आरपीएससी की होम साइंस प्राध्यापक भर्ती में फिर न्यूनतम अंक का संकट, 16 में से 15 पद रह गए खाली
News In Short
- होम साइंस प्राध्यापक भर्ती 2024 में फिर न्यूनतम अंक का संकट दिखा।
- न्यूनतम 40 फीसदी अंक के नियम के कारण 16 में से 15 पद खाली रह गए।
- इस प्रतियोगी परीक्षा में 949 अभ्यर्थी दौड़ में थे, सफल हुआ सिर्फ एक अभ्यर्थी।
- अधिकांश अभ्यर्थी न्यूनतम 40 फीसदी अंक की बाधा नहीं कर पाए पार।
- न्यूनतम अंक के कारण पहले भी गणित और कंप्यूटर अनुदेशक के पद भी खाली रहे।
News In Detail
Ajmer: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से प्राध्यापक भर्ती परीक्षा-2024 के आए परिणामों ने नई बहस छेड़ दी है। होम साइंस (गृह विज्ञान) विषय के लिए मंगलवार को जारी किए गए अंतिम परिणाम में चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है।
कुल विज्ञापित 16 पदों में से आयोग को केवल एक योग्य अभ्यर्थी मिला है। इसके कारण 15 पद रिक्त रह गए हैं। यह परिणाम न केवल अभ्यर्थियों की तैयारी पर सवाल उठाता है, बल्कि राज्य सरकार के 40 प्रतिशत न्यूनतम अर्हक अंक के नियम के प्रभाव को भी स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
949 अभ्यर्थी दौड़ में थे, सफल हुआ सिर्फ एक
आयोग के आंकड़ों के अनुसार होम साइंस विषय के लिए कुल 2,623 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। 1 जुलाई 2025 को हुई लिखित परीक्षा में 949 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए थे। परीक्षा के बाद पात्रता जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए 11 दिसंबर 2025 को प्रोविजनल लिस्ट जारी की गई थी।
अंतिम परिणाम की घोषणा के बाद स्थिति यह रही कि मुख्य मेरिट सूची में केवल एक ही अभ्यर्थी अपना स्थान सुरक्षित कर पाया। शेष 15 पदों के लिए कोई भी उम्मीदवार निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर सका।
40 प्रतिशत के नियम ने बिगाड़ा खेल
इस भर्ती में रिक्तियां रहने का सबसे बड़ा कारण दोनों पेपरों में 40 प्रतिशत न्यूनतम अर्हक अंक प्राप्त न कर पाना रहा। परीक्षा में दो पेपर शामिल थे। पेपर-1 (सामान्य ज्ञान) कुल 150 अंकों का और पेपर-2 (विषय- होम साइंस) कुल 300 अंकों का था।
नियमों के अनुसार, प्रत्येक पेपर में अलग-अलग न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य था। अधिकांश अभ्यर्थी या तो प्रथम प्रश्न पत्र की बाधा पार नहीं कर सके या द्वितीय प्रश्न पत्र में न्यूनतम अंक लाने में विफल रहे।
इस कारण एससी (SC), एसटी (ST), ओबीसी (OBC), एमबीसी (MBC) और ईडब्ल्यूएस (EWS) जैसी आरक्षित श्रेणियों के साथ-साथ होरिजंटल रिजर्वेशन की सीटें भी खाली रह गईं। इन श्रेणियों में भी कटऑफ के लायक उम्मीदवार नहीं मिल सके।
सरकारी स्कूलों में बढ़ेगा शिक्षकों का टोटा
एक तरफ जहां प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए भर्तियां निकाली जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर योग्य उम्मीदवार न मिलने से शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ गई है।
होम साइंस जैसे महत्वपूर्ण विषय में 15 पदों का खाली रहना आगामी सत्र में छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित कर सकता है। अब विभाग को इन पदों को भरने के लिए या तो नई भर्ती निकालनी होगी या पुनः बैकलॉग के रूप में इन्हें आगे ले जाना होगा।
भर्ती प्रक्रिया के मुख्य बिंदु:
कुल पद 16
सफल अभ्यर्थी 01
रिक्त पद 15
कुल पंजीकृत उम्मीदवार 2,623
परीक्षा में शामिल हुए 949
न्यूनतम अर्हक अंक 40% (प्रत्येक पेपर में)
आगे क्या
विशेषज्ञों का मानना है कि RPSC के इस परिणाम ने यह संदेश दिया है कि अब केवल परीक्षा में बैठना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विषय पर पकड़ और सामान्य ज्ञान दोनों में संतुलन बनाना अनिवार्य है।
40 प्रतिशत नियम के कारण पिछले कुछ समय में कई अन्य विषयों (जैसे गणित और कंप्यूटर अनुदेशक) में भी पद खाली रहे हैं, जो प्रतियोगिता के बढ़ते स्तर और परीक्षा के कठिन पैटर्न की ओर इशारा करते हैं।
इस परिणाम के बाद अब सफल एकमात्र अभ्यर्थी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जबकि खाली रहे 15 पदों के भविष्य पर आयोग और शिक्षा विभाग आगामी दिनों में निर्णय लेंगे।
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