सांगानेर स्कूल विवाद पर बालमुकुंद आचार्य बड़ा बयान, यह ग्रामीणों का अपना फैसला था
समझें क्या है पूरा मामला
- CJP विवाद पर सरकार का आया पक्ष।
- बालमुकुंद आचार्य बोले, ग्रामीणों का फैसला।
- मदन दिलावर ने ग्रामीणों को दी बधाई।
- सरकार ने स्कूल सुधार का किया दावा।
- स्कूल एंट्री विवाद पर सियासत तेज।
सांगानेर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सीजेपी टीम के निरीक्षण के दौरान हुए विवाद पर अब सरकार का पक्ष सामने आया है। हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि यह ग्रामीणों का अपना फैसला था। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी ग्रामीणों को बधाई दी है। दोनों नेताओं ने राजस्थान के सरकारी स्कूलों में सुधार का दावा किया है।
आचार्य बोले, यह ग्रामीणों का आंतरिक मामला
सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और विरोध को लेकर पूछे जाने पर बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि उन्हें जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक गांव के लोगों ने खुद सीजेपी नेताओं का बहिष्कार किया है और उन्हें अपने इलाके में प्रवेश करने से साफ मना कर दिया। उन्होंने इसे पूरी तरह ग्रामीणों और उनके गांव का आंतरिक मामला बताया।
आचार्य ने कहा कि पहले की तुलना में अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों की हालत में बहुत बड़ा और सकारात्मक सुधार आया है। उनके मुताबिक जब से राजस्थान में भाजपा सरकार आई है, सभी विधानसभा क्षेत्रों में बेहतरीन काम हुआ है, जिसमें स्कूलों के नए भवनों का निर्माण भी प्रमुखता से शामिल है।
कमी मिलने पर तुरंत शुरू होता है काम: आचार्य
आचार्य ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सब कुछ एकदम सही है, लेकिन सुधार बहुत तेजी से हुआ है। उनके मुताबिक अगर किसी क्षेत्र में किसी वजह से स्कूल भवन का निर्माण कार्य अटका या रुका हुआ है, तो मामला संज्ञान में आते ही तुरंत प्रभाव से काम शुरू करवा दिया जाता है।
शिक्षा मंत्री दिलावर बोले, बच्चों की सुरक्षा जरूरी
इस मामले पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का भी बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के सभी निवासियों से वे कहना चाहते हैं कि हमारे बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और वे बेहतरीन शिक्षा के हकदार हैं। उनके मुताबिक राजस्थान सरकार गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा देने के लिए प्रयासरत है और इस प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। दिलावर ने कहा कि स्कूलों की रक्षा करना जरूरी है, ताकि बच्चों को कोई शारीरिक नुकसान न पहुंचे और वे पूरी तरह सुरक्षित रहें।
गांव वालों को दी बधाई
शिक्षा मंत्री ने कहा कि गांव वालों ने अपने स्कूल की सुरक्षा की है और इसके लिए वे उन्हें बधाई देते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी को किसी उचित और जायज कारण से स्कूल जाना है, तो उन्हें संस्था प्रधान से अनुमति लेनी चाहिए। दिलावर के मुताबिक संस्था प्रधान को जो उचित लगेगा, वे उसकी अनुमति देंगे।
विवाद पर सरकार का साफ रुख
इस पूरे मामले में अब सत्तापक्ष का रुख साफ हो गया है। विधायक और शिक्षा मंत्री दोनों ने ग्रामीणों के फैसले को सही ठहराया है और स्कूलों की स्थिति में सुधार का दावा किया है। हालांकि विपक्षी संगठनों और सीजेपी की ओर से इस मामले में आगे भी प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
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