रिटायर होने से पहले RPSC अध्यक्ष का दावा, अभ्यर्थियों का भरोसा लौटा
समझें क्या है पूरा मामला
- RPSC अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू का कार्यकाल 19 जून को हो रहा है समाप्त।
- प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया- अब पेपर लीक नहीं होते, अभ्यर्थियों का भरोसा लौटा।
- एक साल में 47 लाख अभ्यर्थियों के लिए 187 से अधिक परीक्षाओं का हुआ आयोजन।
- पेपर सुरक्षा के लिए 7-स्तरीय सुरक्षा कवच और CBRT की वापसी की गई।
- कार्यकाल में रिकॉर्ड 14,885 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू और 666 DPC बैठकें हुईं।
राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी RPSC के अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू का कार्यकाल 19 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। उन्होंने 12 जून 2025 को पदभार संभाला था। अपने विदाई के दौरान साहू ने दावा किया कि अब आयोग में पेपर लीक नहीं होते और अभ्यर्थियों का भरोसा लौट आया है।
उन्होंने एक साल में 47 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 187 से ज्यादा परीक्षाओं का सफल आयोजन, 7-स्तरीय सुरक्षा कवच, CBRT (Computer Based Recruitment Test) की वापसी और रिकॉर्ड साक्षात्कारों की उपलब्धि साझा की।
पेपर लीक का दाग धुला
साहू ने कहा कि पहले आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों के मन में गहरा संदेह था। पेपर लीक की घटनाओं ने आयोग की साख को नुकसान पहुंचाया था। लेकिन पारदर्शिता और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण यह धारणा बदल चुकी है।
उनका कहना है कि वर्तमान परीक्षा और साक्षात्कार प्रणाली काफी बेहतर है और इसे आगे भी जारी रखा जाना चाहिए। अभ्यर्थियों का आयोग पर जो भरोसा बहाल हुआ है वही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
एक साल में क्या-क्या हुआ?
साहू ने बताया कि उनके कार्यकाल में 14,536 पदों पर सीधी भर्ती के लिए 16 विज्ञापन जारी किए गए। 47 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 187 से ज्यादा परीक्षाओं का सफल आयोजन हुआ। राइट टाइम पॉलिसी के तहत सभी परीक्षाएं तय समय पर हुईं।
1 जनवरी 2024 से अब तक 16,218 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इनमें से 10,220 अभ्यर्थियों का चयन सिर्फ जून 2025 से अब तक यानी एक वर्ष के भीतर हुआ।
पेपर सुरक्षा के लिए 7-स्तरीय कवच
पेपर की सुरक्षा के लिए न्यूमैरिक लॉक सहित 7-स्तरीय सुरक्षा कवच लागू किया गया। परीक्षा कक्षों में अभ्यर्थी की सीट-टू-सीट रियल-टाइम डेट और टाइम स्टैंप के साथ वीडियोग्राफी शुरू की गई। CBRT यानी कंप्यूटर आधारित भर्ती परीक्षा का संचालन फिर से शुरू किया गया।
इंटरव्यू और DPC का रिकॉर्ड
कार्यकाल के दौरान रिकॉर्ड 14,885 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू हुए। यानी औसतन हर दिन 60 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार। राजकीय कर्मचारियों की समयबद्ध पदोन्नति के लिए 666 DPC बैठकें आयोजित की गईं जिससे 34,986 कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता खुला।
बुनियादी ढांचे में बड़ा निवेश
आयोग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए 20 नए पद सृजित किए गए। 807 लाख रुपए की लागत से मुख्य परीक्षा नियंत्रक ब्लॉक का विस्तार, नए इंटरव्यू बोर्ड कक्ष और आधुनिक स्टोर ब्लॉक का निर्माण जारी है। आयोग भवन में 250 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया।
जाते-जाते एक अपील
साहू ने कहा कि यदि उन्हें और समय मिलता तो और सुधार लागू कर सकते थे। उनकी अपील है कि आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को दीर्घकालिक सुधारों के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
FAQ
- RPSC अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू का कार्यकाल कितने दिनों का रहा?
उत्कल रंजन साहू ने 12 जून 2025 को RPSC के अध्यक्ष का पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल 19 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इस प्रकार उनका कार्यकाल लगभग 1 वर्ष 1 सप्ताह का रहा। - RPSC अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू के कार्यकाल में कितनी परीक्षाएं आयोजित हुईं?
साहू के कार्यकाल में 47 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 187 से अधिक परीक्षाओं का सफल आयोजन हुआ। इन परीक्षाओं में 14,536 पदों पर सीधी भर्ती के लिए 16 विज्ञापन जारी किए गए थे। - RPSC अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने पेपर सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए?
साहू ने पेपर सुरक्षा के लिए न्यूमैरिक लॉक सहित 7-स्तरीय सुरक्षा कवच लागू किए। सीट-टू-सीट रियल-टाइम वीडियोग्राफी शुरू की गई और CBRT (Computer Based Recruitment Test) की वापसी की गई।
ये भी पढ़ें:-
RPSC वेटरनरी भर्ती: माइनस मार्क्स पर भी सिलेक्शन, आयोग ने दी सफाई
RPSC ने 7 सब्जेक्ट की मॉडल आंसर की जारी की, 19 जून आपत्ति की अंतिम तारीख
RPSC पोर्टल किया हैक, 3 अभ्यर्थियों के आवेदन लौटाए, मुकदमा हुआ दर्ज
22 जून से RPSC असिस्टेंट प्रोफेसर के इंटरव्यू शुरू, जानें पूरा शेड्यूल