दिल्ली-बहरोड़ तक हाई-स्पीड ट्रेन, राजस्थान- हरियाणा में बनी बात

Ashish Bhardwaj | Jun 10, 2026, 13:49 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान और हरियाणा के बीच दिल्ली-बहरोड़ हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर के लिए लागत बंटवारे पर सहमति बन गई है। करीब 130 किमी लंबे इस कॉरिडोर के बनने पर दिल्ली से बहरोड़ सिर्फ डेढ़ घंटे में पहुंचा जा सकेगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • दिल्ली से बहरोड़ हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर की लागत बंटवारे पर राजस्थान और हरियाणा में सहमति।
  • 130 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में पहले चरण में 19 में से 3 स्टेशन राजस्थान में प्रस्तावित।
  • इस कॉरिडोर में ट्रेन की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
  • नीमराना, बहरोड़ और जापानी जोन औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा सीधा फायदा।
  • पहले चरण में कॉरिडोर बहरोड़ तक बनेगा, भविष्य में अलवर तक विस्तार की योजना।

Jaipur: दिल्ली से राजस्थान के बहरोड़ तक बनने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी आरआरटीएस कॉरिडोर को लेकर बड़ी खबर आई है। राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच लागत बंटवारे पर सहमति बन गई है।



इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर दिल्ली के सराय काले खां से बहरोड़ तक की दूरी करीब डेढ़ घंटे में तय होगी। 130 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 19 स्टेशन बनेंगे, जिनमें राजस्थान में 3 स्टेशन प्रस्तावित हैं। नीमराना, बहरोड़ और जापानी जोन जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को इससे सीधा फायदा मिलेगा।



लागत बंटवारे पर बनी सहमति

अब तक इस प्रोजेक्ट में राजस्थान और हरियाणा के बीच खर्च बंटवारे का मुद्दा अटका हुआ था। अब इस पर सहमति बन गई है।



बावल से राजस्थान सीमा तक के हिस्से की लागत का 50 प्रतिशत हरियाणा सरकार वहन करेगी। राजस्थान सीमा से बहरोड़ तक के हिस्से की पूरी लागत राजस्थान सरकार और उसकी एजेंसियां उठाएंगी।



पहले चरण में बहरोड़ तक बनेगा कॉरिडोर

पहले चरण में इस कॉरिडोर का निर्माण बहरोड़ तक किया जाएगा। आगे चलकर यह कॉरिडोर अलवर तक बढ़ाने की भी योजना है।



क्या है आरआरटीएस

आरआरटीएस यानी रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम एक अत्याधुनिक सेमी-हाई स्पीड इंटरसिटी रेल प्रणाली है। इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर के विभिन्न शहरों के बीच तेज और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए विकसित किया जा रहा है। मौजूदा मेट्रो की तुलना में यह ट्रेन करीब तीन गुना अधिक गति से चलेगी।



160 किमी प्रति घंटा होगी रफ्तार

ट्रेन की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। प्रस्तावित कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 196 किलोमीटर है। पहले चरण में 130 किलोमीटर का हिस्सा बनाया जाएगा।



राजस्थान में 3 स्टेशन

इस कॉरिडोर में राजस्थान के तीन स्टेशन प्रस्तावित हैं - शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ (एसएनबी), नीमराना और बहरोड़। पूरे कॉरिडोर में कुल 19 स्टेशन बनेंगे। यह कॉरिडोर दिल्ली, गुरुग्राम, एसएनबी और अलवर को जोड़ेगा।



औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा फायदा

यह प्रोजेक्ट शाहजहांपुर, नीमराना, बहरोड़, जापानी जोन, घीलोठ और केबीएनआईआर (KBNIR – Korea-based New Industrial Region) जैसे प्रमुख औद्योगिक इलाकों के लिए खासा फायदेमंद होगा। बेहतर परिवहन से इन इलाकों में उद्योगों की गतिविधियां बढ़ेंगी। निवेश और रोजगार के नए मौके मिलेंगे।



FAQ

  1. RRTS और मेट्रो में क्या फर्क है?
    आरआरटीएस सेमी-हाई स्पीड इंटरसिटी ट्रेन है जो मेट्रो की तुलना में करीब तीन गुना तेज चलती है। इसकी अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह लंबी दूरी के शहरों के बीच तेज और सस्ता परिवहन उपलब्ध कराती है।
  2. RRTS से दिल्ली से बहरोड़ कितने समय में पहुंचा जा सकेगा?
    प्रोजेक्ट पूरा होने पर दिल्ली के सराय काले खां से बहरोड़ तक की दूरी करीब डेढ़ घंटे यानी 90 मिनट में तय होगी। अभी इस दूरी को तय करने में काफी अधिक समय लगता है।
  3. राजस्थान में RRTS के कौन-कौन से स्टेशन बनेंगे?
    राजस्थान में तीन स्टेशन प्रस्तावित हैं - शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़, नीमराना और बहरोड़। ये सभी अलवर जिले के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित हैं।

ये खबर भी पढे़:-

एयर इंडिया ने लंदन से लौटी छात्रा से की गलत वसूली, कोर्ट ने लगा दिया हर्जाना



फोन पर लेनदेन और लैब रिपोर्ट मैनेज की सेटिंग, ACB के हाथ लगी बातचीत



जयपुर में पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, 8 लोगों की मौत



जिस अधिकारी को दिया आशीर्वाद, वो ही ढूंढ रहा है महंत देवानंद का कातिल



Tags:
  • राजस्थान सरकार
  • हरियाणा सरकार
  • हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर
  • आरआरटीएस
  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र