1100 साल पुराने मठ में महंत की धारदार हथियार से हत्या, पुलिस जांच में जुटी
News In Short
- कोटा के चंद्रसेल मठ में युवा संत देवानंद की धारदार हथियार से हत्या।
- घटना शुक्रवार रात संत के कक्ष में हुई, पीठ और कंधे पर कई घाव।
- मंदिर ट्रस्ट ने दूसरे संत नंदनवन पर शक जताया, पुलिस कर रही पूछताछ।
- एफएसएल, डॉग स्क्वायड और एमओबी टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए।
- संत देवानंद युवा थे और सत्संग के शौकीन थे, कई जगह प्रवास करते थे।
News In Detail
कोटा शहर के प्राचीन और ऐतिहासिक चंद्रसेल महादेव मठ में एक युवा संत की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। अज्ञात आरोपी ने शुक्रवार रात को संत के कक्ष में घुसकर धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इस पूरे मामले में दूसरे संत पर शक जताया जा रहा है, जिसे पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
संत देवानंद की हत्या
SP तेजस्विनी गौतम ने बताया कि घटना में संत देवानंद की धारदार हथियार से हत्या की गई है। संत के कक्ष में खून बिखरा हुआ था और उनके शरीर पर कई गहरे घाव थे।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में शिफ्ट कर दिया है। प्राथमिक जांच के अनुसार संत देवानंद पर पीठ की तरफ से हमला किया गया है, जिसके कारण कंधे और पीठ पर कई घाव हैं।
दूसरे संत पर शक
मंदिर ट्रस्ट के लोगों ने दूसरे साधु नंदनवन पर शक जताया है। आरोप है कि नंदनवन देवानंद से ईर्ष्या रखते थे, इसीलिए यह घटनाक्रम उनकी ओर से किया जा सकता है। इसी के चलते साधु नंदनवन को पुलिस ने डिटेन कर थाने में रखा है और उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, मामले में अज्ञात आरोपी मानते हुए अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलने पर एसपी तेजस्विनी गौतम, एडिशनल एसपी सुभाष चंद्र मिश्रा, डीसीपी पंचम रुद्र प्रकाश शर्मा, थानाधिकारी अनिल ट्रेलर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीसीपी रुद्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि सूचना के बाद आला पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक संत की मौत हो चुकी थी।
साक्ष्य एकत्र किए गए
मौके पर एफएसएल, एमओबी व डॉग स्क्वायड टीमों को बुलाया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से खून के धब्बे, हथियार के निशान और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। डॉग स्क्वायड ने भी मौके पर जांच की। पुलिस का कहना है कि संभवतः यह एक व्यक्ति का काम नहीं है, क्योंकि हमले के तरीके और घावों की संख्या से ऐसा लगता है कि एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं।
युवा संत थे देवानंद, भक्ति में रहते थे लीन
चंद्रसेल महादेव मठ मेला समिति के संयोजक दीनदयाल ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी, जिसके बाद रात 11:30 बजे वे भी मंदिर पहुंच गए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद चंद्रसेल गांव और आसपास के बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए थे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से ग्रामीण सन्न रह गए हैं।
संत देवानंद युवा थे और कई जगहों पर प्रवास करते थे। बीते कुछ दिनों से वे यहां पर रुके हुए थे। उन्हें सत्संग का काफी शौक था और वे भजन काफी अच्छे गाते थे, इसीलिए वे आए दिन कहीं न कहीं कार्यक्रमों में व्यस्त रहते थे। उनकी इस हत्या से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
अब क्या?
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। संत देवानंद के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने हिरासत में लिए गए संत नंदनवन से पूछताछ जारी रखी है।
साथ ही, आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि अनुसंधान के बाद ही इस मामले में कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है। फिलहाल हत्यारों की तलाश जारी है और पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
FAQ
- चंद्रेसल मठ कहां स्थित है?
चंद्रेसल मठ (चंद्रेश्वर मठ) राजस्थान के कोटा जिले के लाडपुरा क्षेत्र में चंद्रलोई नदी के किनारे स्थित एक अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक शिव मंदिर व धार्मिक स्थल है। यह स्थान अपने 1100 साल पुराने इतिहास, अद्वितीय वास्तुकला और पास में स्थित मगरमच्छों के प्राकृतिक आवास (Crocodile Zone) के लिए प्रसिद्ध है।
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