बुलडोजर से ढहाया गया गैंगस्टर का घर, आईजी बोले- कौन रोहित गोदारा
समझें क्या है पूरा मामला
- बीकानेर में गैंगस्टर रोहित गोदारा के पिता का सूना घर रातोंरात बुलडोजर से गिरा दिया गया।
- प्रशासन ने कार्रवाई से इनकार किया, जबकि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
- आईजी ओमप्रकाश ने रोहित गोदारा नाम के गैंगस्टर की जानकारी से इनकार किया।
- रोहित गोदारा पर तीन राज्यों में 74 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज बताए गए हैं।
- बिना अनुमति बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
राजस्थान में बीकानेर के लूणकरनसर क्षेत्र में गैंगस्टर रोहित गोदारा के पिता का सूना घर रातों-रात बुलडोजर से गिरा दिया गया। प्रशासन ने इस कार्रवाई से साफ इनकार किया है। इस बीच आईजी ओमप्रकाश ने कहा कि उन्हें रोहित गोदारा नाम के किसी गैंगस्टर को नहीं जानते है। जबकि गोदारा के खिलाफ तीन राज्यों में 74 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज हैं।
तीन राज्यों में 74 से ज्यादा संगीन वारदातों से पुलिस की नींद उड़ाने वाले गैंगस्टर रोहित गोदारा से बीकानेर रेंज के आईजी अनजान हैं। यह चौंकाने वाली जानकारी खुद आईजी ओमप्रकाश ने मीडिया को दी।
बीकानेर के एक गांव में रोहित गोदारा के पिता के सूने घर में बुलडोजर से तोड़फोड़ का मामला सामने आने पर मीडिया ने पुलिस प्रशासन का पक्ष जानना चाहा। इस पर आईजी ओमप्रकाश ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रोहित गोदारा नाम का कोई गैंगस्टर है ही नहीं।
आईजी का चौंकाने वाला बयान
उन्होंने कहा कि पता नहीं रोहित गोदारा कौन है। बहुत सारे भगोड़े हैं। इस तरह के करीब 100 भगोड़े उनके पास हैं। किसी का घर टूटा है या नहीं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। शिकायत आएगी तो देखेंगे।
इस सनसनीखेज मामले में जिम्मेदार अधिकारी का यह बयान चर्चा का विषय बन गया है। गौरतलब है कि रोहित गोदारा के खिलाफ राजस्थान और अन्य राज्यों में लूट, मारपीट, रंगदारी, फायरिंग, हत्या और हत्या के प्रयास, फिरौती मांगने जैसे 74 संगीन मामले दर्ज हैं।
अधिकारी ने बंद कर लिया फोन
मकान तोड़ने की कार्रवाई के संबंध में लूणकरनसर उपखंड अधिकारी दयानंद रूयल से मोबाइल पर संपर्क किया गया। उन्होंने पूरा घटनाक्रम जानने के बाद फोन स्विच ऑफ कर दिया।
कुछ देर बाद फिर से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका कोई जवाब नहीं आया।
सूने घर पर चला बुलडोजर
लूणकरनसर क्षेत्र में सोमवार देर रात गैंगस्टर रोहित गोदारा के पिता के गांव चक एक बीएचएम स्थित संतदास स्वामी के सूने मकान को देर रात बुलडोजर से ढहा दिया गया। यह मकान बीकानेर से 94 किलोमीटर और लूणकरनसर से 20 किलोमीटर दूर खेत की ढाणी में स्थित है।
अहम बात यह है कि पुलिस और प्रशासन ने किसी भी तरह की कार्रवाई से साफ इनकार किया है। मंगलवार सुबह घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
स्थानीय लोगों ने क्या बताया
स्थानीय लोगों के अनुसार देर रात कुछ लोग बुलडोजर और अन्य वाहनों के साथ पहुंचे और मकान में तोड़फोड़ कर चले गए। शुरुआत में लोगों ने इसे प्रशासन की कार्रवाई माना।
लेकिन संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस ध्वस्तीकरण से प्रशासन का कोई संबंध नहीं है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिवार के खिलाफ पहले से दर्ज हैं मामले
पुलिस के अनुसार रोहित गोदारा उर्फ रावताराम उर्फ रोहित स्वामी के माता-पिता को 28 मई 2026 को आपराधिक षड्यंत्र के एक मामले में रतनगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्हें अभी तक जमानत नहीं मिली है।
पिता को हरियाणा पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर ले जा चुकी है। वहीं भाई हनुमान को भी श्रीगंगानगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसे बाद में हरियाणा पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर ले गई। परिवार के सदस्यों के खिलाफ राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में सौ से अधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
मामले में उठ रहे कई सवाल
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अगर यह प्रशासन की कार्रवाई नहीं थी, तो मकान आखिर किसने गिराया, यह स्पष्ट नहीं है।
यह भी सवाल है कि घटना के पीछे कोई आपसी विवाद या अन्य कारण तो नहीं था। आधी रात बुलडोजर और वाहनों के साथ पहुंचे लोग कौन थे, इसका भी अभी तक पता नहीं चल पाया है।
साथ ही मौके पर मौजूद लोगों और जेसीबी की पहचान कैसे होगी, यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
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