स्कूल लेक्चरर परीक्षा में खाली रह गईं कुर्सियां, आधे से भी कम अभ्यर्थी पहुंचे
News In Short
- RPSC स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा में उपस्थिति रही कम।
- इतिहास में 42.10 प्रतिशत, अंग्रेजी में 36.58 प्रतिशत ही शामिल हुए।
- इतिहास में 14525 में से 6115 परीक्षार्थी पहुंचे, 8410 नहीं आए।
- अंग्रेजी में 11018 में से 4030 ने परीक्षा दी, 6988 अनुपस्थित रहे।
- कई अभ्यर्थी डिग्री पूरी न होने के कारण नहीं पहुंचे परीक्षा केंद्रों पर।
News In Detail
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा में लगातार दूसरे दिन सोमवार को अभ्यर्थियों की उपस्थिति बहुत कम रही। लेक्चरर बनने के लिए अभ्यर्थियों ने कोई रुचि नहीं दिखाई और सोमवार को इतिहास और अंग्रेजी में आधे अभ्यर्थी भी परीक्षा देने नहीं पहुंचे।
जयपुर में दो पारियों में परीक्षा हुई। पहली पारी में इतिहास विषय की परीक्षा में 42.10 प्रतिशत और दूसरी पारी में अंग्रेजी विषय की परीक्षा में 36.58 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने ही भाग्य आजमाया।
इतिहास में 42.10, अंग्रेजी में 36.58 प्रतिशत उपस्थिति
जयपुर में इतिहास विषय के लिए 14525 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, लेकिन इनमें से महज 6115 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। यानी 8410 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इसी तरह अंग्रेजी विषय में 11018 अभ्यर्थियों में से महज 4030 अभ्यर्थी ही मौजूद रहे और 6988 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
पहली पारी में जयपुर में 59 और दूसरी पारी में 44 परीक्षा केंद्र थे। जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अनुसार जयपुर में परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हो गई।
मंगलवार को कॉमर्स और रसायन विज्ञान की परीक्षा
मंगलवार को कॉमर्स और रसायन विज्ञान विषय की परीक्षा होगी। कॉमर्स की परीक्षा 36 केंद्रों पर होगी, जिसमें 9216 अभ्यर्थी शामिल होंगे। रसायन विज्ञान की परीक्षा 27 केंद्रों पर होगी, जिसमें 6640 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
कम उपस्थिति के क्या कारण हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार इस भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों की कम उपस्थिति के दो मुख्य कारण हैं। पहला, प्रदेश में भर्तियों का आवेदन शुल्क नहीं लगता है। इसलिए आवेदन के समय तो अभ्यर्थियों में उत्साह रहता है, लेकिन परीक्षा की तैयारी पूरी नहीं होने के कारण वे परीक्षा देने नहीं आते। उन्हें कोई आर्थिक नुकसान नहीं होता है।
दूसरा कारण यह है कि कई अभ्यर्थियों के पास अभी तक आवश्यक डिग्री नहीं है और वे डिग्री के अंतिम वर्ष में हैं। अब उन्हें लग रहा है कि निर्धारित तिथि तक वे डिग्री प्राप्त नहीं कर पाएंगे। ऐसे अभ्यर्थी भी परीक्षा देने नहीं आ रहे हैं।
परीक्षा का शेष कार्यक्रम
RPSC स्कूल व्याख्याता भर्ती 2025 परीक्षा 11 जून तक चलेगी। अलग-अलग विषयों की परीक्षाएं निर्धारित तिथियों पर होंगी। जो अभ्यर्थी आज अनुपस्थित रहे, वे अब इस भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। बचे हुए अभ्यर्थी अब अपनी-अपनी विषय की परीक्षा में शामिल होंगे।
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