रितु बराला केस में आधी रात को पुलिस-कांग्रेस में टकराव, लाठीचार्ज का आरोप, डोटासरा बोले- FIR तक धरना जारी
एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला के साथ दिल्ली में कथित मारपीट और अभद्रता के मामले में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन मंगलवार देर रात और तेज हो गया। जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच रात करीब 11 बजे टकराव हो गया। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया। इसमें कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई नेता कमिश्नरेट परिसर में धरने पर डटे रहे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि रितु बराला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए सवाल उठाया कि न्याय की मांग कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठियां क्यों बरसाई जा रही हैं।
रात 11 बजे पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप, कार्यकर्ता घायल
मंगलवार रात करीब 11 बजे कमिश्नरेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए लाठियां चलाईं।
यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता भारत गुर्जर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बैठे हुए कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया। उनके अनुसार, एक पुलिसकर्मी ने उनके सिर पर डंडा मारा। सिर बचाने के दौरान उनके हाथ में चोट लग गई।
गुर्जर ने दावा किया कि इस कार्रवाई में पांच से सात कार्यकर्ता घायल हुए हैं। वहीं, झोटवाड़ा निवासी यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल यादव के सिर में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। उन्हें इलाज के लिए एसएमएस अस्पताल भेजा गया।
डोटासरा ने पुलिसकर्मी पर नशे में लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित लाठीचार्ज के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) अजय सिंह से फोन पर बातचीत की। डोटासरा ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी शराब के नशे में कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट कर रहे थे।
उन्होंने आसाराम नाम के एक पुलिसकर्मी पर नशे में झड़प करने और लाठीचार्ज में शामिल होने का आरोप लगाया। डोटासरा ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
राजस्थान कांग्रेस ने कहा- न्याय मांगना अपराध नहीं
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की। कांग्रेस ने कहा कि रितु बराला को न्याय दिलाने और एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के बाहर शांतिपूर्ण धरना दे रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज निंदनीय है।
पार्टी ने सवाल उठाया कि न्याय की मांग करना अपराध नहीं है, फिर सरकार पीड़िता की एफआईआर दर्ज करने के बजाय न्याय की आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं पर लाठियां क्यों बरसा रही है? कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि रितु बराला को न्याय मिलने और एफआईआर दर्ज होने तक पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी।
डोटासरा बोले- दिल्ली की एफआईआर अलग, हमारी शिकायत अलग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर पुलिस के उस तर्क पर सवाल उठाए, जिसमें दिल्ली में पहले से मामला दर्ज होने की बात कही गई है। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस जिस शिकायत पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रही है, वह दिल्ली में दर्ज मामले से अलग है।
उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(1) का हवाला देते हुए पूछा कि क्या राजस्थान में जीरो एफआईआर दर्ज हो सकती है या नहीं? डोटासरा ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि यदि इस मामले में जीरो एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती, तो पुलिस इसका कानूनी आधार लिखित रूप में दे।
पुलिस बोली- दिल्ली में पहले से दर्ज है मामला
जयपुर पुलिस ने रितु बराला की शिकायत पर अलग से जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार किया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) अजय सिंह के अनुसार, 13 अक्टूबर को दिल्ली में हुए घटनाक्रम को लेकर कनॉट प्लेस थाने में मामला दर्ज है।
जयपुर पुलिस का कहना है कि रितु बराला की शिकायत से जुड़ा घटनाक्रम भी दिल्ली में जांच के दायरे में है। पुलिस के अनुसार, दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में केस नंबर 291/2026 के तहत जांच चल रही है। एक ही घटना और तथ्यों पर दूसरी एफआईआर दर्ज करना कानूनी रूप से उचित नहीं होगा।
कमिश्नरेट में ही बिस्तर लगाए, दूसरे दिन भी धरना जारी
रितु बराला के मामले में कांग्रेस नेताओं का धरना सोमवार शाम से शुरू हुआ था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सोमवार शाम करीब 6:15 बजे जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे थे। उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
एफआईआर दर्ज नहीं होने पर कांग्रेस नेताओं ने कमिश्नरेट में ही रात गुजारी। मंगलवार को भी धरना जारी रहा। रात में डोटासरा सहित कांग्रेस नेताओं ने कमिश्नरेट के गलियारों में बिस्तर लगाने की तैयारी की।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी धरने में शामिल रहे। मंगलवार शाम वैभव गहलोत भी कमिश्नरेट पहुंचे और कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की।
राहुल गांधी के फोन के बाद शुरू हुआ था विरोध
रितु बराला के मामले में कांग्रेस का विरोध सोमवार को तेज हुआ था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से फोन पर बातचीत कर मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा था।
इसके बाद डोटासरा कांग्रेस नेताओं के साथ जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे। कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान रितु बराला के साथ महिला पुलिसकर्मियों ने मारपीट और अभद्रता की थी।
एफआईआर से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंचा
रितु बराला के मामले में शुरू हुआ विवाद अब जयपुर पुलिस और कांग्रेस के बीच बड़े टकराव में बदल गया है। एक तरफ कांग्रेस जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़ी है। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि दिल्ली में उसी घटनाक्रम की जांच चल रही है।
मंगलवार रात कार्यकर्ताओं पर कथित लाठीचार्ज के बाद विवाद और बढ़ गया है। अब सवाल केवल रितु बराला की शिकायत का नहीं है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग के आरोपों की जांच और घायल कार्यकर्ताओं की स्थिति भी महत्वपूर्ण हो गई है।