RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति, पेपर लीक 2022 मामले में हैं आरोपी

Ashish Bhardwaj | Apr 16, 2026, 12:30 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा को बड़ा झटका लगा है। राज्यपाल ने 2022 के पेपर लीक मामले में आरोपी बनाए जाने के लिए अभियोजन की स्वीकृति दे दी है।

News In Short

  • राजस्थान के बाबूलाल कटारा को 2022 के पेपर लीक मामले में आरोपी बनाया गया।
  • राज्यपाल ने बाबूलाल कटारा के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की मंजूरी दे दी।
  • कटारा पर भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और पेपर लीक करने के आरोप हैं।
  • पहले राज्यपाल ने कटारा को उनके पद से निलंबित किया था।
  • अब अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद कटारा के खिलाफ अदालत में मुकदमा चलाया जाएगा।

News In Detail

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा को 2022 की सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में आरोपी बना दिया गया है। इस मामले में कटारा पर टीचर भर्ती का पेपर लीक करने के आरोप हैं। इसके अलावा भी कटारा पर अन्य भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने अब बाबूलाल कटारा के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।



जांच में साबित हुए आरोप

इस पूरे मामले में आरपीएससी के जांचकर्ताओं ने बाबूलाल कटारा के खिलाफ साक्ष्य जुटाए हैं। जांच के बाद यह पाया गया कि कटारा ने अपने पद का दुरुपयोग किया। वे भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का हिस्सा बन गए। इसके बाद राज्यपाल से अभियोजन स्वीकृति की मंजूरी ली गई। अब उनके खिलाफ अदालत में मुकदमा चलाया जा सकेगा।



अभियोजन स्वीकृति का महत्व

किसी भी लोक सेवक के खिलाफ अदालत में मुकदमा चलाने से पहले कंपेटेंट अथॉरिटी से मंजूरी प्राप्त करनी होती है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि बिना पर्याप्त साक्ष्य के किसी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा न चलाया जाए। बाबूलाल कटारा के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद अब जांच एजेंसियां उनके खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश कर सकती हैं। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत मामले की सुनवाई शुरू होगी।



पहले ही कर दिया था कटारा का निलंबन

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बाबूलाल कटारा को उनके पद से निलंबित करने के आदेश पहले ही जारी किए थे। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि जांच निष्पक्ष रूप से चल सके और इसमें किसी प्रकार की कोई रुकावट न आए।



राजस्थान लोक सेवा आयोग में हो रहे विवाद

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) राज्य की प्रमुख भर्ती एजेंसी है, जो सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रियाओं का संचालन करती है। हालांकि, पिछले कुछ समय में आयोग से जुड़ी परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं में कई विवाद और जांच के मामले सामने आए। इन घटनाओं ने राज्य की भर्ती प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।



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