RGHS में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, SOG ने तीन लैब कार्मिक किए गिरफ्तार

Jageshwar prasad | Jun 14, 2026, 06:57 IST
फर्जी OPD पर्चियों से RGHS घोटाला
RGHS में करोड़ों के फर्जीवाड़े में राजस्थान SOG ने सीकर के तीन लैब कार्मिक गिरफ्तार किए। डॉक्टर-लैब गठजोड़ से फर्जी OPD पर्चियां बनाकर सरकारी पैसा उठाया जाता था। तीनों आरोपी 16 जून तक रिमांड पर।

समझें क्या है पूरा मामला

  • RGHS में फर्जी OPD पर्चियों और जांच रिपोर्टों के जरिए करोड़ों की ठगी।
  • सीकर के डॉक्टरों और लैब संचालकों के गठजोड़ से चल रहा था यह फर्जीवाड़ा।
  • SOG ने तीन लैब कार्मिकों को गिरफ्तार किया, तीनों सीकर निवासी हैं।
  • पहले लैब संचालक बनवारी लाल और डॉ. केके अग्रवाल भी गिरफ्तार हो चुके।
  • आरोपियों से पूछताछ में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

राजस्थान की सरकारी स्वास्थ्य योजना यानी RGHS (Rajasthan Government Health Scheme) में करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े का SOG ने पर्दाफाश किया है।



सीकर जिले में डॉक्टरों और लैब संचालकों के गठजोड़ से फर्जी OPD पर्चियां बनाई जाती थीं, बिना जांच के रिपोर्ट तैयार की जाती थी और RGHS पोर्टल पर अपलोड कर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए का भुगतान उठाया जाता था।



SOG ने तीन लैब कार्मिक बजरंग सिंह, अरविंद कुमार और विक्रम को गिरफ्तार किया है। शनिवार को न्यायालय में पेश कर तीनों को 16 जून तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।



कैसे चलता था पूरा खेल?

SOG के ADG विशाल बंसल ने बताया कि सीकर के डॉ. विजय एंड बी लाल डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक डॉ. विजय मूंड ने SK हॉस्पिटल सीकर के पांच डॉक्टरों के साथ मिलकर यह नेटवर्क चलाया।



सबसे पहले लैब कार्मिक RGHS लाभार्थियों से उनके कार्ड नंबर लेते थे। इसके बाद पहले से तैयार पर्चियों में दर्ज जांचों को SK हॉस्पिटल के डॉक्टरों से लिखवाया जाता था।



डॉक्टरों ने कई मामलों में मरीज को देखे बिना या केवल कागजों पर परामर्श पर्चियां बनाईं। इन पर्चियों के आधार पर लैब में फर्जी जांच रिपोर्टें तैयार की जाती थीं। फिर इन्हें RGHS पोर्टल पर अपलोड कर राज्य सरकार से करोड़ों रुपए का भुगतान उठाया जाता था।



RGHS में फर्जी OPD पर्चियों और जांच रिपोर्टों के जरिए करोड़ों की ठगी


कौन-कौन शामिल थे इस नेटवर्क में?

इस गठजोड़ में SK हॉस्पिटल सीकर के डॉ. कमल कुमार अग्रवाल उर्फ KK अग्रवाल, डॉ. गजराज सिंह, डॉ. सुनील ढाका, डॉ. राकेश चौधरी और डॉ. मुकेश वर्मा शामिल थे। लैब की तरफ से डॉ. विजय मूंड और बनवारी लाल उर्फ बी लाल ने अहम भूमिका निभाई।



इससे पहले 4 मई को लैब संचालक बनवारी लाल उर्फ बी लाल और डॉ. KK अग्रवाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों अभी न्यायिक अभिरक्षा में हैं।



अब तीन लैब कार्मिक भी गिरफ्त में

SOG की जांच में सामने आया कि लैब कार्मिक बजरंग सिंह, अरविंद कुमार शिला और विक्रम कल्याण - तीनों सीकर निवासी हैं। ये लैब संचालकों के निर्देश पर लाभार्थियों से कार्ड नंबर जुटाते थे। फर्जी पर्चियां डॉक्टरों तक पहुंचाते और वापस लाते थे। ये तीनों पूरे नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी थे।



स्वास्थ्य विभाग ने SOG थाने में प्रकरण संख्या 11/26 दर्ज कराया है। जांच ASP लोकेन्द्र दादरवाल कर रहे हैं।



अभी और खुलासे होंगे

तीनों आरोपियों से फर्जी पर्चियां बनाने की प्रक्रिया, लाभार्थियों के कार्ड विवरण जुटाने के तरीके, RGHS पोर्टल पर फर्जी जांच अपलोड करने और भुगतान के विवरण तथा नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ जारी है। माना जा रहा है कि रिमांड में और बड़े खुलासे होंगे।



FAQ

  1. RGHS घोटाले में फर्जीवाड़ा कैसे किया जाता था?
    लैब कार्मिक RGHS लाभार्थियों से उनके कार्ड नंबर लेते थे। डॉक्टर बिना मरीज देखे पर्चियां लिखते थे। उन पर्चियों के आधार पर फर्जी जांच रिपोर्टें RGHS पोर्टल पर अपलोड की जाती थीं और सरकार से करोड़ों रुपए का भुगतान उठाया जाता था।
  2. RGHS घोटाले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
    4 मई को लैब संचालक बनवारी लाल उर्फ बी लाल और डॉ. KK अग्रवाल गिरफ्तार हो चुके हैं। अब तीन और लैब कार्मिक - बजरंग सिंह, अरविंद कुमार और विक्रम - गिरफ्तार हुए हैं। कुल पांच लोग अब तक गिरफ्त में हैं।

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