वन मंत्री संजय शर्मा अपनी सरकार के खिलाफ धरने पर, जूली बोले- अफसरशाही हावी
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए।
- मामला 2012 की भर्ती के सफाई कर्मियों की नियुक्ति से जुड़ा है।
- मंत्री ने अलवर नगर निगम दफ्तर में अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई।
- कांग्रेस ने इसे भजनलाल सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा बना लिया है।
- 20 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र में भी यह मामला उठ सकता।
राजस्थान सरकार के वन मंत्री संजय शर्मा के धरने ने भजनलाल सरकार के लिए नई मुश्किल खड़ी कर दी। बुधवार को वन मंत्री अलवर नगर निगम कार्यालय में धरने पर बैठ गए। वजह थी 2012 की भर्ती वाले सफाई कर्मियों को अब तक नियुक्ति न मिलना। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर की।
वन मंत्री संजय शर्मा के इस कदम से यह संदेश गया कि सरकार में मंत्रियों की बात भी अधिकारी नहीं सुन रहे। इस मुद्दे को विपक्ष ने लपक लिया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
टीकाराम जूली ने वन मंत्री के धरने को लेकर साधा निशाना
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने वन मंत्री संजय शर्मा के धरने का वीडियो अपने एक्स (X) अकाउंट पर शेयर किया। उन्होंने कहा कि अलवर में सरकार की असली तस्वीर सामने आ गई। जूली के मुताबिक, सफाई कर्मियों को अब तक नियुक्ति पत्र तक नहीं मिले।
जूली ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई है। उनका कहना था कि जिला कलेक्टर से बात करने के बावजूद अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस वजह से मंत्री को घरने पर बैठना पड़ा।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि जब सरकार का अपना मंत्री ही इंसाफ के लिए भटक रहा है, तो आम जनता को न्याय मिलने की उम्मीद कैसे की जाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार अफसरशाही के भरोसे चल रही है।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने मुख्यमंत्री से मांगा जवाब
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि सरकार के खिलाफ विधायक और मंत्री पहले भी बयान दे चुके। उन्होंने बताया कि जिस आयुक्त के खिलाफ मंत्री धरने पर बैठे, उसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद अपने गृह जिले लेकर गए थे।
जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल को इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जल्द अलवर आने वाले हैं, उन्हें भी वहां के हालात देखने चाहिए।
पीसीसी चीफ डोटासरा ने भी राजस्थान सरकार को घेरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने भी इस मुद्दे पर अपने एक्स अकाउंट से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब सरकार का मंत्री ही अपनी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ जाए, तो इससे भ्रष्टाचार की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार में ब्यूरोक्रेसी इतनी हावी है कि मंत्रियों तक की बात नहीं सुनी जा रही। उन्होंने यह भी कहा कि विधायकों को भी तवज्जो नहीं दी जा रही और अदालत के आदेशों की भी अनदेखी हो रही है।
उन्होंने बताया कि कोर्ट का आदेश के बावजूद सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति नहीं मिल पाई है। कई अभ्यर्थी सालों पुरानी भर्ती प्रोसेस में कोर्ट से जीतने के बावजूद अब तक नियुक्ति का इंतजार कर रहे।
मानसून सूत्र में कांग्रेस उठाएगी मुद्दा
राजस्थान कांग्रेस इस मामले को आगामी विधानसभा सत्र में भी उठाने की तैयारी में है। मानसून सत्र 20 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। विपक्ष का मानना है कि मंत्री के धरने ने सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह पूरा घटनाक्रम आने वाले दिनों में राजस्थान की सियासत में अहम मुद्दा बन सकता है। खासकर अलवर की स्थानीय राजनीति पर इसका सीधा असर देखा जा रहा है।
FAQ
- राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा किस मुद्दे पर धरने पर बैठे?
मंत्री संजय शर्मा 2012 की भर्ती वाले सफाई कर्मियों को नियुक्ति न मिलने से नाराज होकर अलवर नगर निगम दफ्तर में धरने पर बैठे। उन्होंने कलेक्टर और आयुक्त पर आरोप लगाए। - राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने क्या कहा?
टीकाराम जूली ने कहा कि भाजपा सरकार में प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह चरमरा गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले पर जवाब मांगा। - यह मुद्दा राजस्थान विधानसभा में कब उठाया जाएगा?
कांग्रेस इस मुद्दे को 20 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा मानसून सत्र में उठाने की तैयारी में है।
यह खबरें भी पढ़ें...
अमित शाह के दौरे से पहले अलवर में विवाद, कलेक्टर के खिलाफ धरने पर मंत्री संजय शर्मा
मंत्री संजय शर्मा को रास नहीं आ रहा सीकर, बैठक से मीडियाकर्मियों को किया बाहर
मेवाराम-हरीश चौधरी खेमे में टकराव, कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा बोले- मनमुटाव करेंगे ठीक
...तो मैं मुख्यमंत्री के घर का घेराव करूंगा, क्यों नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा ऐसा?