कार पर चतुर्थ श्रेणी पट्टी देख दंग रह गए आलोक राज, बोले- 15 साल बाद आई मेरी गाड़ी
ऐसे समझें पूरा मामला
- आरएसएसबी अध्यक्ष आलोक राज ने शेयर की वायरल वीडियो वाली पोस्ट।
- वीडियो में एक कार पर लिखा है-चतुर्थ श्रेणी अधिकारी। बगल में एक युवक खड़ा है।
- आलोक राज ने युवा को बधाई दी, साथ ही दौर के बदलाव पर टिप्पणी भी लिखी।
- उन्होंने लिखा कि 15 साल की सर्विस के बाद उनके पास एक नई कार आई।
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नियुक्ति मिल रही है। संभवत: यह कार भी उन्हीं में से एक की।
Jaipur: सोशल मीडिया की दुनिया में कब कौन सी तस्वीर या वीडियो चर्चा में जाए, कहा नहीं जा सकता। इन दिनों इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसने न सिर्फ आम लोगों का, बल्कि प्रशासनिक गलियारों का ध्यान खींचा है।
वायरल वीडियो में एक युवक अपनी नई-नवेली कार के साथ खड़ा दिख रहा है। गले में नोटों की माला पहने इस युवक की खुशी का ठिकाना नहीं है। तस्वीर में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह है कि कार के ऊपर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है-चतुर्थ श्रेणी अधिकारी। साथ में नाम लिखा है अरूब कुमार सैमल।
सरकारी नौकरी मिलने के जश्न पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) चेयरमैन आलोक राज की नजर पड़ी तो वे भी खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए युवा को बधाई तो दी ही, साथ ही दौर के बदलाव पर एक टिप्पणी भी लिखी।
15 साल की सर्विस के बाद खरीदी पहली नई कार
आरएसएसबी अध्यक्ष आलोक राज ने वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए अपने शुरुआती दिनों की यादें साझा कीं। उन्होंने लिखा कि समय कितनी तेजी से बदल गया है।
उन्होंने बताया, मैंने साल 1983 में भारतीय सेना में बतौर सेकेंड लेफ्टिनेंट जॉइन किया था। नौकरी लगने पर सबसे पहले मैंने एक सूटकेस खरीदा। फिर फिलिप्स का एक ट्रांजिस्टर लिया।
इसके बाद धीरे-धीरे साइकिल, फिर मोटरसाइकिल और फिर सेकंड हैंड फिएट कार ली। 15 साल की लंबी सर्विस के बाद कहीं जाकर मैं अपनी पहली नई कार खरीद सका था।
आलोक राज की इस पोस्ट से झलकता है कि पहले और आज के दौर में युवाओं की प्राथमिकताओं में कितना बड़ा बदलाव आया है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी दिलचस्प बहस
आलोक राज की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है। कई यूज़र्स का मानना है कि खुशी का कोई दर्जा नहीं होता। सरकारी नौकरी चाहे चपरासी की हो या किसी बड़े अधिकारी की, मेहनत से मिली सफलता का जश्न मनाना हर किसी का हक है।
एक वर्ग का कहना है, आज के दौर में सरकारी नौकरी हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। पद चाहे जो हो, आत्मसम्मान और वित्तीय स्थिरता सबसे ज्यादा मायने रखती है।
दूसरे वर्ग का मानना है, यह बदलते भारत की तस्वीर है, जहां आज का युवा अपनी पहली ही उपलब्धि को बड़े स्तर पर सेलिब्रेट करने में संकोच नहीं करता।
क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?
हालांकि, इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पहनावे के अंदाजे से यह वीडियो पूर्वी राजस्थान के किसी इलाके का प्रतीत हो रहा है।
हाल ही में आरएसएसबी द्वारा चयनित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे जा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि यह वीडियो इन्हीं नव-चयनित कर्मचारियों में से किसी एक का है।
चतुर्थ श्रेणी अधिकारी लिखी इस चमचमाती कार और आलोक राज के संस्मरण ने इंटरनेट पर लोगों को सोचने का खास मौका जरूर दे दिया है।
शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का काम
दो साल मिलेंगे 12600 रुपए
राज्य सरकार के आदेश के अनुसार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को दो साल तक 12600 तक रुपए प्रति माह वेतन मिलेगा। यह अवधि परिवीक्षण काल के रूप में मानी जाएगी। इसके बाद नियमित होने पर शुरुआती वेतन प्रतिमाह 18 हजार रुपए होगा।
अबतक 54 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की सीधी भर्ती
आरएसएसबी ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीधी भर्ती के तहत कुल 53,749 पदों के लिए संशोधित अंतिम परिणाम और चयन सूची घोषित की है। चयनितों को अब शिक्षा समेत विभिन्न विभागों में नियुक्ति दी जा रही है। सरकारी नौकरी मिलने की खुशी में कई जगह जश्न मनाए जाने की सूचना है।
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