सड़कों पर लगातार जा रही लोगों की जानें, एक्सप्रेसवे पर गड़करी का रियलिटी टेस्ट

Mukesh Sharma | Jul 08, 2026, 17:38 IST
एक्सप्रेसवे पर गड़करी का रियलिटी टेस्ट
राजस्थान में रोजाना सड़क हादसों में 33 लोग जान गंवा रहे हैं। इस भयावह स्थिति के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस—वे का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता की जमीनी हकीकत जानी।

ऐसे समझें पूरा मामला

  • दौसा हादसे के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की सुरक्षा का जायजा ले रहे मंत्री गडकरी।
  • राजस्थान में 6 महीने में 12,616 हादसे, अकाल मौत का शिकार हुए 6,020 लोग।
  • प्रदेश में भारी ट्रैफिक वाले जिलों में हो रहीं सर्वाधिक दुर्घटनाएं।
  • दुर्घटनाओं में जयपुर पश्चिम सबसे आगे, जैसलमेर रहा प्रदेश में सबसे सुरक्षित।

राजस्थान में सड़कों पर रफ्तार के कारण मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। राज्य में हर 44 मिनट में एक व्यक्ति सड़क हादसे का शिकार हो रहा है।



दुर्घटनाओं में मौतों के बढ़ते आंकडों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का जमीनी निरीक्षण किया।



एक जुलाई को दौसा में हुए भीषण बस हादसे के बाद से ही एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। एक ओर केंद्रीय मंत्री सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए रियलिटी टेस्ट कर रहे हैं। वहीं, उनके मंत्रालय के ही आंकड़े प्रदेश में सड़क सुरक्षा की पोल खोल रहे हैं ।



आईरेड के आंकड़े, 6 महीने में 6020 मौतें

केंद्रीय मंत्री के दौरे के बीच ही सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस के आंकड़े सामने आए हैं।



इन आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जून 2026 के बीच राजस्थान में 12 हजार 616 सड़क हादसे हुए। इनमें 6,020 लोगों की मौत हो गई और 13 हजार 141 लोग घायल हुए। यानी राजस्थान में प्रतिदिन औसतन 33 लोग सड़क दुर्घटना में मारे जा रहे हैं।



हालांकि, 2025 की तुलना में इस साल अभी तक सड़क हादसों में 9.67% और मौतों में 6.58% की मामूली कमी भी हुई है।



जयपुर हादसों में आगे, जैसलमेर सबसे सुरक्षित

आंकड़ों के अनुसार राजस्थान के बड़े शहरों और भारी ट्रैफिक वाले जिलों में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटना हुई हैं।



सड़क दुर्घटनाओं के मामले में जयपुर पुलिस का जयपुर पश्चिम जिला 846 दुर्घटनाओं के साथ सबसे ऊपर है।



सबसे ज्यादा हादसे वाले टॉप 5 जिले (जनवरी-जून 2026)

जयपुर पश्चिम (846), जयपुर पूर्व (749), उदयपुर (581), जयपुर दक्षिण (535) और सीकर (482)



सबसे सुरक्षित या कम हादसों वाले जिले

जैसलमेर (65), खैरथल-तिजारा (87), फलौदी (91), भिवाड़ी (96) और सलूम्बर (99)।



मुकंदरा टनल का भी करेंगे निरीक्षण

केंद्रीय मंत्री दिल्ली से कोटा तक के इस सफर में एक्सप्रेसवे की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसमें एक्सप्रेसवे के रखरखाव, निर्माण कार्यों, सुरक्षा उपायों और मुकंदरा टनल का निरीक्षण शामिल है।



गड़करी के दौरे में मध्य प्रदेश और गुजरात के हिस्से भी शामिल रहेंगे। हादसे के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पूरे एक्सप्रेसवे का दोबारा सेफ्टी ऑडिट कर रहा है।



इसके तहत ब्लैक स्पॉट, साइन बोर्ड, लाइटिंग और स्पीड कंट्रोल पर काम शुरू हो चुका है। अब एक्सप्रेस-वे पर बेहतर विजिबिलिटी वाले साइन बोर्ड और मल्टीपल स्ट्रेचर वाली एंबुलेंस तैनात करने की योजना है।



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