुर, दोनों जगह से अध्यक्ष होने के आरोप लगे। कोर्ट में मामला गया, लेकिन फिर भी वे लगातार एडहॉक कमेटी में जगह बनाते रहे। वे ऐसे सदस्य हैं, जो शुरू से एडहॉक कमेटी में हैं।





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क्रिकेट शक्ति प्रदर्शन का बड़ा माध्यम

क्रिकेट एसोसिएशन पर कब्जा करना राजस्थान में शक्ति प्रदर्शन का एक बड़ा जरिया माना जाता है। पूर्व में भी आरसीए की कुर्सी पर मुख्यमंत्री स्तर के परिवारों का कब्जा रहा है। अब नई कमेटी ने यह साफ कर दिया है कि राजस्थान में क्रिकेट की कमान फिलहाल किसी खिलाड़ी के हाथ में नहीं, बल्कि नेताओं की अगली पीढ़ी के हाथ में रहेगी।



तीन महीने में कराने होंगे चुनाव

आरसीए में दो साल से आरसीए में चुनाव टलते रहे हैं। अलग-अलग वजहों से इसकी समय सीमा बढ़ाई जाती रही। अब फिर नई कमेटी बनाकर चुनाव कराने की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या नई एडहॉक कमेटी तीन महीने में चुनाव करवा पाती है या फिर एक बार फिर कार्यकाल बढ़ाने की नौबत आएगी।



मोहित बोले, काम करुंगा

मोहित यादव ने कहा है कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह उसे पूरी ईमानदारी के साथ निभाएंगे। उनका लक्ष्य जिले के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि खेलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।



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